हंसल मेहता के खिलाफ दर्ज कराएंगे रिपोर्ट
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अलीगढ़ मुसलिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट एक्शन कमेटी के छात्र नेता शिकोह और फहीम अख्तर ने कहा है कि दीक्षांत समारोह के समापन के बाद रविवार को ‘अलीगढ़’ फिल्म के निर्देशक हंसल मेहता के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। हंसल मेहता इस तरह से पूरे अलीगढ़ की बदनामी नहीं कर सकते हैं। उन्हें गे स्कैंडल पर बनी फिल्म ‘अलीगढ़’ का नाम कुछ और रखना चाहिए था। ये नाम सही नहीं है क्योंकि इससे अलीगढ़ शहर, अलीगढ़ मुसलिम यूनिवर्सिटी और यहां के लाखों लोगों की बदनामी हुई है। जबकि हकीकत में ये शहर शेर ओ शायरी, अदब, तहजीब, तालीम, गजल, ऐतिहासिक फिल्म उमरावजान में शहरयार की गजलों, नीरज के गीतों, ताला, हार्डवेयर और विश्वस्तरीय पढ़ाई के लिए जाना जाता है।
छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष मसूद उल हसन ने कहा है कि गे होना एक अपराध है। इसको बढ़ावा नहीं देना चाहिए। फिल्में समाज को सही दिशा में ले जाने का काम करें तो बेहतर है। हम इस तरह की फिल्मों का विरोध करते हैं। जनसंपर्क विभाग के सलाहकार डा. राहत अबरार ने कहा है कि प्रो. सिरास एक गे थे, उनके रिक्शे वाले संबंध थे। जिसका मीडिया ने स्टिंग किया था, ये बात सभी जानते हैं।
अलीगढ़ को ‘अलीगढ़’ का इंतजार एएमयू प्रोफेसर रहे श्रीनिवास रामचंद्र सिरास पर बनी निदेशक हंसल मेहता की बहुचर्चित फिल्म ‘अलीगढ़’ का अलीगढ़ के दर्शकों को इंतजार ही रह गया। शुक्रवार 26 फरवरी को रीलीज हुई यह फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स एवं सिनेमा संचालकों के बीच कांट्रेक्ट न हो पाने के कारण अलीगढ़ के सिनेमा हॉलों में नहीं दिखाई जा रही है। दरअसल, डिस्ट्रीब्यूटर इस सप्ताह आई कामेडी फिल्म तेरे बिन लादेन, हांटेड रिसोर्ट, गाड आफ इजिप्ट और नीरजा जैसी बड़ी फिल्मों के मुकाबले ‘अलीगढ़’ के लिये ज्यादा खर्च को तैयार नहीं दिखे। मनोरंजन कर अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि एक मल्टीप्लेक्स, पांच सिंगल स्क्रीन सिनेमा वाले शहर में ‘अलीगढ़’ की रिलीज फिलहाल टाल दी गई नहीं लगी है। वहीं दर्शकों की मानें तो एएमयू छात्रों के विरोध के डर में कोई इस फिल्म को नहीं लगाया गया है।