अलीगढ़ : एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने चौ. ऋषिपाल सिंह को घोषित किया प्रत्याशी
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव मुख्यालय अरुण कुमार सिंह की ओर से शनिवार दोपहर प्रदेश की 30 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इनमें अलीगढ़-हाथरस सीट पर प्रत्याशी के रूप में भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह का नाम शामिल है।
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कई दिनों से चल रहे मंथन और पैरोकारी के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अलीगढ़-हाथरस स्थानीय निकाय विधान परिषद सीट पर प्रत्याशी घोषित कर दिया है। पार्टी ने जाट चेहरा मौजूदा जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह पर दांव खेला है।
इस घोषणा के बाद एक वर्ग में खुशी का माहौल है, जबकि पार्टी के दूसरे खेमे में मायूसी छा गई है। हालांकि, पार्टी स्तर से प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं और सोमवार को नामांकन तय माना जा रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव मुख्यालय अरुण कुमार सिंह की ओर से शनिवार दोपहर प्रदेश की 30 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इनमें अलीगढ़-हाथरस सीट पर प्रत्याशी के रूप में भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष चौ.ऋषिपाल सिंह का नाम शामिल है। खुद जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए पार्टी का आभार जताया है।
ऋषिपाल सिंह का कहना है कि पार्टी ने मुझ जैसे छोटे से कार्यकर्ता को यह सम्मान देकर बहुत बड़ा एहसान किया है। रहा सवाल चुनाव लड़ने का तो पार्टी ने जिम्मेदारी सौंपी है। इस सीट को दोनों जनपदों के पूरे संगठन और दोनों जिलों के कार्यकर्ता, नेताओं, पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जीतकर पार्टी की झोली में डाला जाएगा।
44 वर्ष से संघ व भाजपा से जुड़े हैं ऋषिपाल
मूल रूप से अतरौली क्षेत्र के गांव भाऊपुर के रहने वाले चौ. ऋषिपाल सिंह वर्तमान में अतरौली के कस्बा खेरापतान में परिवार के साथ रहते हैं। वहीं पर उनका मसालों का व्यापार है। ऋषिपाल सिंह बताते हैं कि वे 1978 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा से जुड़े हैं। शुरुआत में संघ से जुड़कर स्वयंसेवक के रूप में काम किया। फिर 1989 से 1996 तक वे संघ के प्रचारक रहे और 1997 से 2010 तक संघ के जिला कार्यवाह भी रहे। दो बार वे भाजपा में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और एक बार भाजपा जिला महामंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
अब नवंबर 2019 से वे भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके अलावा, वे 2017 के विधानसभा व निकाय चुनाव में आगरा जनपद प्रभारी रह चुके हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में मथुरा जनपद प्रभारी रह चुके हैं।
सातों सीटों पर वापसी दिलाने का तोहफा
पार्टी में वैसे तो कई नाम इस सीट पर टिकट के लिए दावेदारी कर रहे थे, जिनमें कुछ संगठन के पुराने चेहरे व कुछ नए चेहरे थे। इसके अलावा कुछ नाम ऐसे भी थे, जिन्हें संगठन के कुछ लोग आगे बढ़ा रहे थे। मगर माना जा रहा है कि पार्टी ने जिले में हाल के विधानसभा चुनाव में सातों सीटों पर वापसी दिलाने वाले जिलाध्यक्ष को यह तोहफा दिया है। पार्टी में अंदर एक लॉबी ने भी ऋषिपाल सिंह के नाम को बढ़ाया था।
कृपाल सिंह के बाद ऋषिपाल सिंह
इसे इत्तफाक ही कहा जाएगा कि भाजपा ने अतरौली क्षेत्र के रहने वाले कृपाल सिंह को प्रत्याशी घोषित कर एमएलसी का चुनाव लड़ाया था, अब अतरौली क्षेत्र के ही ऋषिपाल को चुनाव लड़ाना तय किया है। इस बीच के चुनाव में दो बार लोकदल अध्यक्ष चौ. सुनील सिंह को भाजपा समर्थन देकर चुनाव लड़ा चुकी है।
पार्टी में अनुशासनहीनता कार्रवाई झेल चुके हैं ऋषिपाल
पार्टी के पुराने जानकारों के अनुसार ऋषिपाल सिंह जिस समय जिलाध्यक्ष मीना कुमारी वाली टीम में भाजपा जिला महामंत्री थे, उस समय उन पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई हुई थी। हालांकि बाद में जांच कमेटी ने कार्रवाई को वापस लिया था।
..तो इस चुनाव में सपा से है सीधी टक्कर
अभी तक राजनीतिक दलों के स्तर से समाजवादी पार्टी ने मौजूदा एमएलसी जसवंत सिंह यादव क अपना प्रत्याशी बनाया है। पूर्व में एमएलसी रह चुके लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह खुद की दावेदारी कर रहे हैं। उनके स्तर से लगातार तैयारियां की जा रही हैं। इसके अलावा कुछ निर्दलीयों ने भी नामांकन पत्र खरीदा है। इस समीकरण के अनुसार भाजपा प्रत्याशी को अभी तक सपा से ही सीधा मुकाबला माना जा रहा है।