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अलीगढ़ : छोटी-छोटी बातों पर खो रहे हैं आपा, ले रहे जान
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संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़। यह घटनाएं तो महज कुछ उदाहरण हैं। लोग छोटी-छोटी बातों पर एक- दूसरे का खून बहा रहे हैं। इसके पीछे की वजह है धैर्य और सहनशीलता की कमी। घर से लेकर सड़क तक ऐसी वारदातें देखने को मिल रही है। कहीं सिगरेट पीने से मना करने पर, तो कहीं कार पार्क करने में कहासुनी होने पर लोग जान ले रहे हैं। कहीं कार ओवरटेक करने को लेकर लोगों पर हमले हो रहे हैं तो कहीं नाली के मामूली विवाद में दंपती को बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला जा रहा है। पिछले छह महीने में ही करीब 17 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जरा सी बात को लेकर हत्या हो गई है। समाज में बदलते परिवेश का बुरा असर रिश्तों पर भी दिखाई दे रहा है। इन घटनाओं से रिश्तों में दूरियां बढ़ने के साथ ही आपसी मनमुटाव भी पैदा हो रहा है। हाल के दिनों में कई घटनाएं ऐसी हुईं जिसने लोगों को दहला दिया। हत्या की इन गुत्थियों को सुलझाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए।
खुलासे में अपने ही निकले हत्यारे
धन और जमीन के लालच में रिश्तों का कत्ल इस साल छह महीनों में ही जिले में 15 से अधिक हत्या के ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनमें कहीं न कहीं हत्यारा कोई ‘अपना’ ही सामने आया है। इसके पीछे कहीं संपत्ति, तो कहीं संबंधों की उलझन के चलते कभी बेटा मां या पिता का कत्ल कर रहा है, तो कहीं जमीन हथियाने के लिए भाई ही भाई के लहू का प्यासा नजर आया। करीबी रिश्तेदार भी अपनों का खून बहाने में पीछे नहीं हैं। धन और जमीन के लालच में रिश्तों का कत्ल करने से भी लोगों को अब डर नहीं है।
जिले में पिछले कई महीनों में लोगों की हत्या हुई। हत्यारे पकड़े भी गए। अधिकांश घटनाओं में हत्यारे उनके रिश्तेदार या करीबी ही निकले। संपत्ति का लोभ, अवैध संबंध, अंधविश्वास के चक्कर में लोगों ने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया।
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- कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी
पहले जहां लोगों को परिवार के महत्व के बारे में समझाया जाता था, लेकिन अब पश्चिमी संस्कृति के तहत बदलाव आ रहा है। पहले बड़ा और संयुक्त परिवार हुआ करता था, जिसमें बड़ों के प्यार के साथ-साथ लड़ाई भी हुआ करती थी। फिर भी सभी के अंदर सहनशीलता और सामंजस्य बने रहते थे। अब संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं और अकेलापन आ रहा है। इससे लोग छोटी-छोटी बातों पर आपा खो दे रहे हैं।
- डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक टीआर कन्या महाविद्यालय
केस नं - एक
10 जनवरी, 2022 को महानगर के थाना सिविल लाइंस में सफाई कर्मी की सिक्योरिटी गार्ड ने कहासुनी के बाद गोली मारकर हत्या कर दी।
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केस नं - दो
- चार अप्रैल, 2022 को इगलास क्षेत्र के नगला मोहन में गांव में किसान पदम सिंह की 15 बीघा जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या।
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केस नं- तीन
06 जून, 2022 को गोंडा के गांव सरकोरिया में रुपयों के लेन-देन के विवाद में मनोज कुमार की गोली मारकर हत्या ।
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केस नं - चार
- 11 जून, 2022 को थाना गोंडा क्षेत्र के चिंता की नगलिया निवासी देंवेंद्र कुमार की रंजिश में ट्यूबवेल पर पीट-पीटकर हत्या।
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अलीगढ़। यह घटनाएं तो महज कुछ उदाहरण हैं। लोग छोटी-छोटी बातों पर एक- दूसरे का खून बहा रहे हैं। इसके पीछे की वजह है धैर्य और सहनशीलता की कमी। घर से लेकर सड़क तक ऐसी वारदातें देखने को मिल रही है। कहीं सिगरेट पीने से मना करने पर, तो कहीं कार पार्क करने में कहासुनी होने पर लोग जान ले रहे हैं। कहीं कार ओवरटेक करने को लेकर लोगों पर हमले हो रहे हैं तो कहीं नाली के मामूली विवाद में दंपती को बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला जा रहा है। पिछले छह महीने में ही करीब 17 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जरा सी बात को लेकर हत्या हो गई है। समाज में बदलते परिवेश का बुरा असर रिश्तों पर भी दिखाई दे रहा है। इन घटनाओं से रिश्तों में दूरियां बढ़ने के साथ ही आपसी मनमुटाव भी पैदा हो रहा है। हाल के दिनों में कई घटनाएं ऐसी हुईं जिसने लोगों को दहला दिया। हत्या की इन गुत्थियों को सुलझाने में पुलिस के भी पसीने छूट गए।
खुलासे में अपने ही निकले हत्यारे
धन और जमीन के लालच में रिश्तों का कत्ल इस साल छह महीनों में ही जिले में 15 से अधिक हत्या के ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनमें कहीं न कहीं हत्यारा कोई ‘अपना’ ही सामने आया है। इसके पीछे कहीं संपत्ति, तो कहीं संबंधों की उलझन के चलते कभी बेटा मां या पिता का कत्ल कर रहा है, तो कहीं जमीन हथियाने के लिए भाई ही भाई के लहू का प्यासा नजर आया। करीबी रिश्तेदार भी अपनों का खून बहाने में पीछे नहीं हैं। धन और जमीन के लालच में रिश्तों का कत्ल करने से भी लोगों को अब डर नहीं है।
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जिले में पिछले कई महीनों में लोगों की हत्या हुई। हत्यारे पकड़े भी गए। अधिकांश घटनाओं में हत्यारे उनके रिश्तेदार या करीबी ही निकले। संपत्ति का लोभ, अवैध संबंध, अंधविश्वास के चक्कर में लोगों ने रिश्तों का ही कत्ल कर दिया।
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- कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी
पहले जहां लोगों को परिवार के महत्व के बारे में समझाया जाता था, लेकिन अब पश्चिमी संस्कृति के तहत बदलाव आ रहा है। पहले बड़ा और संयुक्त परिवार हुआ करता था, जिसमें बड़ों के प्यार के साथ-साथ लड़ाई भी हुआ करती थी। फिर भी सभी के अंदर सहनशीलता और सामंजस्य बने रहते थे। अब संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं और अकेलापन आ रहा है। इससे लोग छोटी-छोटी बातों पर आपा खो दे रहे हैं।
- डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक टीआर कन्या महाविद्यालय
केस नं - एक
10 जनवरी, 2022 को महानगर के थाना सिविल लाइंस में सफाई कर्मी की सिक्योरिटी गार्ड ने कहासुनी के बाद गोली मारकर हत्या कर दी।
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केस नं - दो
- चार अप्रैल, 2022 को इगलास क्षेत्र के नगला मोहन में गांव में किसान पदम सिंह की 15 बीघा जमीन के विवाद में गोली मारकर हत्या।
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केस नं- तीन
06 जून, 2022 को गोंडा के गांव सरकोरिया में रुपयों के लेन-देन के विवाद में मनोज कुमार की गोली मारकर हत्या ।
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केस नं - चार
- 11 जून, 2022 को थाना गोंडा क्षेत्र के चिंता की नगलिया निवासी देंवेंद्र कुमार की रंजिश में ट्यूबवेल पर पीट-पीटकर हत्या।