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अमर उजाला अभियान शिक्षा : ऑफलाइन से बदली पढ़ाई की लाइफ लाइन, जीवन में भी आया बदलाव
Fri, 25 Mar 2022 12:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 12:16 AM IST
सार
स्कूल खुलने के साथ ही ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। इससे पढ़ाई की लाइफ लाइन बदल गई, जिसका इंतजार दो साल से था। स्कूल खुलते ही ऑनलाइन पढ़ाई न करने वाले बच्चे भी ऑफलाइन पढ़ाई के लिए आ गए थे। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने मान लिया था कि यह बच्चे पढ़ाई करने नहीं आएंगे।
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शिक्षा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होते ही स्कूल खुल गए। स्कूल खुलने के साथ ही ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। इससे पढ़ाई की लाइफ लाइन बदल गई, जिसका इंतजार दो साल से था। स्कूल खुलते ही ऑनलाइन पढ़ाई न करने वाले बच्चे भी ऑफलाइन पढ़ाई के लिए आ गए थे। हालांकि, स्कूल प्रशासन ने मान लिया था कि यह बच्चे पढ़ाई करने नहीं आएंगे।
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मार्च 2020 में कोरोना के चलते शिक्षण संस्थान बंद हो गए। ऑफलाइन पढ़ाई ऑनलाइन में तब्दील हो गई। यह सिलसिला दो साल तक जारी रहा। इस महामारी में लोगों के व्यवसाय खत्म हो गए। प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों की नौकरी चली गई, जो सक्षम थे उनके बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रही।
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मगर इनमें से कुछ ऐसे भी थे, जिनकी आर्थिक ट्रेन बेपटरी हो चुकी थी और फीस चुकाने में भी असहाय थे। उनके बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं की। इससे बच्चों और अभिभावकों की मनोदशा खराब हो गई। बच्चे ड्राप आउट हो गए।
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इधर, कोरोना संक्रमण कम होता गया। बेरोजगार हो चुके अभिभावकों को रोजगार मिल गया। दो साल बाद जब स्कूल खुले तो बदली परिस्थितियों में वह बच्चे भी आ गए, जो ऑनलाइन पढ़ाई छोड़ चुके थे। रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में ऐसे ही बच्चे आए हैं। 99 फीसदी बच्चे ऑफलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही कि नए सत्र में 100 फीसदी बच्चे ऑफलाइन पढ़ाई करेंगे।
घर में रहकर स्कूल, टीचर और दोस्त सब याद आए। अब खुश हैं कि रोज स्कूल आएंगे और सबसे मिलेंगे। पढ़ाई में भी कुछ परेशानी नहीं होगी।
-कार्तिकेय बल्लभ, कक्षा 7, रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल
रिजल्ट तो अच्छा रहा, लेकिन पढ़ाई में दिक्कत आती थी। ऑफलाइन पढ़ाई में समस्याएं खत्म होंगी। दिक्कतें आसानी से क्लास में दूर कर सकते हैं।
- योशी अग्रवाल, कक्षा 9, रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल
ऑनलाइन के बाद ऑफलाइन की पढ़ाई की। ऑफलाइन की पढ़ाई ऑनलाइन से बेहतर है, लेकिन हालात ऐसे हो गए थे कि मजबूरन ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ी।
- प्रतीक, कक्षा 8, मदर्स टच स्कूल
ऑनलाइन क्लास में बच्चा इतना समझ नहीं पाता था, जितना क्लास रूम में अपने टीचर के सामने बैठकर समझ पाता था। अगर उसे कुछ समझ में नहीं आता था, तो वह पूछ लेता था, लेकिन ऑनलाइन में यह दिक्कत जरूर थी। लंबे समय बाद खुले स्कूल में यह समस्या दूर हो गई। आगे भी दूर होगी।
-रंजना यादव, अभिभावक
दो साल का कोरोना काल न सिर्फ बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण था, बल्कि यह समय विद्यालय और शिक्षकों के लिए भी चुनौतीपूर्ण था। हम कोरोना को मात दे चुके हैं। बच्चे, अभिभावक व टीचर सभी नए सत्र को लेकर उत्सुक हैं। सभी नए सत्र के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
-अंजू राठी, प्रधानाचार्या, रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल
कोरोना काल में बच्चों की मनोदशा पर असर पड़ा, क्योंकि छोटे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं समझ पा रहे थे। लेटकर मोबाइल देखने से उनकी आंखों में परेशानी आई। उनमें तनाव भी देखने को मिला। स्कूल खुलने के बाद उनमें खुशी देखने को मिली। सकारात्मक परिणाम आए हैं।
-इरशाद हुसैन, अलीगढ़ पब्लिक स्कूल