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अलीगढ़ : किशोरी की हत्या में जीजा-साले सहित तीन को उम्रकैद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
बरला क्षेत्र के 11 साल पुराने किशोरी की हत्या के मुकदमे में मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे-फास्ट ट्रैक द्वितीय की न्यायाधीश सीमा वर्मा की अदालत ने फैसला सुनाया है। इस प्रकरण में जीजा साले सहित तीन आरोपियों को उम्रकैद व जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार, घटना 19 फरवरी 2010 की है, जब गांव की 17 वर्षीय किशोरी सुबह गोबर डालने गई। फिर नहीं लौटी। जब उसकी तलाश शुरू हुई तो उसकी लाश गांव के ही व्यक्ति के खेत में पड़ी। उसके गले में उसी का दुपट्टा बंधा हुआ था। हाथ पैर बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सलवार का नाड़ा टूटा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की और पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। मामले में जांच व साक्ष्य के आधार पर गांव के ही मोनू व संजय के अलावा संजय के बहनोई महेश निवासी चोंडेरा बुलंदशहर के नाम सामने आए।
पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी की। मामले में सामने आया कि गलत नीयत से इस घटना को अंजाम दिया गया और शोरशराबे पर किसी ग्रामीण के आने के डर से ये उसकी हत्या कर भाग गए। मामले में साक्ष्य व गवाही के आधार पर न्यायालय ने तीनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं। डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार मिशन शक्ति अभियान के तहत लगातार मुकदमों में सजा हो रही हैं। इससे पहले भी सजा हो चुकी हैं।
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बरला क्षेत्र के 11 साल पुराने किशोरी की हत्या के मुकदमे में मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे-फास्ट ट्रैक द्वितीय की न्यायाधीश सीमा वर्मा की अदालत ने फैसला सुनाया है। इस प्रकरण में जीजा साले सहित तीन आरोपियों को उम्रकैद व जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार, घटना 19 फरवरी 2010 की है, जब गांव की 17 वर्षीय किशोरी सुबह गोबर डालने गई। फिर नहीं लौटी। जब उसकी तलाश शुरू हुई तो उसकी लाश गांव के ही व्यक्ति के खेत में पड़ी। उसके गले में उसी का दुपट्टा बंधा हुआ था। हाथ पैर बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सलवार का नाड़ा टूटा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की और पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। मामले में जांच व साक्ष्य के आधार पर गांव के ही मोनू व संजय के अलावा संजय के बहनोई महेश निवासी चोंडेरा बुलंदशहर के नाम सामने आए।
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पुलिस ने तीनों की गिरफ्तारी की। मामले में सामने आया कि गलत नीयत से इस घटना को अंजाम दिया गया और शोरशराबे पर किसी ग्रामीण के आने के डर से ये उसकी हत्या कर भाग गए। मामले में साक्ष्य व गवाही के आधार पर न्यायालय ने तीनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में जुर्माने में से 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं। डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार मिशन शक्ति अभियान के तहत लगातार मुकदमों में सजा हो रही हैं। इससे पहले भी सजा हो चुकी हैं।
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