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मेडिकल कॉलेज संक्रमण फैला रहा है तो डीएम उसे सील कर दें: आरडीए
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डॉक्टर हमजा मलिक, अध्यक्ष आर डी ए
- फोटो : CITY OFFICE
जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर हमजा मलिक ने प्रशासन की उस बात की निंदा की है जिसमें संक्रमण फैलने के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज को जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से अपना बयान वापस लेने की मांग की है।
डॉ. हमजा मलिक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ऐसे वायरस से लड़ाई कर रहे हैं, जिसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है। ऐसे में जिलाधिकारी और एक राजनेता का मेडिकल कॉलेज को संक्रमण फैलाने का जिम्मेदार ठहराने का बयान देना, डॉक्टरों का मनोबल तोड़ने जैसा काम है। अगर प्रशासन को ऐसा लगता है तो जेएन मेडिकल कॉलेज को सील कर देना चाहिए। लेकिन महामारी के समय इस प्रकार की बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां पर काम करने वाले हम सभी ट्रेनी डॉक्टर हैं। हम जिलाधिकारी के अधीनस्थ नहीं है। अगर उनको लगता है कि यहां पर कोई काम नहीं हो रहा है तो खुद 5-6 घंटे पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट किट पहनें। उसके बाद उनको अंदाजा हो जाएगा।
डॉ. हमजा मलिक ने मांग की कि जिलाधिकारी अपना बयान वापस लें। अगर वह बयान वापस नहीं लेते हैं तो आरडीए को फिर इस संबंध में आगे की रणनीति पर विचार करना पड़ेगा। आरडीए के सचिव डॉ. शहनवाज इकबाली और कोषाध्यक्ष डॉ. सौरभ पाठक ने भी मांग की है कि जिला प्रशासन और राजनेता ने जो आरोप लगाए हैं, उनका आधार क्या है, यह स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यहां पर कोई भी डॉक्टर न तो विदेश से आया है और न ही किसी कांफ्रेंस में भाग लेने गया था। यहां पर जो भी संक्रमण आया है, वह मरीजों के माध्यम से आया है। ऐसे में जिला प्रशासन अपनी विफलता को छिपाने के लिए मेडिकल कॉलेज पर आरोप लगा रहा है।
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डॉ. हमजा मलिक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ऐसे वायरस से लड़ाई कर रहे हैं, जिसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है। ऐसे में जिलाधिकारी और एक राजनेता का मेडिकल कॉलेज को संक्रमण फैलाने का जिम्मेदार ठहराने का बयान देना, डॉक्टरों का मनोबल तोड़ने जैसा काम है। अगर प्रशासन को ऐसा लगता है तो जेएन मेडिकल कॉलेज को सील कर देना चाहिए। लेकिन महामारी के समय इस प्रकार की बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहां पर काम करने वाले हम सभी ट्रेनी डॉक्टर हैं। हम जिलाधिकारी के अधीनस्थ नहीं है। अगर उनको लगता है कि यहां पर कोई काम नहीं हो रहा है तो खुद 5-6 घंटे पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट किट पहनें। उसके बाद उनको अंदाजा हो जाएगा।
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डॉ. हमजा मलिक ने मांग की कि जिलाधिकारी अपना बयान वापस लें। अगर वह बयान वापस नहीं लेते हैं तो आरडीए को फिर इस संबंध में आगे की रणनीति पर विचार करना पड़ेगा। आरडीए के सचिव डॉ. शहनवाज इकबाली और कोषाध्यक्ष डॉ. सौरभ पाठक ने भी मांग की है कि जिला प्रशासन और राजनेता ने जो आरोप लगाए हैं, उनका आधार क्या है, यह स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि यहां पर कोई भी डॉक्टर न तो विदेश से आया है और न ही किसी कांफ्रेंस में भाग लेने गया था। यहां पर जो भी संक्रमण आया है, वह मरीजों के माध्यम से आया है। ऐसे में जिला प्रशासन अपनी विफलता को छिपाने के लिए मेडिकल कॉलेज पर आरोप लगा रहा है।
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