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अलीगढ़: एक दिन की थानेदार बनीं जावित्री और शालू

Sun, 22 Nov 2020 12:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 12:15 AM IST
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Aligarh: Javitri and Shalu became one-day police station
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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जिला पुलिस ने शनिवार को महिला थाना और गांधी पार्क थाना में अनूठी पहल करते हुए फरियादियों को ही एक दिन का इंस्पेक्टर बना दिया और उनसे पीड़ितों की सुनवाई कराई। जनता के बीच पुलिस की छवि को सुधारने के तहत यह कदम उठाया गया। इस पहल पर एसएसपी मुनिराज ने कहा कि पुलिस कर्मियों के सामने काम के दौरान आने वाली चुनौतियों, जनता द्वारा लगाए जाने वाले बेवुनियादी आरोपों की सच्चाई सामने लाने की दिशा में यह कदम बेहद कारगर साबित होगा। जिले के अन्य थानों में भी इसी प्रकार की मुहिम चलाई जाएगी।
महिला थाने में फरियादी जावित्री बनी अधिकारी, घरेलू विवाद के दो मुकदमे सुलझाए
महिला थाने की एक दिन की इंस्पेक्टर बनी जावित्री निवासी मंहगौरा, पिसावा ने घरेलू हिंसा के आठ मामलों में सुनवाई की, जिसमें से उन्होंने लोधा थाने के अमपुर कौढ़रा गांव की रहने वाली रंजनी व उनकी बहन राजकुमारी का अपने पति क्त्रस्मश: जितेंद्र व प्रवेंद्र के साथ चल रहे घरेलू हिंसा के विवाद में सुलह कराते हुए दोनों परिवारों को फिर से एक किया। इसके अलावा दो अन्य सगी बहनों को उनके पतियों द्वारा यातनाएं देने व दहेज के लिए घर से निकाल देने के मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए।
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वहीं, चार अन्य मामलों में जावित्री ने पीड़िताओं को सुनवाई के लिए अगली तिथि नियत की। महिला थाना इंस्पेक्टर विपिन चौधरी ने बताया कि जावित्री खुद घरेलू हिंसा की पीड़ित हैं। मायका उसका जेवर नोएडा में है। पांच माह पहले मंहगौरा, पिसावा निवासी मेहरचंद के साथ शादी हुई थी। जावित्री का आरोप है कि शादी के एक माह बाद ही उसे ससुरालियों ने दहेज की खातिर घर से निकाल दिया। इसकी शिकायत उसने थाने में की है। थाना इंस्पेक्टर के मुताबिक जावित्री को एक-दो बार पहले भी थाने आना पड़ा था। शनिवार को वह पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए बोली की आखिर पुलिस सुनती क्यों नहीं है। इसके जवाब में उसे ही एक दिन का इंस्पेक्टर बना दिया गया। जब उसने स्वयं पुलिस कार्यशैली और चुनौतियों को समझा तो वह संतुष्ट हुई।
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शालू ने महिला उत्पीड़न के मामले में त्वरित सुनवाई के दिए आदेश
अलीगढ़। माहेश्वरी गर्ल्स इंटर कॉलेज की 9वीं कक्षा की छात्रा शालू शर्मा पुत्री एके शर्मा निवासी बौनेर एक दिन की गांधी पार्क थाने की इंस्पेक्टर बनीं तो कुर्सी पर बैठते हुए उसने सबसे पहले थाना स्टाफ को तलब किया और महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित सुनवाई के आदेश दिए। इसके साथ ही शालू के सामने एक व्यक्ति अपनी पुत्री की शादी के लिए अनुमति की मांग करने थाने पहुंचा तो शालू ने विनम्रता पूर्ण उक्त व्यक्ति को सर्वप्रथम क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट के पास जाकर आवेदन करने को कहा। साथ ही आदेश दिया कि समारोह में कोविड नियमों का पालन अवश्य हो। ऐसा न होने पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। थाना इंस्पेक्टर मणिकांत शर्मा ने बताया छात्रा शालू ने पुलिस की कार्यशैली को एक दिन में बेहद बारीकि से जाना। इसके साथ ही उसने वादा किया है कि वह पढ़ लिखकर आईपीएस अधिकारी ही बनेंगी और पुलिस की छवि को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएंगी।
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