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35 फीट तक खुदी गूलर रोड पोखर, जलभराव से मिलेगी निजात

Sat, 13 Jul 2019 12:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 12:51 AM IST
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aligarh gular road
गूलर रोड़ पर पोखर की खुदाई करती जेसीबी। - फोटो : CITY OFFICE
गूलर रोड पोखर की 35 फीट गहराई में खुदाई की गई। उसके पुराने स्वरूप में आने से जल संचयन क्षमता बहुत बढ़ गई है, जिससे माना जा रहा है कि इस बार की बरसात में गूलर रोड इलाके में जलभराव नहीं होगा। क्षेत्रीय लोगों ने भी नगर निगम के इस काम की सराहना की है। लेकिन काम रुकने से लोगों में निराशा है।
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करीब तीन दशक पहले गूलर रोड की पोखर अपने मूल स्वरूप में थी। जिससे बारिश के समय में यह पोखर एक बैलेंसिंग टैंक (संतुलन बनाए रखने वाला एक कुंड) की तरह काम करती थी। लेकिन अवैध कब्जों के चलते इसका स्वरूप बदलता गया और क्षेत्रफल सिकुड़ता गया। अब पिछले कुछ महीनों से नगर निगम ने इस पोखर से अवैध कब्जों को हटाने का काम शुरू किया और इसे इसके मूल रूप में लाने के लिए 35 फीट तक खुदाई कराई गई है। इससे क्षेत्रीय लोग बेहद खुश हैं।
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स्थानीय युवा शक्ति गूलर रोड शक्ति नगर के दानिश, राहुल शर्मा, राकेश, नीरज कुमार, रमेश कुमार, मोहन कुमार, असलम, मुकेश कुमार, नानक, सूरज पाल सिंह, कुनाल, सतेंद्र सक्सेना आदि ने कहा है कि बारिश के समय में गूलर रोड का क्षेत्र नदी की तरह दिखने लगता है। पोखर पर कुछ रसूखदार लोगों ने कब्जा कर रखा था। नगर निगम और प्रशासन ने अवैध कब्जे हटा कर जो पहल की है वह सराहनीय है। शहर की जल निकासी की व्यवस्था को देखते हुए पोखरों का मूल रूप में होना बहुत जरूरी है। जिस गहराई तक पोखर को खुदवाया गया है उससे अब बारिश में जलभराव नहीं होगा। लेकिन काम रुकना निराशाजनक है।
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‘पोखरों हमारी ईको व्यवस्था यानि परिस्थितिकीय चक्र का एक अहम हिस्सा हैं। यह आबादी क्षेत्र से पानी का संचय करती हैं और फिर वह पानी जमीन में रिचार्ज होता है। इससे भूजल स्तर बना रहता है। नगर निगम नेे सिर्फ यह पोखर नहीं बचाई है बल्कि आबादी का जीवन बचाया है। प्रशासन और नगर निगम अन्य विलुप्त होती हुई पोखरों के लिए भी यही नीति अपनाए’
- सुबोध नंदन शर्मा, पर्यावरणविद्
‘पोखर को मूल रूप में लाने का काम बहुत ही अच्छा है। लेकिन इसका काम रुकना बेहद निराशाजनक है। इससे लाखों लोगों की आबादी का क्षेत्र प्रभावित होगा। नगर निगम से पूरी उम्मीद है कि वह इसकी मजबूत पैरोकारी करेगा’
- राम कृष्ण तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता
‘हमारी कोशिश है कि बारिश के दिनों में जनता को जलभराव का सामना न करना पड़े। हमने जलभराव के कारणों को चिह्नित करके काम किया। नगर निगम अपनी संपत्ति के स्वामित्व को साबित करने में सक्षम है। हमारे काम का मूल्यांकन जनता करेगी और कर रही है’

- सत्य प्रकाश पटेल, नगर अयुक्त
खुदाई की मिट्टी से सैटेलाइट बस स्टैंड पर भराव
अलीगढ़। सूत मिल चौराहे पर बनाए गए नव निर्मित सैटेलाइट बस स्टैंड का फ्लोर बहुत नीचे था। गूलर रोड पोखर की मिट्टी से वहां पर फिलिंग का काम हो रहा है। इससे दोनों मकसद हल हो रहे हैं। पोखर की गहराई बढ़ रही है तो बस स्टैंड की लेबलिंग हो रही है।
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