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अलीगढ़ : फर्जी दस्तावेजों से ऋण लेने वाला गैंग दबोचा, पांच गिरफ्तार
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थाना सिविल लाइन व साइबर सेल पुलिस टीम द्वारा पकड़ा गया लोन लेकर सामान खरीदने वाला गैंग। विज्ञप्त?
- फोटो : CITY OFFICE
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निजी फाइनेंस कंपनियों से ऋण लेकर इलेक्ट्रिक उत्पाद खरीदने वाले ऐसे गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऋण लेकर गायब हो जाता है। गैंग के सरगना सहित पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं, इन लोगों से काफी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
साथ में ऋण लेकर खरीदा गया माल भी मिला है। गैंग सरगना बुलंदशहर का रहने वाला है, जो एनसीआर सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में इस रैकेट को चला रहा था। इस गैंग के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला अलीगढ़ का ही है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि दिल्ली के गोविंदपुरी तुगलकाबाद के राज मोहम्मद बजाज फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने पिछले दिनों सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप था कि उनकी कंपनी ने जमालपुर के एक इलेक्ट्रानिक शोरूम से एक व्यक्ति को एसी लोन पर खरीदवाया। उस व्यक्ति ने पहली किस्त तो जमा की। इसके बाद वह गायब हो गया। मुकदमा दर्ज करते हुए सीओ तृतीय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर टीम के साथ जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने गैंग सरगना शहबाजपुर माल खुर्जा देहात बुलंदशहर के नरेंद्र, साथी मुबारकपुर जहांगीराबाद बुलंदशहर के करन राघव, रंजीतगढ़ी खैर के विकास, अजय व हरिओम को अनूपशहर रोड से गिरफ्तार कर िलया। इनके कब्जे से एक एसी, दो प्रिंटर, बायोमीट्रिक मशीन, वैगन आर कार, 97 आधार कार्ड, 66 पैन कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 3 पहचान पत्र, 3 डीएल, 7 पासबुक, 6 मोबाइल, 17 सिमकार्ड, 14 मुहर आदि सामान बरामद हुआ है। इस मौके पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रवेश राणा भी मौजूद रहे। बता दें कि इसी तरह का एक गैंग दो दिन पहले एसटीएफ ने लखनऊ में भी पकड़ा था।
ऐसे करता है यह गैंग ठगी
पुलिस पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया है कि इस गैंग का सरगना नरेंद्र और उसका सहयोगी करन है। ये लोग किसी भी दुकान से कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण या कार आदि फाइनेंस पर खरीदने के लिए पहले फर्जी दस्तावेज (आधार कार्ड/पैनकार्ड) बनवाते हैं।
फिर उन दस्तावेजों के सहारे किसी भी फाइनेंस कंपनी के जरिये सामान खरीदते हैं। पहली किस्त मौके पर जमा करा ली जाती है। इसके बाद ये गायब हो जाते हैं। करीब एक साल से यह गैंग अलीगढ़ के अलावा, हाथरस, मथुरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद व दिल्ली एनसीआर में ऐसे ही ठगी करता फिर रहा है।
खरीदे गए सामान को कहीं भी सस्ते दामों में बेच देता है। सरगना नरेंद्र इसी धंधे में है, जबकि करन पहले जनसेवा केंद्र चलाता था। पकड़े गए रंजीतगढ़ी के तीनों लोग इनके खरीदार व सामान ठिकाने लगाने वाले सहयोगी हैं।
एक चेहरे पर कई-कई फर्जी आधार, पेनकार्ड
नरेंद्र व करन ने स्वीकार किया है कि उनका एक परिचित आरटीओ दफ्तर अलीगढ़ के सामने लाइसेंस आदि बनवाने का काम करता है। उसके पास तमाम लोगों के फोटो, नाम व पते होते हैं। वही उन्हें फर्जी पैनकार्ड व आधार कार्ड को मॉर्फ करके बनाता है। एक-एक चेहरे के कई-कई नाम व अलग-अलग पतों से आधार व पैनकार्ड बनाए जाते हैं। कुछ जगहों पर ये लोग अपना चेहरा और किसी अन्य का नाम व किसी अन्य का पता लगवाकर दस्तावेज बनाते हैं। फिर उन्हीं दस्तावेजों के सहारे गोरखधंधा करते हैं।
अब तक कई करोड़ की चपत का अनुमान
नरेंद्र के पास वैगनआर कार बरामद हुई है। वह भी उसने इसी तरह खरीदी थी। करन ने अब तक आधा दर्जन एसी व कुछ मोबाइल खरीदना स्वीकारा है। करन ही जमालपुर की दुकान पर फर्जी दस्तावेजों से एसी खरीदकर ले गया था। ये अलीगढ़ में अभी तक एक ही घटना बता पाए हैं, मगर अनुमान है कि अन्य कई घटनाएं इन्होंने की हैं। पूरे गैंग ने अब तक अनगिनत घटनाएं कर कई करोड़ का माल गलाया है। इन पर खैर में भी मुकदमा दर्ज है।
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साथ में ऋण लेकर खरीदा गया माल भी मिला है। गैंग सरगना बुलंदशहर का रहने वाला है, जो एनसीआर सहित पश्चिमी यूपी के कई जिलों में इस रैकेट को चला रहा था। इस गैंग के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला अलीगढ़ का ही है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
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एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि दिल्ली के गोविंदपुरी तुगलकाबाद के राज मोहम्मद बजाज फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने पिछले दिनों सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप था कि उनकी कंपनी ने जमालपुर के एक इलेक्ट्रानिक शोरूम से एक व्यक्ति को एसी लोन पर खरीदवाया। उस व्यक्ति ने पहली किस्त तो जमा की। इसके बाद वह गायब हो गया। मुकदमा दर्ज करते हुए सीओ तृतीय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर टीम के साथ जांच शुरू कर दी।
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पुलिस ने गैंग सरगना शहबाजपुर माल खुर्जा देहात बुलंदशहर के नरेंद्र, साथी मुबारकपुर जहांगीराबाद बुलंदशहर के करन राघव, रंजीतगढ़ी खैर के विकास, अजय व हरिओम को अनूपशहर रोड से गिरफ्तार कर िलया। इनके कब्जे से एक एसी, दो प्रिंटर, बायोमीट्रिक मशीन, वैगन आर कार, 97 आधार कार्ड, 66 पैन कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, 3 पहचान पत्र, 3 डीएल, 7 पासबुक, 6 मोबाइल, 17 सिमकार्ड, 14 मुहर आदि सामान बरामद हुआ है। इस मौके पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रवेश राणा भी मौजूद रहे। बता दें कि इसी तरह का एक गैंग दो दिन पहले एसटीएफ ने लखनऊ में भी पकड़ा था।
ऐसे करता है यह गैंग ठगी
पुलिस पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया है कि इस गैंग का सरगना नरेंद्र और उसका सहयोगी करन है। ये लोग किसी भी दुकान से कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण या कार आदि फाइनेंस पर खरीदने के लिए पहले फर्जी दस्तावेज (आधार कार्ड/पैनकार्ड) बनवाते हैं।
फिर उन दस्तावेजों के सहारे किसी भी फाइनेंस कंपनी के जरिये सामान खरीदते हैं। पहली किस्त मौके पर जमा करा ली जाती है। इसके बाद ये गायब हो जाते हैं। करीब एक साल से यह गैंग अलीगढ़ के अलावा, हाथरस, मथुरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद व दिल्ली एनसीआर में ऐसे ही ठगी करता फिर रहा है।
खरीदे गए सामान को कहीं भी सस्ते दामों में बेच देता है। सरगना नरेंद्र इसी धंधे में है, जबकि करन पहले जनसेवा केंद्र चलाता था। पकड़े गए रंजीतगढ़ी के तीनों लोग इनके खरीदार व सामान ठिकाने लगाने वाले सहयोगी हैं।
एक चेहरे पर कई-कई फर्जी आधार, पेनकार्ड
नरेंद्र व करन ने स्वीकार किया है कि उनका एक परिचित आरटीओ दफ्तर अलीगढ़ के सामने लाइसेंस आदि बनवाने का काम करता है। उसके पास तमाम लोगों के फोटो, नाम व पते होते हैं। वही उन्हें फर्जी पैनकार्ड व आधार कार्ड को मॉर्फ करके बनाता है। एक-एक चेहरे के कई-कई नाम व अलग-अलग पतों से आधार व पैनकार्ड बनाए जाते हैं। कुछ जगहों पर ये लोग अपना चेहरा और किसी अन्य का नाम व किसी अन्य का पता लगवाकर दस्तावेज बनाते हैं। फिर उन्हीं दस्तावेजों के सहारे गोरखधंधा करते हैं।
अब तक कई करोड़ की चपत का अनुमान
नरेंद्र के पास वैगनआर कार बरामद हुई है। वह भी उसने इसी तरह खरीदी थी। करन ने अब तक आधा दर्जन एसी व कुछ मोबाइल खरीदना स्वीकारा है। करन ही जमालपुर की दुकान पर फर्जी दस्तावेजों से एसी खरीदकर ले गया था। ये अलीगढ़ में अभी तक एक ही घटना बता पाए हैं, मगर अनुमान है कि अन्य कई घटनाएं इन्होंने की हैं। पूरे गैंग ने अब तक अनगिनत घटनाएं कर कई करोड़ का माल गलाया है। इन पर खैर में भी मुकदमा दर्ज है।