अलीगढ़ के मैकेनिक के बेटे ने किया अमेरिकी हाईस्कूल में टॉप
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मिंटो सर्किल से कक्षा नौ की पढ़ाई करके शादाब ने स्कॉलरशिप के जरिये बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया। उसे स्कॉलरशिप में 28 हजार अमेरिकी डालर, जो भारतीय मुद्रा में करीब 20 लाख रुपये मिले थे।
स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक करीब 500 बच्चे पढ़ते थे। शादाब ने बताया कि फरवरी 2020 में उसे स्कूल में स्टूडेंट ऑफ द मंथ भी चुना गया था। महानगर के जमालपुर निवासी शादाब ने बताया कि उनकी अम्मी जरीना बेगम व अब्बू अरशद नूर पढ़े-लिखे नहीं हैं। मगर, वह भाई-बहन को पढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बड़ा भाई बीसीए व छोटी बहन एएमयू के अब्दुल्ला गर्ल्स कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ रही है।
एक साल बाद मिला मौका
शादाब ने बताया कि उसे स्कॉलरशिप हासिल करने में करीब एक साल लगा। जब वह कक्षा नौ में पढ़ रहा था, तब उसका चयन ऑल इंडिया एक्सेस प्री इंग्लिश कैंप मुंबई के लिए हुआ था। कैंप में अमेरिकन ट्रेनर टॉम ने केनेडी-लूगर यूथ एक्सचेंज एंड स्टडी स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी दी।
शादाब को केनेडी लूगर यूथ एक्सचेंज स्टडी (यस) स्कॉलरशिप के तहत पिछले साल ही बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला मिला था। अमेरिका सरकार ने उसकी पढ़ाई के लिए 20 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी थी। शादाब ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इस बीच उसे विदेश जाने का मौका मिला। उसने स्कॉलरशिप मिलने के बाद अमेरिका के बेलफास्ट एरिया हाईस्कूल में दाखिला लिया।
शादाब ने कहा, केंद्र सरकार ने मुझे दूसरे देश में जाकर खुद को साबित करने के लिए चुना इसके लिए धन्यवाद। मैंने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की और आज उसका परिणाम मुझे मिला। मैं अल्लाह का इसके लिए शुक्रिया अदा करता हूं। शादाब इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मिंटो सर्किल मिडिल स्कूल में छात्र थे। उनके पिता अरशद नूर पिछले 25 साल से मोटर मैकेनिक हैं।
800 बच्चों में बना ‘स्टूडेंट ऑफ मंथ’
शादाब को इस साल फरवरी में 800 बच्चों के बीच ‘स्टूडेंट ऑफ मंथ’ चुना गया था। शादाब ने अपनी इस उपलब्धि पर कहा, मैंने इसके लिए खूब मेहनत की थी। यह मेरी मेहनत का नतीजा है।
यूएन में मानवाधिकार अधिकारी बनूंगा
मैं आगे भी कड़ी मेहनत से पढ़ाई करता रहूंगा और एक दिन संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार अधिकारी बनूंगा। मेरी इच्छा है कि दुनिया में हर शख्स को उसके अधिकार मिलें। मैं मानव जाति के लिए योगदान देना चाहता हूं। -मोहम्मद शादाब
बेटे को आईएएस अधिकारी बनाऊंगा
बेटे ने हम सबका सिर ऊंचा कर दिया। मुझे उसकी कामयाबी पर खुशी है। मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा आईएएस अधिकारी बने और देश की सेवा करे। -अरशद नूर, शादाब के पिता