{"_id":"622cc28a447fc963667d0b6b","slug":"aligarh-eye-surgery-done-without-lens-for-not-paying-rs-3500-aligarh-news-ali2869588133","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : 3500 रुपये न देने पर लेंस के बिना कर दिया आंखों का ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : 3500 रुपये न देने पर लेंस के बिना कर दिया आंखों का ऑपरेशन
विज्ञापन
गांधी आई अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा चुके संजय गांधी कॉलोनी निवासी सुरेश चंद शर्मा। वि?
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलखान सिंह जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का नि:शुल्क ऑपरेशन होता है लेकिन यहां के स्टाफ और डॉक्टरों ने एक मरीज के परिजनों से 3500 रुपये मांग कर डाली। परिजनों के इंकार करने पर बिना ही लेंस डाले आंखों का ऑपरेशन कर दिया। समस्या होने पर परिजन मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे।
आरोप है कि यहां फिर से 3500 रुपये मांगे गए। बाद में समस्या बढ़ने पर मरीज की आंखों का ऑपरेशन गांधी आई अस्पताल में कराया गया। परिजनों ने रुपयों की मांग का वीडियो और शिकायत सीएमएस से लेकर मुख्यमंत्री तक से की है। इस मामले में सीएमएस ईश्वर देवी बत्रा ने जांच शुरू कर दी है।
संजय गांधी कॉलोनी निवासी सविता मिश्रा पत्नी अजीत शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपने ससुर सुरेश चंद्र शर्मा के मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची थीं। ऑपरेशन होने से पहले आंख में लेंस डालने के लिए डॉक्टर और स्टाफ ने 3500 रुपये मांगे।
विज्ञापन
रसीद मांगने पर मना कर दिया गया तो रुपये जमा नहीं कराए। हालांकि, ऑपरेशन कर दिया गया और दवाएं भी लिखकर दे दी गईं। 17 फरवरी को पट्टी खुलवाई तो ससुर की आंख में बहुत दर्द हो रहा था और दिखाई भी नहीं दे रहा था। स्टाफ से पूछा तो बताया कि लेंस नहीं पड़ा है। 45 दिन में रोशनी आ जाएगी।
लेंस डालने के लिए फिर से 3500 रुपये मांगे गए। थक हारकर 18 फरवरी को गांधी आई हॉस्पिटल में दिखाया गया, जहां मरीज की हालत खराब बताई गई। यहां आठ मार्च को लेंस डालकर ऑपरेशन कर दिया है। सविता मिश्रा ने कहा कि स्टाफ और डॉक्टरों की लापरवाही से लगभग 25 हजार रुपये खर्च हो गए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीएमएस व मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत भेजी है।
- हमारे यहां आंखों के ऑपरेशन के लिए एक भी रुपये का खर्च नहीं आता है। स्टाफ को चेतावनी दे रखी है कि किसी भी प्रकार से मरीज या उनके परिजनों से रुपये नहीं मांगे जाएंगे। सविता मिश्रा का प्रकरण संज्ञान में आ गया है। डॉक्टर और स्टाफ ने गलत व्यवहार किया है। जांच प्रारंभ करा दी है। दोषियों पर विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी मरीज से अवैध धन की उगाही की जा रही है तो वह मेरे कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। दोषियों को सजा दिलाने में कोई गुरेज भी नहीं करूंगी। -ईश्वर देवी बत्रा, सीएमएस, मलखान सिंह जिला चिकित्सालय।
विज्ञापन
आरोप है कि यहां फिर से 3500 रुपये मांगे गए। बाद में समस्या बढ़ने पर मरीज की आंखों का ऑपरेशन गांधी आई अस्पताल में कराया गया। परिजनों ने रुपयों की मांग का वीडियो और शिकायत सीएमएस से लेकर मुख्यमंत्री तक से की है। इस मामले में सीएमएस ईश्वर देवी बत्रा ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
संजय गांधी कॉलोनी निवासी सविता मिश्रा पत्नी अजीत शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह अपने ससुर सुरेश चंद्र शर्मा के मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची थीं। ऑपरेशन होने से पहले आंख में लेंस डालने के लिए डॉक्टर और स्टाफ ने 3500 रुपये मांगे।
विज्ञापन
रसीद मांगने पर मना कर दिया गया तो रुपये जमा नहीं कराए। हालांकि, ऑपरेशन कर दिया गया और दवाएं भी लिखकर दे दी गईं। 17 फरवरी को पट्टी खुलवाई तो ससुर की आंख में बहुत दर्द हो रहा था और दिखाई भी नहीं दे रहा था। स्टाफ से पूछा तो बताया कि लेंस नहीं पड़ा है। 45 दिन में रोशनी आ जाएगी।
लेंस डालने के लिए फिर से 3500 रुपये मांगे गए। थक हारकर 18 फरवरी को गांधी आई हॉस्पिटल में दिखाया गया, जहां मरीज की हालत खराब बताई गई। यहां आठ मार्च को लेंस डालकर ऑपरेशन कर दिया है। सविता मिश्रा ने कहा कि स्टाफ और डॉक्टरों की लापरवाही से लगभग 25 हजार रुपये खर्च हो गए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सीएमएस व मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत भेजी है।
- हमारे यहां आंखों के ऑपरेशन के लिए एक भी रुपये का खर्च नहीं आता है। स्टाफ को चेतावनी दे रखी है कि किसी भी प्रकार से मरीज या उनके परिजनों से रुपये नहीं मांगे जाएंगे। सविता मिश्रा का प्रकरण संज्ञान में आ गया है। डॉक्टर और स्टाफ ने गलत व्यवहार किया है। जांच प्रारंभ करा दी है। दोषियों पर विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी मरीज से अवैध धन की उगाही की जा रही है तो वह मेरे कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। दोषियों को सजा दिलाने में कोई गुरेज भी नहीं करूंगी। -ईश्वर देवी बत्रा, सीएमएस, मलखान सिंह जिला चिकित्सालय।