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अलीगढ़ : डरो नहीं, खुलकर बोलो, चुप्पी तोड़ो
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से तालानगरी स्थित मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को पुलिस की पाठशाला लगी। इस दौरान साइबर विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह सोशल प्लेटफॉर्म पर बदनाम या ठगी करने वालों से डरे नहीं, खुलकर बोलें और अपनी चुप्पी तोड़ें। अगर ऐसा करने में कामयाब रहे तो ऑनलाइन ठगी करने वालों के मंसूबे नाकाम हो जाएंगे।
स्कूल में छात्र-छात्राओं को पर्यवेक्षण अधिकारी साइबर क्राइम थाना परिक्षेत्र अलीगढ़ पुलिस उपाधीक्षक नीलम शर्मा, साइबर विशेषज्ञ सब उप निरीक्षक समरपाल सिंह, उप निरीक्षक कुसुम लता ने साइबर अपराध से जुड़ी जानकारी दी। उन्हें इससे बचाव के लिए जागरूक किया।
विशेषज्ञों ने कहा कि थोड़ी सी सूझबूझ से बड़ी मुसीबत टाली जा सकती है। इससे पहले पुलिस उपाधीक्षक नीलम शर्मा ने स्कूल में पौधा रोपा। छात्र मोहित यादव सहित अन्य ने सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने संतोषजनक जवाब भी दिया। स्कूल की निदेशक आरती मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर आरक्षी सुरेंद्र सिंह, महिला आरक्षी शीलू आदि मौजूद रहे।
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- सभी अकाउंट के लिए एक पासवर्ड न रखें।
- पासवर्ड को कॉपी मोबाइल, कंप्यूटर में सेव न करें।
-जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर किसी को शेयर न करें।
-पासवर्ड बदलते रहें। पुराने पासवर्ड से मिलता-जुलता नया पासवर्ड रखें
-अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाता नंबर न दें।
-कोरोना, ब्लड टेस्ट सेंटर से अनजान व्हाट्सएप के जरिये सूची या रिपोर्ट के आधार पर क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है तो उसे सत्यापन किए बिना भुगतान न करें।
-ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन किए बिना शेयर न करें।
-यदि आपके पास फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
-किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
-एनी डेस्क या टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट आदि के एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
-गूगल पर उपलब्ध कस्टमर केयर मोबाइल नंबर का प्रयोग न करें।
-
ये करें
-साइबर क्राइम के शिकार होने की सूचना पर साइबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर पंजीकृत करें।
-किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-कहीं घूमने गए हैं तो इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर देने से बचें।
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स्कूल में छात्र-छात्राओं को पर्यवेक्षण अधिकारी साइबर क्राइम थाना परिक्षेत्र अलीगढ़ पुलिस उपाधीक्षक नीलम शर्मा, साइबर विशेषज्ञ सब उप निरीक्षक समरपाल सिंह, उप निरीक्षक कुसुम लता ने साइबर अपराध से जुड़ी जानकारी दी। उन्हें इससे बचाव के लिए जागरूक किया।
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विशेषज्ञों ने कहा कि थोड़ी सी सूझबूझ से बड़ी मुसीबत टाली जा सकती है। इससे पहले पुलिस उपाधीक्षक नीलम शर्मा ने स्कूल में पौधा रोपा। छात्र मोहित यादव सहित अन्य ने सवाल भी पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने संतोषजनक जवाब भी दिया। स्कूल की निदेशक आरती मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर आरक्षी सुरेंद्र सिंह, महिला आरक्षी शीलू आदि मौजूद रहे।
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- पासवर्ड को कॉपी मोबाइल, कंप्यूटर में सेव न करें।
-जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर किसी को शेयर न करें।
-पासवर्ड बदलते रहें। पुराने पासवर्ड से मिलता-जुलता नया पासवर्ड रखें
-अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाता नंबर न दें।
-कोरोना, ब्लड टेस्ट सेंटर से अनजान व्हाट्सएप के जरिये सूची या रिपोर्ट के आधार पर क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है तो उसे सत्यापन किए बिना भुगतान न करें।
-ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन किए बिना शेयर न करें।
-यदि आपके पास फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है, तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
-किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
-एनी डेस्क या टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट आदि के एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
-गूगल पर उपलब्ध कस्टमर केयर मोबाइल नंबर का प्रयोग न करें।
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ये करें
-साइबर क्राइम के शिकार होने की सूचना पर साइबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटइन पोर्टल पर पंजीकृत करें।
-किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-कहीं घूमने गए हैं तो इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर देने से बचें।