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पुलिस की पाठशाला: अलीगढ़ के डीआईजी ने पढ़ाई बच्चों को कानून की ए बी सी डी, साइबर क्राइम के प्रति किया जागरूक
Fri, 15 Sep 2023 10:48 PM IST
चमन शर्मा
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 15 Sep 2023 10:48 PM IST
सार
डीआईजी ने कहा कि हेलमेट आपकी सुरक्षा करता है, लेकिन अधिकतर लोग केवल चालान से बचने के लिए हेलमेट लगाते हैं। अगर केवल चालान से बचना होता है तो घटिया हेलमेट का प्रयोग करते हैं, जो सड़क हादसे में जान नहीं बचा पाता। अगर उन्हें चालान के बजाय जान की परवाह हो तो वह बेहतर गुणवत्ता का हेलमेट लगाते।
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अलीगढ़ डीआईजी शलभ माथुर पुलिस की पाठशाला में
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ के ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला लगी। जिसमें गुरुजी के तौर पर अलीगढ़ के डीआईजी शलभ माथुर ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी अपराध से बचने का शानदार तरीका स्वयं अनुशासन और स्वयं नियंत्रण है। अगर ये दोनों चीजें आपके वश में हैं तो किसी भी अपराध में नहीं फंस सकते।
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डीआईजी ने कहा कि हेलमेट आपकी सुरक्षा करता है, लेकिन अधिकतर लोग केवल चालान से बचने के लिए हेलमेट लगाते हैं। अगर केवल चालान से बचना होता है तो घटिया हेलमेट का प्रयोग करते हैं, जो सड़क हादसे में जान नहीं बचा पाता। अगर उन्हें चालान के बजाय जान की परवाह हो तो वह बेहतर गुणवत्ता का हेलमेट लगाते। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल डीआईजी से किए, जिसके उन्होंने तसल्लीबख्श जवाब दिए। स्कूल के प्रधानाचार्य श्याम कुंतैल ने आभार जताया। इस अवसर पर अलीगढ़ अमर उजाला के स्थानीय संपादक कुमार अतुल, सुधा सिंह, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा आदि मौजूद रहे।
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अखबार पढि़ए, रहेंगे जागरूक : डीआईजी
अलीगढ़ के डीआईजी शलभ माथुर ने विद्यार्थियों से कहा कि देश-दुनिया की घटनाओं के बारे में जानकारी के लिए रोजाना अखबार पढ़ें। इससे आप जागरूक रहेंगे। आपका सामान्य ज्ञान भी मजबूत होगा। एक छात्र ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा के बारे में उनसे सवाल किया, जिस पर उन्होंने कहा कि स्नातक के बाद सिविल सेवा परीक्षा में बैठ सकते हैं। परीक्षा में सफलता मिले, इसके लिए मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ निश्चय की जरूरत होती है। पूर्व की परीक्षा में आए प्रश्नों के तरीके को देखें। अखबार पढ़ें।
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क्या करें
-पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो। हर ऑनलाइन अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
-पासवर्ड में अपर केस, लोअर केस, नंबर और विशेष अक्षर रखें।
-कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदल लें।
-सोशल मीडिया साइट्स के लिए सेकेंडरी ई-मेल एड्रेस बनाकर रखें।
-अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले साफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।
- ऑनलाइन बैंकिंग में ध्यान रखें कि आपने यूआरएल को मैन्युअली टाइप किया हो।
-अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें।
-एप ऑफिशियल स्टोर गूगल प्ले स्टोर व एप्पल के फेयर एप स्टोर से लें।
-पासवर्ड सांझा न करें,इसमें सुरक्षा मानकों के अनुसार अंकों और अक्षरों का चयन करें।
-मुफ्त उपहार/ प्रस्ताव/संदेश /मेलों पर विश्वास न करें।
क्या न करें
-अपनी किसी भी जानकारी को पब्लिक प्लेटफॉर्म जैसे कि सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
-ब्राउजर में सोशल मीडिया या अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
-सोशल मीडिया साइट्स के लिए ऑफिशियल ई-मेल का इस्तेमाल न करें।
-अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
-एक ही पासवर्ड का प्रयोग विभिन्न सेवाओं, वेबसाइट और एप में न करें।
-किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
-किसी भी असुरक्षित और फेक वेबसाइट पर जाने से बचें।
-ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
-ईमेल अटैचमेंट के जरिए किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड न करें।
-क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
-निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से शेयर न करें।
-किसी भी प्रकार की ओटीपी भूलकर किसी के साथ शेयर न करें।
-अपनी व्यक्तिगत/ निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
-शर्म, शर्मिंदगी और आत्म-दोष के कारण शिकायत दर्ज में संकोच न करें।
-साइबर धोखाधड़ी होने पर साबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
-पासवर्ड में अपर केस, लोअर केस, नंबर और विशेष अक्षर रखें।
-कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदल लें।
-सोशल मीडिया साइट्स के लिए सेकेंडरी ई-मेल एड्रेस बनाकर रखें।
-अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले साफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।
- ऑनलाइन बैंकिंग में ध्यान रखें कि आपने यूआरएल को मैन्युअली टाइप किया हो।
-अज्ञात ई-मेल में आए किसी भी अटैचमेंट को डाउनलोड करने से बचें।
-एप ऑफिशियल स्टोर गूगल प्ले स्टोर व एप्पल के फेयर एप स्टोर से लें।
-पासवर्ड सांझा न करें,इसमें सुरक्षा मानकों के अनुसार अंकों और अक्षरों का चयन करें।
-मुफ्त उपहार/ प्रस्ताव/संदेश /मेलों पर विश्वास न करें।
क्या न करें
-अपनी किसी भी जानकारी को पब्लिक प्लेटफॉर्म जैसे कि सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
-ब्राउजर में सोशल मीडिया या अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
-सोशल मीडिया साइट्स के लिए ऑफिशियल ई-मेल का इस्तेमाल न करें।
-अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
-एक ही पासवर्ड का प्रयोग विभिन्न सेवाओं, वेबसाइट और एप में न करें।
-किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
-किसी भी असुरक्षित और फेक वेबसाइट पर जाने से बचें।
-ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
-ईमेल अटैचमेंट के जरिए किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड न करें।
-क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
-निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से शेयर न करें।
-किसी भी प्रकार की ओटीपी भूलकर किसी के साथ शेयर न करें।
-अपनी व्यक्तिगत/ निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
-शर्म, शर्मिंदगी और आत्म-दोष के कारण शिकायत दर्ज में संकोच न करें।
-साइबर धोखाधड़ी होने पर साबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।