तुर्कमान गेट इलाके में रविवार रात को कुछ पुलिस कर्मियों ने खाकी की मर्यादा को ताक पर रख दिया। यहां पहुंचे पुलिस कर्मियों ने कुछ घरों के बाहर लगाए गए सीएए विरोधी पोस्टरों को हटवाने, पोस्टर लगवाने वाले को खोजने के लिए महिलाओं और बच्चों से भी बदसलूकी की। आरोप है कि महिलाओं से गालीगलौज हुई और एक दिव्यांग को मारापीटा। कुछ युवाओं को डराया धमकाया। बात पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह तक पहुंची तो वह सोमवार को स्थानीय लोगों और महिलाओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे और उनको पूरा वाकया बताया। इस पर एसएसपी ने लिखित में शिकायत मांगी।
मौके पर ही एसएसपी को लिखित में शिकायत दी गई, जिसमें वहां मौजूद लोगों ने हस्ताक्षर किए। लिखित शिकायत लेने के बाद एसएसपी ने कहा कि वह इस मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराएंगे और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। एसएसपी के आश्वासन के बाद वहां पहुंचे सभी लोग वापस लौट आए। पूर्व विधायक ने कहा है कि कुछ पुलिस कर्मी अच्छा काम कर रहे तो कुछ पुलिस महकमे को ही बदनाम कर रहे हैं। उम्मीद है कि एसएसपी इस मामले में इंसाफ करेंगे। देश में लोकतांत्रिक तरीके से सभी को अपनी बात रखने का हक है। पुलिस से पीड़ितों ने अपने नाम हाजी रिजवान पुत्र जमीर खान, शमशाद पुत्र शम्सुद्दीन, मोनिश पुत्र इकबाल, फैजान पुत्र पप्पू बताए हैं। एसएसपी ने मामले में एसपी सिटी को जांच सौंपी है।