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डिबार केंद्रों के मामले में अलीगढ़ ने बनाया प्रदेश में रिकॉर्ड
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इकराम वारिस
यूं तो यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन अभी से ही अलीगढ़ के रिकॉर्ड बनने शुरू हो गए हैं। बोर्ड ने प्रदेशभर के 312 कॉलेज को काली सूची में डाल दिया है, जिनमें सबसे ज्यादा अलीगढ़ के 60 कॉलेज हैं।
नकल के लिए अतरौलिया बोर्ड कुख्यात है। हालांकि, कई वर्षों से नकल के किले को ढहाने की कवायद शिक्षा विभाग की ओर से जारी है। नकल पर लगाम लगाने के लिए टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया, जिसे खुद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सराहा है। इसी का नतीजा रहा है कि पिछले वर्ष अलीगढ़ का इंटर में 56.39 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश में 75वें स्थान आने का भी नापसंद रिकॉर्ड बनाया था।
इसी कड़ी में इस बार डिबार के मामले में भी अलीगढ़ ने रिकॉर्ड बनाया है। अलीगढ़ के 60, फिरोजाबाद के 24, बलिया के 20, प्रयागराज के 17, आजमगढ़ के 15, प्रतापगढ़ के 14, मथुरा के 11, आगरा, गोरखपुर के 10-10, एटा, गाजीपुर के 7-7, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर नगर, हाथरस, इटावा, औरैया, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, बस्ती के 3-3, कासगंज, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, बिजनौर, संभल, सीतापुर, झांसी, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया के 1-1, मेरठ, पीलीभीत, कौशांबी के 5-5, मुजफ्फरनगर, बहराइच के 4-4, मुरादाबाद, लखीमपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, कन्नौज, फतेहपुर, अयोध्या, महराजगंज, कुशीनगर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर के 2-2, रामपुर के 6, हरदोई के 9, मऊ के 8 कॉलेज डिबार किए गए हैं। वहीं, चार कॉलेज को हमेशा के लिए बनने से वंचित कर दिया गया है।
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यह बात बिल्कुल सही है कि नकल माफिया व नकल के खिलाफ शिकंजा कसा गया है। इसलिए प्रदेश में डिबार के मामले में अलीगढ़ प्रदेश में अव्वल है। नकल के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
-डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआइओएस
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यूं तो यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन अभी से ही अलीगढ़ के रिकॉर्ड बनने शुरू हो गए हैं। बोर्ड ने प्रदेशभर के 312 कॉलेज को काली सूची में डाल दिया है, जिनमें सबसे ज्यादा अलीगढ़ के 60 कॉलेज हैं।
नकल के लिए अतरौलिया बोर्ड कुख्यात है। हालांकि, कई वर्षों से नकल के किले को ढहाने की कवायद शिक्षा विभाग की ओर से जारी है। नकल पर लगाम लगाने के लिए टेक्नोलॉजी का भी सहारा लिया, जिसे खुद उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सराहा है। इसी का नतीजा रहा है कि पिछले वर्ष अलीगढ़ का इंटर में 56.39 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश में 75वें स्थान आने का भी नापसंद रिकॉर्ड बनाया था।
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इसी कड़ी में इस बार डिबार के मामले में भी अलीगढ़ ने रिकॉर्ड बनाया है। अलीगढ़ के 60, फिरोजाबाद के 24, बलिया के 20, प्रयागराज के 17, आजमगढ़ के 15, प्रतापगढ़ के 14, मथुरा के 11, आगरा, गोरखपुर के 10-10, एटा, गाजीपुर के 7-7, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर नगर, हाथरस, इटावा, औरैया, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, बस्ती के 3-3, कासगंज, बुलंदशहर, सुल्तानपुर, बिजनौर, संभल, सीतापुर, झांसी, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया के 1-1, मेरठ, पीलीभीत, कौशांबी के 5-5, मुजफ्फरनगर, बहराइच के 4-4, मुरादाबाद, लखीमपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, कन्नौज, फतेहपुर, अयोध्या, महराजगंज, कुशीनगर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर के 2-2, रामपुर के 6, हरदोई के 9, मऊ के 8 कॉलेज डिबार किए गए हैं। वहीं, चार कॉलेज को हमेशा के लिए बनने से वंचित कर दिया गया है।
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यह बात बिल्कुल सही है कि नकल माफिया व नकल के खिलाफ शिकंजा कसा गया है। इसलिए प्रदेश में डिबार के मामले में अलीगढ़ प्रदेश में अव्वल है। नकल के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
-डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआइओएस