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अलीगढ़ : त्योहार पर भी कारोबार नहीं पकड़ पा रहा रफ्तार
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रेलवे रोड स्थित शोरूम में साड़ी पंसद करती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
काश, इस शनिवार एवं रविवार को लाकडाउन न होता तो कुछ दुकानदारी हो जाती। यह दुआ कोरोना की मार से कराह रहा हर दुकानदार कर रहा है। हर किसी की नजर शासन प्रशासन के अफसरों पर टिकी हुई है। कारोबार की दृष्टि से देखें तो रक्षाबंधन पर ब्यूटी पार्लर, गारमेंट्स के अलावा गिफ्ट कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दुकानदारी आधी रह गई है। दुकानदारों को उम्मीद थी त्योहार के सीजन में कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ लेगा लेकिन उनकी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।
- रक्षाबंधन का ब्यूटी पार्लर कारोबार पर ज्यादा असर नहीं हैं। इक्का-दुक्का ग्राहक ही ब्यूटी सर्विसेज के लिए आ रही हैं। बकरीद के चलते अवश्य कुछ मुस्लिम महिलाएं आ रही हैं। कारोबार में गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमें ब्राइडल मेकअप के दाम गिराने पड़े हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक से पार्टी मेकअप कराने भी इक्का-दुक्का महिलाएं आ रही हैं। जबकि पूर्व में इन दिनों में भीड़ का आलम यह रहता था कि कर्मचारियों को खाना तक खाने की फुर्सत नहीं मिलती थी।
- नूपुर, वीएलसीसी ब्यूटी पार्लर
रक्षाबंधन पर साड़ी आदि लेने का चलन कम है। हमारे पास 500 से 5 हजार तक की प्रिंटेड साड़ी, 500 से 2500 तक की कॉटन साड़ी तो 1500 से 3500 रुपये तक की लेनिन साड़ी उपलब्ध हैं। परंतु त्योहार पर 1200 रुपये तक के प्लाजो सैट, पेंट सूट व स्कर्ट सूट ज्यादा बिक रहे हैं। शनिवार व रविवार को यदि दुकानें खोलने की अनुमति मिल जाए तो कारोबार उठ सकता है। वर्तमान में तो कोरोना के भय से ग्राहक नहीं आ रहे और आ भी रहा है तो रस्मी तौर पर खरीदारी कर निकल रहा है।
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- अभिषेक अग्रवाल, स्वदेशी साड़ी
रक्षाबंधन पर लाकडाउन के चलते इस बार चार पांच क्विंटल घेवर ही बनवाया है। ग्राहक तो घेवर आदि खरीदने शनिवार, रविवार को निकलेगा। सोमवार को त्योहार की आपाधापी में अपेक्षित बिक्री नहीं हो सकेगी। पिछले साल से तुलना करें तो मात्र 50 फीसदी दुकानदारी है।
- राहुल, राहुल मिष्ठान्न भंडार, मदारगेट
गिफ्ट आइटमों की बिक्री भी 30-40 फीसदी रह गई है। रक्षाबंधन के लिए लोग छोटे गिफ्ट ही खरीद रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों ने भी इस बार कोई विशेष पैकेज नहीं निकाले हैं। टैडी बीयर से लेकर अन्य छोटे गिफ्ट ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं।
- विजेता यादव, गिफ्ट एंपोरियम रामघाट रोड
महामारी के दौर में बदल गया खरीददारी का चलन
कोरोना महामारी ने सबकुछ बदलकर रख दिया है। यहां तक कि खरीददारी के तौर तरीके तक बदल गये हैं। अब तक दुकान पर जाकर ढेरों पीस निकलवाने में घंटों खर्च करने के बाद एक पीस पसंद करने का तरीका पुराना हो गया है। लोग अब रेडीमेड कपड़े, साड़ी व सूट वीडियो कालिंग व व्हाट्स एप के माध्यम से पसंद कर रहे हैं और आर्डर भी व्हाट्सएप के जरिये देकर होम डिलीवरी मंगा रहे हैं। स्वदेशी साड़ी शॉप के स्वामी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के भय से दुकानदारी का तरीका भी बदल गया है। अपनी शाप पर वीडियो कालिंग व व्हाट्स एप नंबर प्रदर्शित किए हैं। ग्राहक अब वीडियो कालिंग अथवा व्हाट्स एप के जरिये साड़ी, सूट आदि पसंद करता है। उसके बाद व्हाट्स एप से ही आर्डर करता है। हम उसे होम डिलीवरी कराते हैं। हर रोज ऐसे पांच सात आर्डर मिल रहे हैं। इस सेवा से हम भी सुरक्षित हैं और ग्राहक भी।
चाय-काफी नहीं हाथ सैनिटाइज करा दो
रेडीमेड गारमेंट्स एवं साड़ी एंपोरियम पर पहुंचने वाले ग्राहक अब चाय, काफी या कोल्ड ड्रिंक नहीं मांगते। यहां तक कि पानी तक मांगने से बचते हैं। डिमांड होती है तो सैनिटाइजर की। एक दुकानदार ने बताया कि यदि साड़ी आदि पसंद करने में ग्राहक एक घंटा बैठता है तो कम से कम चार पांच बार सैनिटाइजर की डिमांड करता है।
जेल में बंद भाई को आज शाम तक पहुंचाई जा सकेंगी राखियां
इस बार रक्षाबंधन तक बहनें जेल में निरुद्ध भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध सकेंगी। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दृष्टि से जेल परिसर के बाहर एक अलग काउंटर बनाया गया है। इसमें बहनें अपने भाई के नाम के लिफाफे में राखियां रखकर शनिवार सायं तक दे सकती हैं। रक्षाबंधन वाले दिन उसके भाई तक राखी पहुंच जाएंगी।
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- रक्षाबंधन का ब्यूटी पार्लर कारोबार पर ज्यादा असर नहीं हैं। इक्का-दुक्का ग्राहक ही ब्यूटी सर्विसेज के लिए आ रही हैं। बकरीद के चलते अवश्य कुछ मुस्लिम महिलाएं आ रही हैं। कारोबार में गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमें ब्राइडल मेकअप के दाम गिराने पड़े हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक से पार्टी मेकअप कराने भी इक्का-दुक्का महिलाएं आ रही हैं। जबकि पूर्व में इन दिनों में भीड़ का आलम यह रहता था कि कर्मचारियों को खाना तक खाने की फुर्सत नहीं मिलती थी।
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- नूपुर, वीएलसीसी ब्यूटी पार्लर
रक्षाबंधन पर साड़ी आदि लेने का चलन कम है। हमारे पास 500 से 5 हजार तक की प्रिंटेड साड़ी, 500 से 2500 तक की कॉटन साड़ी तो 1500 से 3500 रुपये तक की लेनिन साड़ी उपलब्ध हैं। परंतु त्योहार पर 1200 रुपये तक के प्लाजो सैट, पेंट सूट व स्कर्ट सूट ज्यादा बिक रहे हैं। शनिवार व रविवार को यदि दुकानें खोलने की अनुमति मिल जाए तो कारोबार उठ सकता है। वर्तमान में तो कोरोना के भय से ग्राहक नहीं आ रहे और आ भी रहा है तो रस्मी तौर पर खरीदारी कर निकल रहा है।
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- अभिषेक अग्रवाल, स्वदेशी साड़ी
रक्षाबंधन पर लाकडाउन के चलते इस बार चार पांच क्विंटल घेवर ही बनवाया है। ग्राहक तो घेवर आदि खरीदने शनिवार, रविवार को निकलेगा। सोमवार को त्योहार की आपाधापी में अपेक्षित बिक्री नहीं हो सकेगी। पिछले साल से तुलना करें तो मात्र 50 फीसदी दुकानदारी है।
- राहुल, राहुल मिष्ठान्न भंडार, मदारगेट
गिफ्ट आइटमों की बिक्री भी 30-40 फीसदी रह गई है। रक्षाबंधन के लिए लोग छोटे गिफ्ट ही खरीद रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों ने भी इस बार कोई विशेष पैकेज नहीं निकाले हैं। टैडी बीयर से लेकर अन्य छोटे गिफ्ट ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं।
- विजेता यादव, गिफ्ट एंपोरियम रामघाट रोड
महामारी के दौर में बदल गया खरीददारी का चलन
कोरोना महामारी ने सबकुछ बदलकर रख दिया है। यहां तक कि खरीददारी के तौर तरीके तक बदल गये हैं। अब तक दुकान पर जाकर ढेरों पीस निकलवाने में घंटों खर्च करने के बाद एक पीस पसंद करने का तरीका पुराना हो गया है। लोग अब रेडीमेड कपड़े, साड़ी व सूट वीडियो कालिंग व व्हाट्स एप के माध्यम से पसंद कर रहे हैं और आर्डर भी व्हाट्सएप के जरिये देकर होम डिलीवरी मंगा रहे हैं। स्वदेशी साड़ी शॉप के स्वामी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के भय से दुकानदारी का तरीका भी बदल गया है। अपनी शाप पर वीडियो कालिंग व व्हाट्स एप नंबर प्रदर्शित किए हैं। ग्राहक अब वीडियो कालिंग अथवा व्हाट्स एप के जरिये साड़ी, सूट आदि पसंद करता है। उसके बाद व्हाट्स एप से ही आर्डर करता है। हम उसे होम डिलीवरी कराते हैं। हर रोज ऐसे पांच सात आर्डर मिल रहे हैं। इस सेवा से हम भी सुरक्षित हैं और ग्राहक भी।
चाय-काफी नहीं हाथ सैनिटाइज करा दो
रेडीमेड गारमेंट्स एवं साड़ी एंपोरियम पर पहुंचने वाले ग्राहक अब चाय, काफी या कोल्ड ड्रिंक नहीं मांगते। यहां तक कि पानी तक मांगने से बचते हैं। डिमांड होती है तो सैनिटाइजर की। एक दुकानदार ने बताया कि यदि साड़ी आदि पसंद करने में ग्राहक एक घंटा बैठता है तो कम से कम चार पांच बार सैनिटाइजर की डिमांड करता है।
जेल में बंद भाई को आज शाम तक पहुंचाई जा सकेंगी राखियां
इस बार रक्षाबंधन तक बहनें जेल में निरुद्ध भाई की कलाई पर राखी नहीं बांध सकेंगी। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दृष्टि से जेल परिसर के बाहर एक अलग काउंटर बनाया गया है। इसमें बहनें अपने भाई के नाम के लिफाफे में राखियां रखकर शनिवार सायं तक दे सकती हैं। रक्षाबंधन वाले दिन उसके भाई तक राखी पहुंच जाएंगी।