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अलीगढ़ : आपत्ति के साथ 572 करोड़ का बजट पास

Sat, 30 Apr 2022 11:22 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:22 PM IST
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Aligarh: Budget of 572 crores passed with objection
नगर निगम जवाहर भवन सभागार में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में हंगामें के दौरान अमर उजाला में आज ? - फोटो : CITY OFFICE
नगर निगम के जवाहर भवन सभागार में शनिवार को कार्यकारिणी समिति के समक्ष प्रस्तावित 572 करोड़ रुपये का बजट रखा गया लेकिन बजट में किस मद में कितना खर्च होगा, यह साफ न होने पर भाजपा पार्षदों ने जमकर हंगामा काटा। पार्षदों का कहना था कि बजट कहां कहां और किस किस मद में कितना खर्च होगा, उस हिसाब से बजट प्रस्तुत किया जाए।
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भाजपा पार्षद सामान्य अधिवेशन की मांग पर अड़ गए। हंगामे के बीच सदन दो बार स्थगित हुआ। दोपहर बाद महापौर मो. फुरकान के आश्वासन पर आपत्ति के साथ 572 करोड़ रुपये के बजट पर मुहर लगी। नगर निगम सदन में 2022-23 का प्रस्तावित बजट पेश किया गया।
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इस पर भाजपा पार्षदों मुकेश शर्मा, अनिल सेंगर और विजय तोमर ने कहा कि पहले जनहित में सामान्य अधिवेशन बुलाया जाए। निर्माण कार्य, प्रस्ताव और खर्च पर चर्चा हो। उसके बाद जनता की सहूलियत के हिसाब से बजट प्रस्तुत किया जाए। महापौर मो. फुरकान के आश्वासन के बावजूद बात नहीं बन पाई। नतीजतन दो बार सदन स्थगित हुआ। जनता के हित को देखते हुए भाजपा के सात पार्षदों के साथ अन्य पांच पार्षद भी एकमत हो गए।
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विपक्ष के मुशर्रफ हुसैन ने भी सामान्य अधिवेशन की घोषणा पर सहमति जताई। सभी का कहना था कि सामान्य अधिवेशन की घोषणा करके पार्षदों के प्रश्न क्यों लगवाए गए, शहर में जनता जल, सफाई, लाइट, निर्माण, पुलिया, खड़ंजा, सड़क के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। सामान्य अधिवेशन के बाद ही बजट पर चर्चा हो। दोपहर बाद महापौर ने आश्वासन दिया कि मई के पहले सप्ताह में सामान्य अधिवेशन बुलाएंगे। इसके बाद सदन में बजट पास हुआ। 572 करोड़ रुपये के बजट में कई आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
ये सदस्य रहे मौजूद
- डॉ. मुकेश शर्मा उपसभापति, अनिल कुमार सेंगर, लतेश चौधरी, हेमंत गुप्ता, विजय तोमर, प्रीति शर्मा, राजेंद्र किशोर, सद्दाम हुसैन, मुशर्रफ हुसैन, हुमैरा, फिरोज खां, माशा अल्लाह।
पार्षदों को भी मिलना चाहिए बीमा का लाभ
- बजट में कर्मचारियों के इंश्योरेंस का मद है, जिस पर सदस्यों ने कहा कि कर्मचारियों के साथ पार्षदों को भी इंश्योरेंस का लाभ मिलना चाहिए। पार्षद दिनभर क्षेत्र में घूमकर जनता की समस्या देखते हैं। कोरोना काल में तीन पार्षदों की मौत हो गई, जिनकी कोई मदद नहीं कर पाए। ऐसे में पार्षदों को भी बीमे का लाभ दिया जाए, ताकि मृत्यु पर परिजनों को मदद मिल सके। इस पर सदन ने प्रस्ताव बनाकर शासन से मार्गदर्शन लेने पर सहमति जताई।
निर्माण बजट में कटौती पर सदस्यों का चढ़ा पारा
- वार्डों में सड़क निर्माण, मरम्मत, फुटपाथ निर्माण, ट्रैफिक सुधार आदि के लिए 2021-22 में 24 करोड़ रुपये का बजट था, जो इस बजट में 12 करोड़ है। इस पर आपत्ति जताते हुए मुकेश शर्मा, अनिल सेंगर आदि ने कहा कि कई ऐसे मद हैं, जिनकी राशि खर्च नहीं की जाती है।
उनमें कटौती कर निर्माण का बजट बढ़ाया जाए। इसी प्रकार मलिन बस्ती क्षेत्र का बजट छह करोड़ से घटाकर चार करोड़ करने पर आपत्ति जताई गई। सभी ने एक राय कहा कि 70 वार्ड पुराने हैं, दस नए वार्ड शामिल हो गए हैं। सालों से काम नहीं हुआ। जनता जवाब चाहती है।
आवारा कुत्ते-बंदर पकड़ने पर भी उठे सवाल
आवारा कुत्ते-बंदर पकड़ने के लिए 50 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित था। इस पर पार्षदों ने कहा कि बंदर-कुत्ते पकड़े नहीं जाते हैं। पकड़े जाते हैं तो तीन दिन बाद फिर गली-मोहल्लों में दिखाई देते हैं। यह पैसा कहां खर्च किया जाता है, कब किया जाता है। इस पर सफाई मांगी।
पार्षदों का टैक्स होना चाहिए माफ, भेजा जाए टूर पर
- बजट के दौरान पार्षदों ने गृहकर, जलकर आदि माफ करने का प्रस्ताव रखा। जल्द ही पार्षदों को टूर पर ले जाने के लिए भी कहा गया। इस पर जवाब मिला कि ईद के बाद सभी पार्षदों को टूर पर भेजा जाएगा। टूर की निविदा प्रस्तावित कर दी गई हैं।

सदन में दिखाया अमर उजाला अखबार
सदस्यों ने पानी व जलभराव का मुद्दा सदन में उठाया। पार्षद अनिल सेंगर, विजय तोमर, डॉ. मुकेश शर्मा आदि महापौर के पास डायस पर गए और अमर उजाला अखबार दिखाया। बोले, अमर उजाला हकीकत छाप रहा है। जनता परेशान है। इसीलिए बजट में जनता की समस्या का निदान होना चाहिए। जनता जवाब मांग रही है। महापौर ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि यह तो मैं भी जानता हूं, जनता परेशान है, लेकिन बजट पास करा दो। इस पर सामान्य अधिवेशन में चर्चा करेंगे। अधिकारी सुन नहीं रहे हैं। चार महीने से नगर आयुक्त मेरे सामने नहीं पड़े हैं।
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