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अलीगढ़ : सबसे बड़ी चिंता ... नरेंद्र से पहले इंद्र आए
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आशीष निगम, अलीगढ़।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियां जोरशोर से हो रही हैं। अतीत में झांके तो पांच फरवरी 2017 को पीएम मोदी नुमाइश मैदान में विधानसभा चुनाव की जनसभा को संबोधित करने आए थे। बूंदाबांदी होने पर उन्होंने कहा था.. नरेंद्र आए, इंद्र आए। उनका ये डायलॉग कई दिनों तक चर्चा में रहा था। ये हल्की बारिश उनके मंच पर आने से ठीक पहले हुई थी।
इस बार 14 सितंबर को उनके आने से तीन दिन पहले शनिवार से ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है, जिससे राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि, लोधा की जमीन में बन रहे पीएम के मंच, भाजपा नेताओं के मंच, मुख्य पंडाल में पानी भरने से कीचड़ हो गया है। आसपास भी पानी भर गया है। ये पानी आने वाले दो दिन में सुखाया जा सकता है, लेकिन बड़ी चिंता की बात ये है मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार, सोमवार और मंगलवार को बारिश होने के 70 फीसदी आसार हैं।
एएमयू के भूगोल विभाग के प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि बरसात का मौसम जाने वाला है। इसलिए आगामी 14 अक्तूबर तक बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। मौसम के इस मिजाज की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में अलीगढ़ से लखनऊ और दिल्ली तक तनाव बढ़ गया है। सभी के सामने बारिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को सफल बनाने की बड़ी चुनौती है।
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जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने शनिवार को जब लोधा में कार्यक्रम स्थल का दौरा किया तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। अधिकारियों को जलनिकासी का निर्देश दिया गया है। मुख्य पंडाल में पानी भर गया है। पार्किंग स्थल, हैलीपैड के आसपास भी जलभराव हो गया है। रुक-रुक कर बारिश जारी रहने से परेशानी और बढ़ रही है।
अधिकारियों ने समस्या से निपटने के लिए बालू मंगवाना शुरू कर दिया है। कई जगह गड्ढे खोद कर पानी को भूगर्भ में समाहित कराया जा रहा है ताकि जलभराव न हो। कुछ स्थानों पर गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी भी डाली जा रही है। यहां पंडाल आदि का निर्माण कर रहे लोगों ने बताया कि पानी की वजह से जमीन पर कोई भी चीज मजबूती से टिक नहीं रही है।
जिससे कार्य पूरा करने में दिक्कत हो रही है। गौर हो कि पांच फरवरी 2017 के बाद पीएम मोदी की ये दूसरा कार्यक्रम होगा, जिसमें वह अलीगढ़ आ रहे हैं। इस बीच उन्होंने एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह को ऑनलाइन संबोधित किया था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की तैयारियां जोरशोर से हो रही हैं। अतीत में झांके तो पांच फरवरी 2017 को पीएम मोदी नुमाइश मैदान में विधानसभा चुनाव की जनसभा को संबोधित करने आए थे। बूंदाबांदी होने पर उन्होंने कहा था.. नरेंद्र आए, इंद्र आए। उनका ये डायलॉग कई दिनों तक चर्चा में रहा था। ये हल्की बारिश उनके मंच पर आने से ठीक पहले हुई थी।
इस बार 14 सितंबर को उनके आने से तीन दिन पहले शनिवार से ही मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है, जिससे राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि, लोधा की जमीन में बन रहे पीएम के मंच, भाजपा नेताओं के मंच, मुख्य पंडाल में पानी भरने से कीचड़ हो गया है। आसपास भी पानी भर गया है। ये पानी आने वाले दो दिन में सुखाया जा सकता है, लेकिन बड़ी चिंता की बात ये है मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार, सोमवार और मंगलवार को बारिश होने के 70 फीसदी आसार हैं।
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एएमयू के भूगोल विभाग के प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि बरसात का मौसम जाने वाला है। इसलिए आगामी 14 अक्तूबर तक बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। मौसम के इस मिजाज की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में अलीगढ़ से लखनऊ और दिल्ली तक तनाव बढ़ गया है। सभी के सामने बारिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को सफल बनाने की बड़ी चुनौती है।
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जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने शनिवार को जब लोधा में कार्यक्रम स्थल का दौरा किया तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। अधिकारियों को जलनिकासी का निर्देश दिया गया है। मुख्य पंडाल में पानी भर गया है। पार्किंग स्थल, हैलीपैड के आसपास भी जलभराव हो गया है। रुक-रुक कर बारिश जारी रहने से परेशानी और बढ़ रही है।
अधिकारियों ने समस्या से निपटने के लिए बालू मंगवाना शुरू कर दिया है। कई जगह गड्ढे खोद कर पानी को भूगर्भ में समाहित कराया जा रहा है ताकि जलभराव न हो। कुछ स्थानों पर गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी भी डाली जा रही है। यहां पंडाल आदि का निर्माण कर रहे लोगों ने बताया कि पानी की वजह से जमीन पर कोई भी चीज मजबूती से टिक नहीं रही है।
जिससे कार्य पूरा करने में दिक्कत हो रही है। गौर हो कि पांच फरवरी 2017 के बाद पीएम मोदी की ये दूसरा कार्यक्रम होगा, जिसमें वह अलीगढ़ आ रहे हैं। इस बीच उन्होंने एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह को ऑनलाइन संबोधित किया था।