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'खूनी फाटक' पर पुल बनाने में थोड़ा सा रोड़ा
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खूनी फाटक के नाम से मशहूर सीमा फाटक पर रेलवे लाइन पार करने के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए यहां प्रस्तावित ओवरब्रिज दो राहे पर खड़ा हो गया है। कचहरी की साइट से तो इसके निर्माण का रास्ता साफ है लेकिन बन्नादेवी की ओर सीमा टॉकीज या नई बस्ती को लेकर पेच फंस गया है।
सीमा फाटक पर रेल ओवरब्रिज न होने से कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो चुके हैं। इन हादसों को रोकने के लिए सांसद सतीश गौतम ने यहां ओवर ब्रिज बनाने की मांग रेलवे से की थी। जनवरी में प्रयागराज में हुई एक बैठक में सांसद सतीश गौतम के प्रतिनिधि के तौर पर नामित पार्षद संजय पंडित बैठक में शामिल होने गए। उस बैठक में ही इस प्रस्ताव को रेलवे ने हरी झंडी दे दी और राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा। अब राज्य सरकार के स्तर पर मामला बन्नादेवी साइड के सीमा टॉकीज या नई बस्ती को लेकर अटक गया है। दरअसल, इसके निर्माण में अतिक्रमण बाधा बन गया है।
नई बस्ती की तरफ रास्ता संकरा होने के साथ ही यहां अतिक्रमण भी अधिक है।
सीमा टॉकीज की ओर जरूर रास्ता थोड़ा चौड़ा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इन दोनों रास्तों को लेकर असमंजस में हैं। सांसद सतीश गौतम के मुताबिक ओवरब्रिज के निर्माण में जो भी बाधाएं आ रही हैं। उनको जिला प्रशासन के सामने रखा जाएगा। वहां से जो भी बेहतर सुझाव आएगा, उसके आधार पर एक पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखकर सरकार से भी मंजूरी दिलवाई जाएगी।
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20 हजार लोगों का है सीमा फाटक से आवागमन
कचहरी के नजदीक होने के साथ ही सिविल लाइंस और बन्नादेवी को जोड़ने वाले सीमा फाटक पर रोजाना करीब 20 हजार लोगों का आवागमन है। ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से वाहनों की कतारें लग जाती हैं। जल्दबाजी के चक्कर में लोग जान भी गवां बैठते हैं।
अतिक्रमण हटने से प्रभावित होंगे तीन हजार लोग
ओवर ब्रिज के लिए बन्नादेवी साइट की नई बस्ती या सीमा टॉकीज वाले रास्ते में एक को चुना जाना है। अतिक्रमण हटाना बड़ी मुसीबत होगा। नई बस्ती संकरा और घनी बस्ती वाला क्षेत्र है। अतिक्रमण हटवाए जाने पर यहां दोनों साइड के 150 घर जद में आएंगे। सीमा टॉकीज वाले रास्ते पर घरों के साथ दुकानें भी टूटेंगी। रेलवे यात्री परामर्श समिति के सदस्य व नगर निगम के नामित पार्षद संजय पंडित के मुताबिक करीब तीन हजार की आबादी पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
रेलवे की ओर से सीमा फाटक संख्या 110 पर ओवर ब्रिज निर्माण को मंजूरी देते हुए प्रदेश सरकार को प्रोजेक्ट भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही सीमा फाटक पर मीनाक्षी पुल के जैसा ओवर ब्रिज बनेगा।
- डीके गौतम, स्टेशन अधीक्षक।
सीमा फाटक व रेलवे जंक्शन के बीच रेल हादसों में हुईं मौत
वर्ष मौत
2016 09
2017 32
2018 26
2019 18
2020 04 (अगस्त तक)
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सीमा फाटक पर रेल ओवरब्रिज न होने से कई लोगों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो चुके हैं। इन हादसों को रोकने के लिए सांसद सतीश गौतम ने यहां ओवर ब्रिज बनाने की मांग रेलवे से की थी। जनवरी में प्रयागराज में हुई एक बैठक में सांसद सतीश गौतम के प्रतिनिधि के तौर पर नामित पार्षद संजय पंडित बैठक में शामिल होने गए। उस बैठक में ही इस प्रस्ताव को रेलवे ने हरी झंडी दे दी और राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा। अब राज्य सरकार के स्तर पर मामला बन्नादेवी साइड के सीमा टॉकीज या नई बस्ती को लेकर अटक गया है। दरअसल, इसके निर्माण में अतिक्रमण बाधा बन गया है।
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नई बस्ती की तरफ रास्ता संकरा होने के साथ ही यहां अतिक्रमण भी अधिक है।
सीमा टॉकीज की ओर जरूर रास्ता थोड़ा चौड़ा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी इन दोनों रास्तों को लेकर असमंजस में हैं। सांसद सतीश गौतम के मुताबिक ओवरब्रिज के निर्माण में जो भी बाधाएं आ रही हैं। उनको जिला प्रशासन के सामने रखा जाएगा। वहां से जो भी बेहतर सुझाव आएगा, उसके आधार पर एक पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखकर सरकार से भी मंजूरी दिलवाई जाएगी।
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20 हजार लोगों का है सीमा फाटक से आवागमन
कचहरी के नजदीक होने के साथ ही सिविल लाइंस और बन्नादेवी को जोड़ने वाले सीमा फाटक पर रोजाना करीब 20 हजार लोगों का आवागमन है। ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से वाहनों की कतारें लग जाती हैं। जल्दबाजी के चक्कर में लोग जान भी गवां बैठते हैं।
अतिक्रमण हटने से प्रभावित होंगे तीन हजार लोग
ओवर ब्रिज के लिए बन्नादेवी साइट की नई बस्ती या सीमा टॉकीज वाले रास्ते में एक को चुना जाना है। अतिक्रमण हटाना बड़ी मुसीबत होगा। नई बस्ती संकरा और घनी बस्ती वाला क्षेत्र है। अतिक्रमण हटवाए जाने पर यहां दोनों साइड के 150 घर जद में आएंगे। सीमा टॉकीज वाले रास्ते पर घरों के साथ दुकानें भी टूटेंगी। रेलवे यात्री परामर्श समिति के सदस्य व नगर निगम के नामित पार्षद संजय पंडित के मुताबिक करीब तीन हजार की आबादी पर इसका प्रभाव पड़ेगा।
रेलवे की ओर से सीमा फाटक संख्या 110 पर ओवर ब्रिज निर्माण को मंजूरी देते हुए प्रदेश सरकार को प्रोजेक्ट भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही सीमा फाटक पर मीनाक्षी पुल के जैसा ओवर ब्रिज बनेगा।
- डीके गौतम, स्टेशन अधीक्षक।
सीमा फाटक व रेलवे जंक्शन के बीच रेल हादसों में हुईं मौत
वर्ष मौत
2016 09
2017 32
2018 26
2019 18
2020 04 (अगस्त तक)