{"_id":"6a1f0f174b3e2084a7058720","slug":"aligarh-barhasaini-college-society-elections-cancelled-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के चुनाव निरस्त, डिप्टी रजिस्ट्रार ने नए सिरे से मांगी वोटर लिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के चुनाव निरस्त, डिप्टी रजिस्ट्रार ने नए सिरे से मांगी वोटर लिस्ट
Tue, 02 Jun 2026 10:43 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Tue, 02 Jun 2026 10:43 PM IST
सार
डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश के बाद पुरानी चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शून्य हो चुकी है। दोनों पक्षों को अपनी साधारण सभा की सूची डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करनी होगी। आपत्तियों का निस्तारण कर विभाग खुद एक अंतिम और वैध वोटर लिस्ट तैयार करेगा। यह सूची फाइनल होने के बाद ही प्रबंध समिति का नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव होगा।
विज्ञापन
श्री बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी के पदाधिकारी
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अलीगढ़ के बारहसैनी कॉलेज सोसाइटी की प्रबंध समिति के चुनाव पर विवाद गहरा गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार विपुल कुमार सिंह ने 27 मई 2026 को एक बड़ा आदेश जारी किया। उन्होंने 21 दिसंबर 2025 को हुई पूरी निर्वाचन कार्रवाई को अवैध घोषित कर दिया है।
विज्ञापन
डिप्टी रजिस्ट्रार ने कहा कि साधारण सभा के सदस्यों की वैधता जांचे बिना चुनाव कराना विधिसंगत नहीं था। राजेंद्र वार्ष्णेय व अन्य सदस्यों की शिकायतों की गहन जांच के बाद यह कदम उठा। जांच में निर्वाचन प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां पाई गईं। भेजी गई 4800 डाक सूचनाओं में से 890 लिफाफे वापस आ गए थे। इन पर सदस्य के मृत होने या पते पर न रहने की टिप्पणी थी। मतदाता सूची में एक ही सदस्य का नाम दो-दो क्रमांकों पर दर्ज था। नियमों का उल्लंघन कर सूची में 15 नए सदस्य अवैध रूप से बढ़ाए गए। चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को अंतिम रूप दिया ही नहीं गया था।
विज्ञापन
निर्वाचन अधिकारी को मतदाता सूची फाइनल करने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह कार्य सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम की धारा 4-बी के तहत डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय से होना था। डिप्टी रजिस्ट्रार की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। लगभग 4800 डाक सूचनाओं में से 890 लिफाफे डाक विभाग ने वापस कर दिए। इन पर सदस्यों के मृत होने या गलत पते की टिप्पणी दर्ज थी। मतदाता सूची में एक ही सदस्य का नाम दो बार था और 15 नए सदस्य अवैध रूप से जोड़े गए।
विज्ञापन
नए सिरे से होगा निष्पक्ष चुनाव
डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश के बाद पुरानी चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शून्य हो चुकी है। दोनों पक्षों को अपनी साधारण सभा की सूची डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करनी होगी। आपत्तियों का निस्तारण कर विभाग खुद एक अंतिम और वैध वोटर लिस्ट तैयार करेगा। यह सूची फाइनल होने के बाद ही प्रबंध समिति का नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव होगा। इस मामले के पक्षकार राजेंद्र वार्ष्णेय ने इसे सत्य की जीत बताया है। उधर, वार्ष्णेय कॉलेज सोसाइटी के सचिव डॉ. उमाकांत वार्ष्णेय ने विधिक राय लेने और दोबारा चुनाव लड़ने की बात कही है।