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अलीगढ़ : बैंकों ने करोड़ों रुपये के गोल्ड लोन दिए
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आशीष निगम
पुरानी कहावत है.. जब भी पैसा बचे तो कुछ सोना खरीद लो, बुरे वक्त में काम आएगा। ये कहावत हमेशा की तरह आज भी सच है। बैंकों में वर्तमान में गोल्ड लोन कराने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बीते जून महीने में अकेले एसबीआई ने साढ़े तीन करोड़ के जेवर गिरवी रखकर लगभग दो करोड़ रुपये के गोल्ड लोन बांट दिए। गोल्ड लोन की मांग को देखते हुए जिले के लीड बैंक केनरा बैंक ने एक दर्जन से अधिक गोल्ड अप्रेजर की नियुक्तियां निकाल दी हैं। सोने के जेवरों की वर्तमान बाजार में कीमत में आकलन करने वालों को गोल्ड अप्रेजर कहा जाता है। यही नहीं बैंकों के बाहर गोल्ड लोन के लुभावने डिस्प्ले भी लग रहे हैं।
गौर हो कि 25 मार्च से 9 जून तक लगभग ढाई महीने लंबे लॉकडाउन के कारण कामकाज बंद होने से अधिकांश लोग आर्थिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक मदद के लिए बैंक इस विकल्प को सामने रख रहे हैं, जिसमें लगभग सात फीसदी सालाना ब्याज दर पर लोन भी मिल रहा है और जेवर भी सुरक्षित हो रहे हैं।
गोल्ड लोन वर्तमान में पैसों की जरूरत पूरा करने का सबसे बेहतर विकल्प है। जिसमें 7.50 फीसदी की सालाना ब्याजदर पर लोन मिलता है। जेवर भी सुरक्षित रहते हैं और रकम भी मिल जाती है। जून में लगभग दो करोड़ रुपये के लोन दिए गए हैं।
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- देवेश मित्तल, रीजनल मैनेजर एसबीआई।
हमने हाल के दो महीने में लगभग एक करोड़ रुपये के गोल्ड लोन दिए हैं। हम ग्राहकों को इसके फायदे बता रहे हैं।
- राकेश कुमार तिवारी, सीनियर मैनेजर केनरा बैंक।
गोल्ड लोन कैसे होता..?
- बैंक में जाकर गिरवी रखे जाने वाले सोने की जानकारी देनी है। इसके बाद बैंक द्वारा नियुक्त गोल्ड अप्रेजर उसकी वर्तमान कीमत आंकता है।
- कीमत आंकने के बाद गोल्ड अप्रेजर अपनी रिपोर्ट देता है। ये रिपोर्ट बैंक के पास आने के बाद लगभग दो घंटे में लोन हो जाता है।
- किसी पर कोई भी लोन पहले से चल रहा हो। उसकी लोन संबंधी सिविल रिपोर्ट कुछ भी हो, उसका बैंक एकाउंट का रिकार्ड कुछ भी हो। वह गोल्ड लोन लेने का हकदार माना जाता है, किसी और गारंटी की जरूरत नहीं है।
- गोल्ड लोन लेने वाले बैंक में अगर संबंधित व्यक्ति का खाता नहीं है तो उसका खाता भी लगभग एक घंटे में खोल दिया जाता है। ये प्रक्रिया तेज गति से पूरी होती है।
- बैंक में गिरवी रखे गए सोने के आभूषण दो बैंक अधिकारियों की निगरानी में लॉकर में रखा जाता है। उसकी दो चाबियां दो अलग अलग अधिकारियों के पास रहती हैं।
- लोन की पूरी रकम चुकता हो जाती है तो ग्राहक के सामने सील किए गए जेवर उसको सौंप दिए जाते हैं।
गोल्ड लोन की तुलनात्मक ब्याज दरें
गोल्ड लोन पर एसबीआई में 7.50 फीसदी, केनरा बैंक में 8.07 से 8.80 फीसदी, यूबीआई में 10.70 फीसदी, मुथुट फाइनेंस में 12 से 27 फीसदी, मणप्पुरम में 12 से 29 फीसदी, एचडीएफसी में 10.05 फीसदी, आईसीआईसीआई में 10 से 19.76 और फेडरेल बैंक में 8.50 फीसदी की सालाना ब्याज दर है।
ये भी जान लें
- अगर एक ग्राम सोने का रेट 4742 रुपये है तो उसके सापेक्ष 3557 रुपये तक का लोन मिल सकता है।
- सोने के रेट और उसके सापेक्ष मिलने वाले लोन की रकम हर महीने की पहली तारीख को तय होती है।
- एक लाख के सोने पर 75 हजार रुपये तक का लोन मिल सकता है। ब्याज 7 से 12 फीसदी सालाना तक।
- बैंक लॉकर पर 2000 रुपये किराया और जीएसटी मिला कर 2300 रुपये सालाना देय होता है।
- गोल्ड लोन 18 महीने की अवधि के लिए देय है, अलग अलग बैंकों में अवधि कम ज्यादा भी है।
- हरेक बैंक में सोने का आकलन करने वाले गोल्ड अप्रेजर नियुक्ति, दो घंटे में हो जाता है लोन।
सरकारी बैंकों में ब्याज दर कम, निजी कंपनी की ज्यादा
एसबीआई रीजनल आफिस के चीफ मैनेजर संजय कुमार पचौरी ने बताया कि एसबीआई सहित अन्य सरकारी बैंकों में गोल्ड लोन पर ब्याज दर कम होने की वजह यह है कि उनके पास बचत खातों में जमा पैसे से वह गोल्ड लोन देकर आय कर लेते हैं। मसलन अगर किसी बैंक में बचत खातों में ही दस लाख रुपये तक जमा है तो वह सात फीसदी की दर से पांच लाख रुपये तक के गोल्ड लोन बांट सकता है। बचत खाताधारक को उसको चार फीसदी सालाना ही ब्याज देना है, इधर वह गोल्ड लोन देकर सात फीसदी तक आय करता है। ऐसे में उसे तीन फीसदी का मुनाफा होता है। वहीं निजी कंपनी में गोल्ड लोन में ब्याज दर ज्यादा इसलिए है कि वह मार्केट से ब्याज पर रकम उठा कर गोल्ड लोन देते हैं।
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पुरानी कहावत है.. जब भी पैसा बचे तो कुछ सोना खरीद लो, बुरे वक्त में काम आएगा। ये कहावत हमेशा की तरह आज भी सच है। बैंकों में वर्तमान में गोल्ड लोन कराने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बीते जून महीने में अकेले एसबीआई ने साढ़े तीन करोड़ के जेवर गिरवी रखकर लगभग दो करोड़ रुपये के गोल्ड लोन बांट दिए। गोल्ड लोन की मांग को देखते हुए जिले के लीड बैंक केनरा बैंक ने एक दर्जन से अधिक गोल्ड अप्रेजर की नियुक्तियां निकाल दी हैं। सोने के जेवरों की वर्तमान बाजार में कीमत में आकलन करने वालों को गोल्ड अप्रेजर कहा जाता है। यही नहीं बैंकों के बाहर गोल्ड लोन के लुभावने डिस्प्ले भी लग रहे हैं।
गौर हो कि 25 मार्च से 9 जून तक लगभग ढाई महीने लंबे लॉकडाउन के कारण कामकाज बंद होने से अधिकांश लोग आर्थिक रूप से परेशान हैं। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक मदद के लिए बैंक इस विकल्प को सामने रख रहे हैं, जिसमें लगभग सात फीसदी सालाना ब्याज दर पर लोन भी मिल रहा है और जेवर भी सुरक्षित हो रहे हैं।
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गोल्ड लोन वर्तमान में पैसों की जरूरत पूरा करने का सबसे बेहतर विकल्प है। जिसमें 7.50 फीसदी की सालाना ब्याजदर पर लोन मिलता है। जेवर भी सुरक्षित रहते हैं और रकम भी मिल जाती है। जून में लगभग दो करोड़ रुपये के लोन दिए गए हैं।
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- देवेश मित्तल, रीजनल मैनेजर एसबीआई।
हमने हाल के दो महीने में लगभग एक करोड़ रुपये के गोल्ड लोन दिए हैं। हम ग्राहकों को इसके फायदे बता रहे हैं।
- राकेश कुमार तिवारी, सीनियर मैनेजर केनरा बैंक।
गोल्ड लोन कैसे होता..?
- बैंक में जाकर गिरवी रखे जाने वाले सोने की जानकारी देनी है। इसके बाद बैंक द्वारा नियुक्त गोल्ड अप्रेजर उसकी वर्तमान कीमत आंकता है।
- कीमत आंकने के बाद गोल्ड अप्रेजर अपनी रिपोर्ट देता है। ये रिपोर्ट बैंक के पास आने के बाद लगभग दो घंटे में लोन हो जाता है।
- किसी पर कोई भी लोन पहले से चल रहा हो। उसकी लोन संबंधी सिविल रिपोर्ट कुछ भी हो, उसका बैंक एकाउंट का रिकार्ड कुछ भी हो। वह गोल्ड लोन लेने का हकदार माना जाता है, किसी और गारंटी की जरूरत नहीं है।
- गोल्ड लोन लेने वाले बैंक में अगर संबंधित व्यक्ति का खाता नहीं है तो उसका खाता भी लगभग एक घंटे में खोल दिया जाता है। ये प्रक्रिया तेज गति से पूरी होती है।
- बैंक में गिरवी रखे गए सोने के आभूषण दो बैंक अधिकारियों की निगरानी में लॉकर में रखा जाता है। उसकी दो चाबियां दो अलग अलग अधिकारियों के पास रहती हैं।
- लोन की पूरी रकम चुकता हो जाती है तो ग्राहक के सामने सील किए गए जेवर उसको सौंप दिए जाते हैं।
गोल्ड लोन की तुलनात्मक ब्याज दरें
गोल्ड लोन पर एसबीआई में 7.50 फीसदी, केनरा बैंक में 8.07 से 8.80 फीसदी, यूबीआई में 10.70 फीसदी, मुथुट फाइनेंस में 12 से 27 फीसदी, मणप्पुरम में 12 से 29 फीसदी, एचडीएफसी में 10.05 फीसदी, आईसीआईसीआई में 10 से 19.76 और फेडरेल बैंक में 8.50 फीसदी की सालाना ब्याज दर है।
ये भी जान लें
- अगर एक ग्राम सोने का रेट 4742 रुपये है तो उसके सापेक्ष 3557 रुपये तक का लोन मिल सकता है।
- सोने के रेट और उसके सापेक्ष मिलने वाले लोन की रकम हर महीने की पहली तारीख को तय होती है।
- एक लाख के सोने पर 75 हजार रुपये तक का लोन मिल सकता है। ब्याज 7 से 12 फीसदी सालाना तक।
- बैंक लॉकर पर 2000 रुपये किराया और जीएसटी मिला कर 2300 रुपये सालाना देय होता है।
- गोल्ड लोन 18 महीने की अवधि के लिए देय है, अलग अलग बैंकों में अवधि कम ज्यादा भी है।
- हरेक बैंक में सोने का आकलन करने वाले गोल्ड अप्रेजर नियुक्ति, दो घंटे में हो जाता है लोन।
सरकारी बैंकों में ब्याज दर कम, निजी कंपनी की ज्यादा
एसबीआई रीजनल आफिस के चीफ मैनेजर संजय कुमार पचौरी ने बताया कि एसबीआई सहित अन्य सरकारी बैंकों में गोल्ड लोन पर ब्याज दर कम होने की वजह यह है कि उनके पास बचत खातों में जमा पैसे से वह गोल्ड लोन देकर आय कर लेते हैं। मसलन अगर किसी बैंक में बचत खातों में ही दस लाख रुपये तक जमा है तो वह सात फीसदी की दर से पांच लाख रुपये तक के गोल्ड लोन बांट सकता है। बचत खाताधारक को उसको चार फीसदी सालाना ही ब्याज देना है, इधर वह गोल्ड लोन देकर सात फीसदी तक आय करता है। ऐसे में उसे तीन फीसदी का मुनाफा होता है। वहीं निजी कंपनी में गोल्ड लोन में ब्याज दर ज्यादा इसलिए है कि वह मार्केट से ब्याज पर रकम उठा कर गोल्ड लोन देते हैं।