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अलीगढ़ : बैंक अधिकारी दंपती हत्याकांड में बहस पूरी, निर्णय 28 को
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बन्नादेवी क्षेत्र के बरौला इलाके में सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी दंपती हत्याकांड में बृहस्पतिवार को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत में बहस पूरी हो गई। अब निर्णय के लिए 28 जून तारीख नियत कर दी गई है। खास बात यह है कि इस हत्याकांड में बैंक अधिकारी का सगा छोटा भाई आरोपी है और उस पर भाई-भाभी की हत्या के बाद जेवरात लूटकर ले जाने का आरोप है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, घटना 20 जून 2014 की रात की है। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी बनवारी लाल शर्मा व उनकी पत्नी श्याम लता अपने बरौला आरा मशीन के सामने वाले मकान में सोये हुए थे।
रात में उनकी किसी ने हत्या कर दी और महिला के पहने हुए जेवरात लूट लिए। इस घटना में अगले दिन छोटे बेटे कुलदीप गौड़ निवासी प्रतिभा कॉलोनी ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। कई दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस व परिवार के शक की सुई बनवारी लाल के सगे छोटे भाई भुकरावली निवासी नरेंद्र गौड़ पर घूमी।
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इस पर कुलदीप ने 16 अगस्त को अपने उत्तराखंड निवासी डॉक्टर भाई संदीप की सहमति से अपने चाचा नरेंद्र गौड़ के खिलाफ तहरीर दी। इस तहरीर पर नरेंद्र की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर श्याम लता के जेवर बरामद किए गए। पुलिस ने खुलासा किया कि नरेंद्र व उसकी पत्नी की गलत हरकतों को लेकर अक्सर बनवारी लाल टोकाटाकी करते थे।
कई बार उसे डांटा डपटा भी था। घटना से एक सप्ताह पहले भी घर बुलाकर डांटा था। इसी बात से गुस्से में आकर नरेंद्र ने इस घटना को अंजाम दिया। डीजीसी के अनुसार, इस घटना में कुल 9 गवाह व 10वें आरोपी के बयान दर्ज किए गए, जिनमें बड़ा बेटा संदीप, छोटा कुलदीप, बेटी हेमलता, तत्कालीन एसओ रवि त्यागी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अनिल, एक अन्य भूपेंद्र, एसओ श्याम सिंह यादव, बनवारी लाल, ललित गौड़ शामिल हैं। सभी गवाहों की गवाही व आरोपी के धारा 313 के तहत बयान होने के बाद मुकदमे में बृहस्पतिवार को बहस पूरी हो गई है। अब इस मामले में निर्णय के लिए 28 जून तारीख नियत की गई है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, घटना 20 जून 2014 की रात की है। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी बनवारी लाल शर्मा व उनकी पत्नी श्याम लता अपने बरौला आरा मशीन के सामने वाले मकान में सोये हुए थे।
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रात में उनकी किसी ने हत्या कर दी और महिला के पहने हुए जेवरात लूट लिए। इस घटना में अगले दिन छोटे बेटे कुलदीप गौड़ निवासी प्रतिभा कॉलोनी ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। कई दिन तक चली जांच पड़ताल के बाद पुलिस व परिवार के शक की सुई बनवारी लाल के सगे छोटे भाई भुकरावली निवासी नरेंद्र गौड़ पर घूमी।
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इस पर कुलदीप ने 16 अगस्त को अपने उत्तराखंड निवासी डॉक्टर भाई संदीप की सहमति से अपने चाचा नरेंद्र गौड़ के खिलाफ तहरीर दी। इस तहरीर पर नरेंद्र की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर श्याम लता के जेवर बरामद किए गए। पुलिस ने खुलासा किया कि नरेंद्र व उसकी पत्नी की गलत हरकतों को लेकर अक्सर बनवारी लाल टोकाटाकी करते थे।
कई बार उसे डांटा डपटा भी था। घटना से एक सप्ताह पहले भी घर बुलाकर डांटा था। इसी बात से गुस्से में आकर नरेंद्र ने इस घटना को अंजाम दिया। डीजीसी के अनुसार, इस घटना में कुल 9 गवाह व 10वें आरोपी के बयान दर्ज किए गए, जिनमें बड़ा बेटा संदीप, छोटा कुलदीप, बेटी हेमलता, तत्कालीन एसओ रवि त्यागी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अनिल, एक अन्य भूपेंद्र, एसओ श्याम सिंह यादव, बनवारी लाल, ललित गौड़ शामिल हैं। सभी गवाहों की गवाही व आरोपी के धारा 313 के तहत बयान होने के बाद मुकदमे में बृहस्पतिवार को बहस पूरी हो गई है। अब इस मामले में निर्णय के लिए 28 जून तारीख नियत की गई है।