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सुप्रीम कोर्ट का आदेश पूरा करे एडीए, 12 जुलाई तक का दिया समय

Sat, 06 Jul 2019 12:39 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 12:39 AM IST
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Aligarh ADA news
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की याचिका खारिज किए जाने के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एडीए को झटका दे दिया है। हाईकोर्ट में चल रही मामले की सुनवाई में कोर्ट ने गुरुवार को एडीए को स्पष्ट तौर पर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नत्थू सिंह को उसकी जमीन के एवज में मुआवजा राशि दी जाए। एडीए के अधिवक्ता ने इस प्रकरण में हाईकोर्ट से समय मांगा तो हाईकोर्ट ने 12 जुलाई तक का समय दिया है।
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नत्थू सिंह के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने बताया कि मेघ सिंह बनाम एडीए केस में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मेघ सिंह को एक अक्तूबर 2014 की सर्किल दरों के हिसाब से मुआवजा देने का फैसला दिया था।
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इसके बाद नत्थू सिंह ने हाईकोर्ट में एडीए के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि मेघ सिंह का फैसला आने के बाद भी एडीए इसी प्रकार के उसके प्रकरण में मुआवजा राशि देने में आनाकानी कर रहा है। इस बीच एडीए इस प्रकरण को सर्वोच्च न्यायालय ले गया। यहां से एडीए की याचिका को बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर नत्थू सिंह को हर हाल में मुआवजा देने का आदेश दिया है।
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अगले दिन गुरुवार को हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने एडीए को स्पष्ट तौर पर कहा है कि नत्थू सिंह प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला मान्य है। एडीए के अधिवक्ता द्वारा समय मांगने पर एडीए को 12 जुलाई तक का समय दिया है।
एडीए: स्वर्ण जयंती नगर के आवंटियों पर गिरेगी गाज
मेघ सिंह और नत्थू सिंह की सर्वोच्च न्यायालय में हुई जीत से अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से अधिक खलबली स्वर्ण जयंती नगर के आवंटियों में है। किसानों को बढ़ी हुई दरों पर एडीए इन आवंटियों से ही पैसा वसूलकर किसानों को बतौर मुआवजा देगा। कोर्ट के दरवाजे बंद होने के बाद एडीए के अधिकारियों ने इस बात की तैयारी भी कर ली है। एडीए की रडार पर स्वर्ण जयंती नगर के 200 आवंटी हैं। इनको पूर्व में रकम जमा करने के संबंध में जो नोटिस जारी किए गए हैं।

इन्हें एक बार फिर से आवंटियों को रिमांइडर के तौर पर भेजने की तैयारी है। पैसा वसूलने के लिए एडीए ने 1996 में इसी प्रकार के एक शिमला विकास प्राधिकरण के मामले में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से सुनाए फैसले को नजीर बनाया है। उक्त मामले में आदेश आया था कि बढ़ी हुई दरों पर मुआवजा देने की रकम विकास प्राधिकरण आवंटियों से वसूल करेगा। एडीए की ओर से स्वर्ण जयंती नगर के 200 आवंटियों को जारी किए गए नोटिस में इस फैसले का जिक्र भी किया है।
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