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अलीगढ़ : शैक्षिक सत्र करीब, पुस्तकें बीआरसी की पहुंच से दूर
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बेसिक शिक्षा विभाग का शैक्षिक सत्र करीब है, जबकि बीआरसी पर पाठ्य पुस्तकें पहुंचने से दूर हैं। पिछले सत्र की पुस्तकों से नए शैक्षिक सत्र में बच्चों को पढ़ाने की तैयारी है। बेसिक शिक्षा विभाग का नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल-2022 से शुरू हो रहा है।
नया सत्र शुरू होने में 10-11 दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक बीआरसी तक पुस्तकें नहीं पहुंचीं हैं और न ही इस संबंध में विद्यालयों के शिक्षकों को जानकारी है। ऐसी स्थिति में बच्चों को पुरानी पुस्तकों से उन्हें पढ़ना पडे़गा। जिले में कुल 2115 विद्यालय हैं, इनमें 1386 प्राथमिक विद्यालय, 354 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 375 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं, जिसमें करीब ढाई लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं।
कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2020 व 2021 में विद्यालय बंद रहे। ज्यादातर बच्चों के पास पुस्तकें नहीं थीं। न ही उनके पास ऑनलाइन से पढ़ाई करने के लिए कोई साधन थे। इससे उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता भी कम हुई है। कोरोना महामारी में गिरावट आने पर विद्यालय खुल गए हैं, लेकिन नए सत्र में नए पुस्तकों की जल्द उपलब्धता पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
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- बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से नि:शुल्क पुस्तकें दी जाती हैं। शासनादेश का पालन किया जाएगा। अगर नई पुस्तकें नहीं आती हैं, तो पुरानी पुस्तकों से ही बच्चों को पढ़ाने का सिलसिला जारी होगा। - सतेंद्र कुमार, बीएसए
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नया सत्र शुरू होने में 10-11 दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक बीआरसी तक पुस्तकें नहीं पहुंचीं हैं और न ही इस संबंध में विद्यालयों के शिक्षकों को जानकारी है। ऐसी स्थिति में बच्चों को पुरानी पुस्तकों से उन्हें पढ़ना पडे़गा। जिले में कुल 2115 विद्यालय हैं, इनमें 1386 प्राथमिक विद्यालय, 354 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 375 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं, जिसमें करीब ढाई लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं।
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कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2020 व 2021 में विद्यालय बंद रहे। ज्यादातर बच्चों के पास पुस्तकें नहीं थीं। न ही उनके पास ऑनलाइन से पढ़ाई करने के लिए कोई साधन थे। इससे उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता भी कम हुई है। कोरोना महामारी में गिरावट आने पर विद्यालय खुल गए हैं, लेकिन नए सत्र में नए पुस्तकों की जल्द उपलब्धता पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
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- बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से नि:शुल्क पुस्तकें दी जाती हैं। शासनादेश का पालन किया जाएगा। अगर नई पुस्तकें नहीं आती हैं, तो पुरानी पुस्तकों से ही बच्चों को पढ़ाने का सिलसिला जारी होगा। - सतेंद्र कुमार, बीएसए