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अलीगढ़ : एएमयू के सैंटनरी गेट से गिरा पत्थर का टुकड़ा
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का सैंटनरी गेट।
- फोटो : CITY OFFICE
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) सैंटनरी गेट से पत्थर का एक टुकड़ा बुधवार को गिर गया। सुखद यह रहा है कि इस पत्थर की चपेट में कोई नहीं आया। 22 मार्च 2022 को गेट पर लगा टाइल गिर गया था।
एएमयू के सौ साल पूरा होने पर यह सैंटनरी गेट बना था, जिसका ऑनलाइन उद्घाटन 17 अक्तूबर 2020 को चांसलर डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफउद्दीन ने किया था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे सैंटनरी गेट के ऊपरी हिस्से से अचानक पत्थर का टुकड़ा गिर गया। गेट की ऊंचाई करीब 50 फुट है। बता दें कि सैंटनरी गेट सुर्खियों में रहा है। पहले बड़ा लोहे का गेट गिर गया था, जिसे जैसे-तैसे खड़ा किया गया।
इसके बाद सैंटनरी गेट का नाम उर्दू भाषा में न होने पर हायतौबा मची। यह मुद्दा कई दिनों तक मीडिया और सोशल पर छाया रहा। फिर उर्दू में गेट का नाम लिखा गया। गेट के निर्माण में करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी इंजीनियर राजीव शर्मा ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। ब्यूरो
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) सैंटनरी गेट से पत्थर का एक टुकड़ा बुधवार को गिर गया। सुखद यह रहा है कि इस पत्थर की चपेट में कोई नहीं आया। 22 मार्च 2022 को गेट पर लगा टाइल गिर गया था।
एएमयू के सौ साल पूरा होने पर यह सैंटनरी गेट बना था, जिसका ऑनलाइन उद्घाटन 17 अक्तूबर 2020 को चांसलर डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफउद्दीन ने किया था। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे सैंटनरी गेट के ऊपरी हिस्से से अचानक पत्थर का टुकड़ा गिर गया। गेट की ऊंचाई करीब 50 फुट है। बता दें कि सैंटनरी गेट सुर्खियों में रहा है। पहले बड़ा लोहे का गेट गिर गया था, जिसे जैसे-तैसे खड़ा किया गया।
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इसके बाद सैंटनरी गेट का नाम उर्दू भाषा में न होने पर हायतौबा मची। यह मुद्दा कई दिनों तक मीडिया और सोशल पर छाया रहा। फिर उर्दू में गेट का नाम लिखा गया। गेट के निर्माण में करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी इंजीनियर राजीव शर्मा ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। ब्यूरो
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