फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Air pollution in Aligarh

प्रदूषणः शहर में धूल का गुबार, धुंध की मार

Fri, 15 Nov 2019 01:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2019 01:42 AM IST
विज्ञापन
Air pollution in Aligarh
रामघाट रोड पर हवा में फैली धूल व प्रदूषण के बीच होकर गुजरते वाहन। - फोटो : CITY OFFICE
एनसीआर में जहरीली हो रही हवा और उस पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद भी एनसीआर से ही लगे अलीगढ़ में धूल के गुबार को खत्म करने के लिए किए जा रहे प्रयास शून्य हैं। सड़क की पटरियों पर पसरी धूल, बिल्डिंग मैटेरियल, आटो मोबाइल का धुआं, कूड़ा जलाने से उठ रहा धुआं और चल रहे निर्माण कार्य आदि से यहां का पर्यावरण भी सांस लेने के लिए अनुकूल नहीं रहा।
विज्ञापन

इस हालत पर पर्यावरणविद् गहरी चिंता जता रहे हैं। शहर के नुमाइश मैदान के चारों ओर स्थिति यह है कि यहां पर चारों और धूल ही धूल नजर आती है। जबकि यहां पर एएमयू सिटी हाई स्कूल, लुईजा सोल्स स्कूल सहित तहसील कोल और थाना बन्ना देवी भी स्थित हैं। इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर भी धूल और धुएं को कम करने के कोई इंतजाम होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। दिन में रामघाट रोड, जेल रोड ओवर ब्रिज, मीनाक्षी पुल, जीटी रोड, आगरा रोड सहित पूरे शहर पर धूल और धुएं की चादर तनी रही।
विज्ञापन

सांस में परेशानी, जिला अस्पताल में पहुंच रहे मरीज
अलीगढ़। मलखान सिंह जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि इन दिनों सांस की तकलीफ के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सांस लेन में परेशानी, नाक और गले में खराश, गले से कुछ मटमैला कफ निकलना, नाक से पानी आना जैसी तकलीफें लोगों को आ रही हैं। डॉ. रावल कहते हैं कि यह बहुत खतरनाक संकेत हैं। अगर अभी से कोई उपाय नहीं किया गया तो आने वाले समय में सांस लेने का मतलब बीमारी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आंखों की तकलीफ भी बढ़ी
धूल और धुएं से सिर्फ सांस लेने में समस्या नहीं हो रही, बल्कि आंखों में जलन और आंखों में पानी आने की समस्या भी हो रही है। गांधी नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक मधुप लहरी कहते हैं कि चूंकि आंखों को बंद करके नहीं रखा जा सकता है तो वह जहरीले वातावरण के सीधे संपर्क में आती हैं। इन दिनों उनके यहां पर आंखों में जलन और धुंध के चलते होने वाली समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।

क्या है उपाय
पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा कहते हैं कि जब पानी दूषित हुआ तो आरओ फिल्टर लगा लिया। जब हवा दूषित हुई तो एयर प्यूरीफायर लगवा लिया। यह समस्या का समाधान नहीं है। सभी जानते हैं कि हमें आक्सीजन चाहिए जो पेड़ पौधों से मिलती है। हम कार्बन डाईआक्साइड छोड़ते हैं जो पेड़ ग्रहण करते हैं। हम पेड़ों को पर्यावरण को ही नष्ट कर रहे हैं। हमें समस्या के मूल कारण को समाप्त करना है, समस्या को दबाना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed