Aligarh News: फिर जहरीली हुई शहर की हवा, छह बिल्डर्स को थमाया नोटिस
अलीगढ़ नगर निगम की माने तो सामान्यता शहर में 200 एक्यूआई होनी चाहिए। मगर शहर कलेक्ट्रेट तिराहा और कंम्पनी बाग की एक्यूआई लगभग 300 से ऊपर माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई है। जिसके कारण शहर की हवाएं जहरीली हो गईं है।
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एक बार फिर अलीगढ़ शहर की हवा जहरीली हो गई है। निमार्ण सामग्री के कण वायु में घुलकर प्रदूषण फैलाते हैं। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर के छह बिल्डर्स को नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी है कि अगर नियमों का पालन नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शादियों में आतिशबाजियों और निर्माण कार्य के कारण सड़कों पर उड़ रहे धूल के कारण शहर की हवा फिर से बिगड़ गई है। 4 दिसंबर को अलीगढ़ शहर की एयर क्वालिटी इंडेक्श (एक्यूआई) रिपोर्ट में दो चौराहे रेड जोन में रहे। नगर निगम की माने तो सामान्यता शहर में 200 एक्यूआई होनी चाहिए। मगर शहर कलेक्ट्रेट तिराहा और कंम्पनी बाग की एक्यूआई लगभग 300 से ऊपर माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई है। जिसके कारण शहर की हवाएं जहरीली हो गईं है। इस कारण कईयों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या रही।
सुबह 11 बजे एक्यूआई रिपोर्ट आने के बाद से नगर निगम ने दोनों चौराहों पर एंटी स्मोग गन से पानी का छिड़काव व पेड़-पौधों ही धुलाई और धूल उठाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। जिससे शाम तक कुछ कवर हुआ और दोनों चौराहों समेत पांच चौराहे ऑरेंज जोन आ गए। यानी खतरा अभी भी मंडरा रहा है। शहर के तीन चौराहे यलो और दो ग्रीन जोन में हैं।
इन्हें जारी किया गया नोटिस
अलीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव न करने, हरा जाल न लगाने और निर्माण सामाग्री सड़क पर खुले रखने के कारण आगरा रोड पर कैलाश फार्म हाउस के सामने कमल जलाली, खिरनी गेट के पास क्लार्क इन होटल के सामने मेसर्स राधेकृष्णा ग्रुप (हाउसिंग प्रोजेक्ट), जीटी रोड सारसौल पर मेसर्स हरि पल्र्स राइट्स, मुर्गा मंडी सारसौल के पास इंद्रपाल सिंह (निर्माणाधीन कामर्शियल कांप्लेक्स), खिरनी गेट आगरा रोड पर महेश चंद्र और भीकमपुर जीटी रोड मेसर्स संस्कार मून अपार्टमेंट (स्मृति सिटी परिसर) को नोटिस जारी किए गए हैं।
जहरीली हुई हवा वाले चौराहों पर एंटी स्मोग गन मशीन से वॉटर स्प्रिंकलर कराया गया। साथ डिवाइडर व मुख्य सड़कों से पुरानी धूल को हटाने व पेड़-पौधों की धुलाई कराई गई। जिससे चौराहा रेड जोन से बाहर आ गया। मगर अभी भी खतरा टला नहीं है, इस कारण यह अभियान ऑरेंज जोन वाले चौराहों पर जारी रहेगा।-विनोद कुमार, नगर आयुक्त