फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Agriculture

फसलों के निर्यात का रास्ता खोंले किसान और निर्यातक

Mon, 18 Jan 2021 02:02 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 02:02 AM IST
विज्ञापन
Agriculture
मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में कृषि निर्यात निगरानी समिति की बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति, निर्यात योग्य कृषि उत्पादों के लिए क्लस्टर सुविधा, क्लस्टर इकाई का गठन, जनपद स्तर पर निर्यात योग्य कृषि उत्पाद की जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 के अंतर्गत गठित क्लस्टर एवं उससे जुड़े निर्यातकों को निर्यात करने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के बारे में भी बताया गया।
विज्ञापन

मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि निर्यात में वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 7.3 प्रतिशत है, जिसको 2024 तक दोगुना किया जाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति 2019 बनाई है। कृषि निर्यात नीति के अंतर्गत पर्यावरण सुरक्षित करने वाले कृषि उत्पादों के निर्यात को आसान बनाया जा रहा है। जनपद हाथरस में आलू के क्लस्टर, पशु उत्पाद के क्लस्टर और बासमती चावल के प्रसंस्करण इकाइयों को लगाने की संभावनाएं हैं। जिला स्तर पर क्लस्टर सुविधा इकाई, मंडल स्तर पर मंडल स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी समिति और राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी समिति का गठन किया गया है।
विज्ञापन

जिला स्तर पर गठित क्लस्टर सुविधा इकाई द्वारा निर्यात के लिए कृषि उत्पाद के क्लस्टर का गठन किया जाएगा। सहायक कृषि विपणन अधिकारी दिनेश चंद्र ने बताया कि निर्यात क्लस्टर के लिए कम से कम 50 हेक्टेयर की कृषि भूमि होनी चाहिए। यह भूमि 20-20 हेक्टेयर के टुकड़ों में भी हो सकती है। इनके पास ही खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लग सकेंगे। बैठक में वीके सचान उप कृषि निदेशक शोध, पंकज गुप्ता डीडीएम नाबार्ड, देवी सरन सहायक आयुक्त उद्योग, डॉ सुशील कुमार संयुक्त निदेशक पशुपालन, विजय चंद्र उप निदेशक उद्यान, रामनरेश सहायक आयुक्त खाद्य, रामशंकर प्रधान प्रबंधक चीनी मिल, राजवीर सिंह प्रगतिशील किसान, निर्यातक पुनीत अग्रवाल, बलवीर सिंह, खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

अलीगढ़ मंडल में चिन्हित क्लस्टर्स की सूची
1- अलीगढ़ एवं कासगंज के लिए ताजी सब्जियां।
2- अलीगढ़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 23 जनपदों के लिए बासमती चावल।
3- एटा के लिए लहसुन।
4- अलीगढ़ व एटा के लिए ताजा दूध, स्किम्ड दूध, पनीर, घी और मांस।
5- एटा एवं कासगंज के लिए चिकोरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed