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आगरा विश्वविद्यालय : परीक्षा नहीं, भविष्य की राह तक रहे विद्यार्थी
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राजा तिवारी
अलीगढ़। आगरा विश्वविद्यालय के परीक्षार्थी लॉकडाउन में स्थगित हुई परीक्षा की नहीं, बल्कि अपने भविष्य की राह तक रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि भविष्य पर भी लॉकडाउन के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि अभी कुछ खास नहीं बिगड़ा है, लेकिन जल्द विवि ने तकनीकी शिक्षण पद्धति और परीक्षा प्रणाली को नहीं दिक्कत हो सकती है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता हुई तो नतीजा निकला इसके लिए काफी तैयारियां करनी पड़ेंगी। विश्वविद्यालय को इंटरनेट संबंधी तकनीक को अपनाना होगा। पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक के लिए विकल्प तैयार करना होगा, ताकि युवाओं का भविष्य सुनिश्चित हो सके।
जुलाई में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होती है। अगस्त में सत्र प्रारंभ होता है। जो फरवरी में खत्म हो जाता है। मार्च अप्रैल में परीक्षा होती हैं और मई जून में रिजल्ट आता है। कोरोना की वजह से बच्चों की सिर्फ परीक्षाएं रद्द हुई हैं। इससे लग रहा है कि आगामी सत्र कुछ आगे बढ़ सकता है। अब विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारियों को तकनीक के सहारे जुड़ना चाहिए। ताकि भविष्य में कोई खतरा महसूस हो तो विकल्प रहे। विवि की वेबसाइट पर कई विषयों से संबंधित वीडियो समाग्री उपलब्ध है, लेकिन अब हमें ऐसी डिजिटल सामग्रियों को बढ़ान के लिए कदम उठाने होंगे। हमारे स्तर से प्रयास जारी हैं।
-पंकज कुमार वार्ष्णेय, प्राचार्य एसवी कालेज।
आनलाइन स्तर के पैटर्न पर परीक्षा करना अभी संभव नहीं है। सभी प्राध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वह विद्यार्थियों की समस्याएं दूर करते रहें। विद्यार्थी भी अपने शिक्षकों से व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शंकाएं भी दूर कराते रहें। लेकिन अपनी तैयारी पुराने पैटर्न पर ही करते रहें। अभी फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है। जब तक कोरोना के बादल छंट नहीं जाएंगे और सरकार के साथ विवि प्रशासन कोई निर्णय न ले लेगा। तब तक नया बदलाव संभव नहीं है। ऐसे में घरों में रहे, अपनी पढ़ाई जारी रखें और लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।
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डॉ. धीरेंद्र कुमार, उच्च शिक्षा अधिकारी आगरा-अलीगढ़ मंडल।
लॉकडाउन ने सभी विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार की ओर दिखायी दे रहा है। हमारी आगरा विवि से मांग है कि जल्द से जल्द इसका समाधान ढूंढा जाए। अन्यथा की दृष्टि में स्थिति गंभीर हो सकती है। युवा देश की रीढ़ के समान है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विवि को भी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। तभी लाखों छात्रों के भविष्य की राह सुनहरी हो सकती है।
-आदित्य पंडित, छात्र नेता।
आगरा विश्वविद्यालय की पढ़ाई को लेकर चली आ रही लापरवाही तो पहले से ही जग जाहिर है। वहीं इस समय तो पढ़ाई बिलकुल भी नहीं हो पा रही है। निजी कान्वेंट स्कूलों के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए दुरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल पर प्रसारण शुरू किया है। इससे कम से कम विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को पूरा तो कर पाएंगे। ऐसे ही ठोस और सटीक निर्णय लेने की वर्तमान जरूरत है। आगरा विवि को छात्र छात्रा हित में तकनीकी कदम उठाने चाहिए।
-पंखुरी चौहान, छात्रा एमकॉम प्रथमवर्ष।
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अलीगढ़। आगरा विश्वविद्यालय के परीक्षार्थी लॉकडाउन में स्थगित हुई परीक्षा की नहीं, बल्कि अपने भविष्य की राह तक रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि भविष्य पर भी लॉकडाउन के बादल मंडराने लगे हैं। हालांकि अभी कुछ खास नहीं बिगड़ा है, लेकिन जल्द विवि ने तकनीकी शिक्षण पद्धति और परीक्षा प्रणाली को नहीं दिक्कत हो सकती है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता हुई तो नतीजा निकला इसके लिए काफी तैयारियां करनी पड़ेंगी। विश्वविद्यालय को इंटरनेट संबंधी तकनीक को अपनाना होगा। पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक के लिए विकल्प तैयार करना होगा, ताकि युवाओं का भविष्य सुनिश्चित हो सके।
जुलाई में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होती है। अगस्त में सत्र प्रारंभ होता है। जो फरवरी में खत्म हो जाता है। मार्च अप्रैल में परीक्षा होती हैं और मई जून में रिजल्ट आता है। कोरोना की वजह से बच्चों की सिर्फ परीक्षाएं रद्द हुई हैं। इससे लग रहा है कि आगामी सत्र कुछ आगे बढ़ सकता है। अब विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारियों को तकनीक के सहारे जुड़ना चाहिए। ताकि भविष्य में कोई खतरा महसूस हो तो विकल्प रहे। विवि की वेबसाइट पर कई विषयों से संबंधित वीडियो समाग्री उपलब्ध है, लेकिन अब हमें ऐसी डिजिटल सामग्रियों को बढ़ान के लिए कदम उठाने होंगे। हमारे स्तर से प्रयास जारी हैं।
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-पंकज कुमार वार्ष्णेय, प्राचार्य एसवी कालेज।
आनलाइन स्तर के पैटर्न पर परीक्षा करना अभी संभव नहीं है। सभी प्राध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वह विद्यार्थियों की समस्याएं दूर करते रहें। विद्यार्थी भी अपने शिक्षकों से व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शंकाएं भी दूर कराते रहें। लेकिन अपनी तैयारी पुराने पैटर्न पर ही करते रहें। अभी फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता है। जब तक कोरोना के बादल छंट नहीं जाएंगे और सरकार के साथ विवि प्रशासन कोई निर्णय न ले लेगा। तब तक नया बदलाव संभव नहीं है। ऐसे में घरों में रहे, अपनी पढ़ाई जारी रखें और लॉकडाउन के नियमों का पालन करें।
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डॉ. धीरेंद्र कुमार, उच्च शिक्षा अधिकारी आगरा-अलीगढ़ मंडल।
लॉकडाउन ने सभी विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार की ओर दिखायी दे रहा है। हमारी आगरा विवि से मांग है कि जल्द से जल्द इसका समाधान ढूंढा जाए। अन्यथा की दृष्टि में स्थिति गंभीर हो सकती है। युवा देश की रीढ़ के समान है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विवि को भी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। तभी लाखों छात्रों के भविष्य की राह सुनहरी हो सकती है।
-आदित्य पंडित, छात्र नेता।
आगरा विश्वविद्यालय की पढ़ाई को लेकर चली आ रही लापरवाही तो पहले से ही जग जाहिर है। वहीं इस समय तो पढ़ाई बिलकुल भी नहीं हो पा रही है। निजी कान्वेंट स्कूलों के साथ साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए दुरदर्शन के स्वयंप्रभा चैनल पर प्रसारण शुरू किया है। इससे कम से कम विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को पूरा तो कर पाएंगे। ऐसे ही ठोस और सटीक निर्णय लेने की वर्तमान जरूरत है। आगरा विवि को छात्र छात्रा हित में तकनीकी कदम उठाने चाहिए।
-पंखुरी चौहान, छात्रा एमकॉम प्रथमवर्ष।