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स्टिंग: चार हजार खर्च कीजिए, 100 साल के इंसान का भी बन जाएगा जन्मप्रमाण, नगर निगम दफ्तार के बाहर एजेंट राज

Thu, 26 Jun 2025 12:08 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 26 Jun 2025 12:08 PM IST
सार

अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने कहा कि प्रमाण पत्रों में कहीं से भी कोई गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो हम कार्रवाई करते हैं। जांच कराते हैं। पूर्व में भी गलत तरीके से जो जन्म या अन्य प्रमाण पत्र बने हैं उनमें कार्रवाई हुई है। नगर निगम के आसपास कुछ एजेंट सक्रिय हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Agents outside Aligarh Municipal Corporation office
दीवानी कचहरी के सामने जवाहर भवन का गेट पर खडे़ वाहन - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ नगर निगम में भले ही जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए कड़े नियम और सख्त जांच की व्यवस्था की गई हो लेकिन निगम के बाहर बैठे एजेंट 4000 रुपये लेकर 15 दिन में जन्म प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। यह लोग अस्पताल में जन्म से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। 25 जून को अमर उजाला की पड़ताल में यह पूरा खेल सामने आया। 

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प्रमाण पत्रों में कहीं से भी कोई गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो हम कार्रवाई करते हैं। जांच कराते हैं। पूर्व में भी गलत तरीके से जो जन्म या अन्य प्रमाण पत्र बने हैं उनमें कार्रवाई हुई है। नगर निगम के आसपास कुछ एजेंट सक्रिय हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता से भी अपील है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही प्रमाण पत्र बनवाएं। अगर कोई असुविधा है तो हमसे शिकायत करें।- राकेश कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त

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पेश हैं जन्मप्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एजेंट और रिपोर्टर की बातचीत के अंश (बातचीत की वीडियो भी हमारे पास है)

रिपोर्टर- जन्म प्रमाण पत्र बनना है, नर्सिंग होम की स्लिप नहीं है। नगर निगम वाले तमाम कागज मांग रहे हैं। इसमें समय लग जाएगा जबकि स्कूल वाले 10 जुलाई तक मांग रहे हैं।
एजेंट - गलत बताया है। सौ साल का आदमी भी हो तो बन जाएगा। हम बनवाएंगे। आप तो माता पिता के आधार कार्ड हमें दे दो।
(इसके बाद एजेंट ने अपने बैग से कुछ कागज निकाले। उनको दिखाते हुए)
एजेंट- मुझे ऐसा फार्मेट चाहिए। हम किसी भी हॉस्पिटल का नाम डाल लेंगे। अभी मेरा एक क्लाइंट था। उसके पास कोई प्रूफ नहीं था। वह आगरा का रहने वाला है। हमने कहा जब हम बैठे हैं तो तुझे क्या टेंशन है। .... हॉस्पिटल ( देहली गेट के एक निजी हास्पिटल का नाम लिया) से बनवा कर लाए हैं, देख लो। एक हजार रुपये में बनवाया है। मुहर लगी है। तारीख लिखी है।
रिपोर्टर- ऐसा है तो पहले ही बता देते। हम नर्सिंग होम की स्लिप के लिए परेशान हो रहे हैं। यह बताओ कि अगर स्कूल वाले क्रास चेक कराएं तो सही निकलेगा।
एजेंट- बिल्कुल ओरिजिनल, नंबर एक में। कहीं भी नहीं रुकेगा। दिखवा लेना।
रिपोर्टर- फिर मैं तुम्हें आधार कार्ड और तीन हजार रुपये... (बीच में रोकते हुए)
एजेंट- नहीं....इसके तो एक हजार अलग देने पड़ेंगे। (नर्सिंग होम की स्लिप के) हां यह गारंटी है कि 15 दिन में बनाकर दे देंगे।
रिपोर्टर- यानि चार हजार, यह (एमाउंट) ज्यादा नहीं हो जाएगा।
एजेंट - यह (नर्सिंग होम की स्लिप) तुम्हें नहीं देंगे, हमें दे देंगे क्योंकि हम यही काम करते हैं। वह हमसे जुड़े हुए हैं। आधार कार्ड और बच्चे के फोटो ले आना। पैसे दे जाना।
रिपोर्टर- पैसे पहले
एजेंट- फाइल जमा होकर रसीद मिलेगी। रसीद ही सबूत है। रसीद हाथ में आने का मतलब काम शुरू हो गया।
(एजेंट ने रसीद दिखाई। माता पिता का आधार कार्ड और बच्चे का फोटो लाने के लिए कहा। अगले दिन आने के लिए कह दिया)

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