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Aligarh News: कुत्तों के बाद अब बंदर हो रहे खूंखार, बच्चों एवं महिलाओं पर कर रहे हमला, नगर निगम-वन विभाग लाचार

Wed, 03 May 2023 04:41 AM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 03 May 2023 04:41 AM IST
सार

चाहे बस अड्डा हो या गली, मोहल्ला और सोसाइटी बंदरों के बड़े-बड़े झुंड हैं। आलम यह है कि बंदरों के हमलों से रोजाना 20 से 30 लोग उपचार कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं।

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After dogs now monkeys becoming dreaded
खूंखार बंदर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलीगढ़ जिले भर में बंदरों का खौफ बढ़ रहा है। जिला अस्पताल, देहात में सीएचसी एवं पीएचसी पर एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना बंदर किसी न किसी पर हमला बोलकर घायल कर रहे हैं। लोग परेशान हैं। 

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चाहे बस अड्डा हो या गली, मोहल्ला और सोसाइटी बंदरों के बड़े-बड़े झुंड हैं। आलम यह है कि बंदरों के हमलों से रोजाना 20 से 30 लोग उपचार कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं। शहरवासी बंदरों के काटने के मामले की शिकायत लेकर नगर निगम तो कभी वन विभाग के पास जा रहे हैं, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिल रही। 
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बंदर खासकर बच्चों एवं महिलाओं पर हमला बोलकर उन्हें घायल कर रहे हैं। इससे पीड़ितों को इलाज के लिए अस्पतालों में भटकते हुए देखा जा सकता है। बंदरों के डर से लोगों ने अकेले घर से बाहर निकलना तक बंद कर दिया है। जिले में बंदरों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। नगर निगम एवं प्रशासनिक अफसर शिकायतों के बाद भी बंदरों से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। 
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स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों को वे लोग घर से बाहर नहीं निकलने देते हैं और स्कूल भी साथ छोड़ने जाते हैं। महिलाओं के अनुसार बंदर कभी भी और कहीं भी बच्चों पर हमला कर देते हैं। बंदर इतने निडर हो चुके हैं कि घर के आंगन और छत के साथ-साथ कमरे के अंदर भी घुस जाते हैं और अकेला देखकर बच्चों पर हमला कर देते हैं। इससे इलाज में काफी रुपये खर्च हो रहे हैं। 

देहात क्षेत्र में बंदरों के आतंक से लोग परेशान 

बंदरों का आंतक शहर में ही नहीं प्रमुख कस्बों एवं गांवों तक जा पहुंचा है। जिले के कस्बा जट्टारी, टप्पल, पिसावा, चंडौस, गभाना, वीरपुरा, खैर, बरौली, कासिमपुर, जवां, हरदुआगंज, अतरौली, पालीमुकीमपुर, छर्रा, इगलास, गोरई, अकराबाद, गोंडा आदि के अलावा कई गांवों में बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है।    

बंदर

सामान छीनने के दौरान होते हैं हमलावर 
बंदरों के ज्यादातर हमले लोगों से सामान छीनने के लिए होते हैं। बंदरों के लोगों से सामान छीनने के पीछे की एक बड़ी वजह है कि उनके खाने-पीने और रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। शहर के सासनीगेट, धनीपुर मंडी, एटा चुंगी, विकास नगर, अचलताल, विकास नगर, खिरनीगेट, मदारगेट, रावण टीला, सुरेंद्र नगर, दुबे का पड़ाव, रामघाट रोड, किशनपुर तिराहा, ऊपरकोट, देहलीगेट, महावीरगंज, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी, रामघाट रोड, एडीए कॉलोनी, ज्ञानसरोवर, मानसरोवर, निधिवन कॉलोनी आदि कॉलोनियों में बंदरों का खौफ कुछ ज्यादा है। इन इलाकों में बंदरों के डर से लोगों ने घरों से अकेले बाहर तक निकलना बंद कर दिया है।

वन विभाग के भरोसे नगर निगम 
बंदरों के आतंक से निजात दिलाने को नगर निगम वन विभाग के भरोसे बैठा है। बंदरो को पकड़कर जंगल में छोड़ने का काम वन विभाग का है। इसके लिए वन विभाग को कई बार पत्र भी लिखा गया है। - एहसान रब, जनसंपर्क अधिकारी, नगर निगम 
हमने कुछ दिन पहले सर्वे कराया था, जिले में बंदरों की संख्या 10 हजार से अधिक है। नगर निगम को बंदरों को पकड़ने के लिए अनुमति दी जाएगी। बंदरों को पकड़ने में वन विभाग, नगर निगम की पूरी सहायता करेगा। -दिवाकर कुमार वशिष्ठ, प्रभागीय वन निदेशक

बंदरों के हमले में गई जान 

  • 27 फरवरी 2020- देहलीगेट के इंद्रा नगर में छत पर काम रहे मजदूर की गिरकर मौत। 
  • 27 जुलाई 2022- खैर के मोहल्ला फत्ते नगला में महिला की छत से गिरकर मौत।  
  • 01 जनवरी 2022-गांधीपार्क इलाके के नगला मानसिंह में मासूम गंभीर रूप से घायल।
  • 15 जनवरी 2022- क्वार्सी क्षेत्र के कोछोंड़ में बच्ची गंभीर रूप से घायल। 
  • 22 जनवरी 2023-कोतवाली ऊपरकोट में ताला कारोबारी की तीन मंजिला मकान से गिरकर मौत।
  • 02 मई  2023- जलाली में अधिवक्ता सुभाष चंद्र शर्मा की मौत। 

 

बंदरों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि बच्चों का खास ध्यान रखना पड़ता है कि वे कहीं गली में या छत पर अकेले न चले जाएं। बंदरों से बहुत डर हो गया है। -पारूल जिंदल, सासनीगेट।  
बंदरों के डर के चलते घर को बंद करके रखना पड़ता है। घर खुला देखते ही बंदर घुस आते हैं और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं। -नीलम वार्ष्णेय, एडीए कॉलोनी सासनीगेट। 
बंदरों के खौफ के चलते छत पर कपड़े, जूते, दाल आदि सुखाना भी मुश्किल है। कपड़ों को उठाकर ले जाते हैं और उन्हें फाड़ कर फेंक आते हैं। -अखिल अग्रवाल, न्यू विष्णुपुरी। 
बंदरों के उत्पात से पिछले कई महीने से छत पर भी नहीं गईं। बंदरों का झुंड हर वक्त छत पर बैठा रहता है। इससे डर लगता है। -मीना शर्मा, सुरेंद्र नगर। 


बंदरों के हमले में छत से गिरकर अधिवक्ता की मौत 
थाना हरदुआगंज के कस्बा जलाली में बंदरों के हमले में छत से गिरकर अधिवक्ता एवं अमर उजाला के हमराही की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। कस्बा जलाली स्थित मोहल्ला अमीर निवासी 71 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष चंद्र शर्मा वकालात के पेशे के साथ ही लंबे समय से अमर उजाला के हमराही थे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे मकान की छत पर कुछ बंदर उत्पात मचा रहे थे। जिन्हें भगाने के लिए अधिवक्ता छत पर पहुंचे। तभी बंदर हमलावर हो गए। 

हमले से बचने के प्रयास में वे नीचे जा गिरे। सिर में गंभीर चोट आने पर परिजन उन्हें अलीगढ़ के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने पीछे पत्नी रामवती शर्मा, बेटे जितेंद्र शर्मा एवं वैज्ञानिक राहुल शर्मा समेत पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड़ा है। बुधवार सुबह उनका पैतृक स्थान जलाली स्थित शमशान में अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

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