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नलकूप में सोए व्यक्ति की नुकीले हथियार से गोदकर
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कोतवाली क्षेत्र के गांव महंगौरा में 35 वर्षीय योगेश ड्राइवर पुत्र रामगोपाल की उनके ही नलकूप में शनिवार की रात नुकीले हथियार से गोदकर हत्या कर दी गई। रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे पशुओं को पानी पिलाने के लिए नलकूप पर पहुंचे बड़े भाई ने शव देखा तो पिता और पुलिस को सूचना दी। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। मृतक के पिता ने मृतक की पत्नी, उसकी बड़ी बहन और ससुर के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मृतक के पिता रामगोपाल ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि योगेश की पत्नी गुड़िया, उसकी बड़ी बहन सुनीता और ससुर यज्ञदत्त शर्मा निवासी खुर्जा बुलंदशहर ने ही उनके बेटे की हत्या कराई है। योगेश के अपनी पत्नी गुड़िया से संबंध ठीक नहीं थे।
शनिवार की रात करीब 9 बजे योगेश सोने के लिए नलकूप पर गया था। सुबह बड़े बेटे शिवशंकर शर्मा से हत्या की खबर मिली। मृतक के सीने पर एक गहरा घाव था और खून फैला हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि हैंडपंप के हत्थे के नुकीले भाग से सीने को गोदा गया है।
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थाना पुलिस के अनुसार मृतक के पिता की तहरीर पर मृतक की पत्नी, उसकी बड़ी बहन और ससुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेश और शिवशंकर शर्मा दो भाई थे। योगेश अपने पिता के साथ अलग रहते थे। योगेश की बेटी वंदना (7) अपने पिता के साथ जबकि बड़ा बेटा (9 वर्ष) अपनी मां के साथ खुर्जा में रहता है। योगेश कार चलाते थे। बीस बीघे जमीन उनके पास पिता की थी। बेटी और पिता के लिए खाना भी वही बनाते थे।
परिवार वालों के अनुसार शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने भाई शिवशंकर शर्मा से मिले थे। उनके बड़े भाई गाजियाबाद में किसी कंपनी में काम करते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद से घर पर ही रहने लगे थे। योगेश की पत्नी आठ साल में एक-दो बार ही महंगौरा आई थी। तीन साल पहले अपनी सास की मौत पर आने के तुरंत बाद ही वह खुर्जा लौट गई थी।
पत्नी को मुंह तक नहीं दिखाया
खबर पाकर मृतक की पत्नी गुड़िया मौके पर पहुंची तो मृतक के परिवार वालों ने उसे आड़े हाथ लेकर खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि बेटे को मरवाकर भी पेट नहीं भरा। तुरंत वापस जाने की धमकी देने लगे। योगेश का मुंह तक उसे नहीं दिखाया।
पुलिस उस समय शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में थी। गुड़िया पुलिस वालों से बार-बार पति का एक बार चेहरा दिखाने की मिन्नतें करने लगी लेकिन वहां पर मारपीट की स्थिति भांपकर पुलिस वालों ने भी उसकी बात नहीं सुनी और तत्काल ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बेटे के लिए हुई छीना-झपटी
गुड़िया अपने साथ बेटे को भी लेकर पहुंची थी। योगेश के परिवार वाले उसे अपने पास रखने के लिए छीनने लगे। तो गुड़िया ने उसे अपने पास ही रखने की कोशिश की। इस छीना-झपटी में चीखपुकार मच गई।
पुलिस कर्मी भी दौड़कर पहुंचे और बीच-बचाव किया। बड़ी मुश्किल से मृतक की पत्नी गुड़िया को उसके बेटे के साथ पुलिस ने गाड़ी में बिठाकर खुर्जा के लिए वापस भेजा।
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मृतक के पिता रामगोपाल ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि योगेश की पत्नी गुड़िया, उसकी बड़ी बहन सुनीता और ससुर यज्ञदत्त शर्मा निवासी खुर्जा बुलंदशहर ने ही उनके बेटे की हत्या कराई है। योगेश के अपनी पत्नी गुड़िया से संबंध ठीक नहीं थे।
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शनिवार की रात करीब 9 बजे योगेश सोने के लिए नलकूप पर गया था। सुबह बड़े बेटे शिवशंकर शर्मा से हत्या की खबर मिली। मृतक के सीने पर एक गहरा घाव था और खून फैला हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि हैंडपंप के हत्थे के नुकीले भाग से सीने को गोदा गया है।
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थाना पुलिस के अनुसार मृतक के पिता की तहरीर पर मृतक की पत्नी, उसकी बड़ी बहन और ससुर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
योगेश और शिवशंकर शर्मा दो भाई थे। योगेश अपने पिता के साथ अलग रहते थे। योगेश की बेटी वंदना (7) अपने पिता के साथ जबकि बड़ा बेटा (9 वर्ष) अपनी मां के साथ खुर्जा में रहता है। योगेश कार चलाते थे। बीस बीघे जमीन उनके पास पिता की थी। बेटी और पिता के लिए खाना भी वही बनाते थे।
परिवार वालों के अनुसार शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने भाई शिवशंकर शर्मा से मिले थे। उनके बड़े भाई गाजियाबाद में किसी कंपनी में काम करते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद से घर पर ही रहने लगे थे। योगेश की पत्नी आठ साल में एक-दो बार ही महंगौरा आई थी। तीन साल पहले अपनी सास की मौत पर आने के तुरंत बाद ही वह खुर्जा लौट गई थी।
पत्नी को मुंह तक नहीं दिखाया
खबर पाकर मृतक की पत्नी गुड़िया मौके पर पहुंची तो मृतक के परिवार वालों ने उसे आड़े हाथ लेकर खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि बेटे को मरवाकर भी पेट नहीं भरा। तुरंत वापस जाने की धमकी देने लगे। योगेश का मुंह तक उसे नहीं दिखाया।
पुलिस उस समय शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में थी। गुड़िया पुलिस वालों से बार-बार पति का एक बार चेहरा दिखाने की मिन्नतें करने लगी लेकिन वहां पर मारपीट की स्थिति भांपकर पुलिस वालों ने भी उसकी बात नहीं सुनी और तत्काल ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बेटे के लिए हुई छीना-झपटी
गुड़िया अपने साथ बेटे को भी लेकर पहुंची थी। योगेश के परिवार वाले उसे अपने पास रखने के लिए छीनने लगे। तो गुड़िया ने उसे अपने पास ही रखने की कोशिश की। इस छीना-झपटी में चीखपुकार मच गई।
पुलिस कर्मी भी दौड़कर पहुंचे और बीच-बचाव किया। बड़ी मुश्किल से मृतक की पत्नी गुड़िया को उसके बेटे के साथ पुलिस ने गाड़ी में बिठाकर खुर्जा के लिए वापस भेजा।