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मैक्सफोर्ट हॉस्पिटल पर प्रशासन ने लगाई सील
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महिला मरीज से इलाज के नाम पर तय दरों से ज्यादा फीस लेने के मामले में रामघाट रोड स्थित मैक्सफोर्ट अस्पताल को शनिवार को सील कर दिया गया। मरीज के परिजनों ने इस मामले में डीएम से शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर एसीएम द्वितीय के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज वार्ड को छोड़कर पूरे अस्पताल को सील कर दिया।
निमोनिया के चलते मैक्सफोर्ट अस्पताल में भर्ती 72 वर्षीय सीमा देवी के परिजनों ने डीएम से शिकायत की थी कि कोविड अस्पतालों की सूची में शामिल मैक्सफोर्ट अस्पताल में तय दरों से ज्यादा 50 हजार रुपये प्रति रोज फीस वसूली जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने शनिवार सांय एसीएम द्वितीय अंजुम बी व एसीएमओ डा. महेंद्र माथुर के नेतृत्व में टीम भेजकर जांच कराई।
आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल को सील करा दिया। अस्पताल संचालक डॉ चितरंजन सिंह ने कार्रवाई को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 6 मई को ही उनके अस्पताल की कोविड इलाज संबंधी मान्यता खत्म करते हुए इसे कोविड अस्पतालों की सूची से हटा दिया है। ऐसे में हम कोविड नियमों के हिसाब से चार्ज लेने के लिए बाध्य नहीं हैं।
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एसीएम अंजुम बी ने बताया कि ज्यादा फीस लेने की शिकायत सही मिली है। अस्पताल की ओपीडी व रजिस्टर को सील करने के साथ संचालक को निर्देश दिए है कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के अलावा कोई नया मरीज भर्ती नहीं किया जाए। सीएमओ डॉ बीपी कल्याणी ने कहा कि कोविड काल में इलाज के नाम पर निमोनिया के मरीज से एक दिन में 50 हजार फीस वसूलना कहां का न्याय है, जो भी अस्पताल जरूरत से ज्यादा फीस वसूली करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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निमोनिया के चलते मैक्सफोर्ट अस्पताल में भर्ती 72 वर्षीय सीमा देवी के परिजनों ने डीएम से शिकायत की थी कि कोविड अस्पतालों की सूची में शामिल मैक्सफोर्ट अस्पताल में तय दरों से ज्यादा 50 हजार रुपये प्रति रोज फीस वसूली जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने शनिवार सांय एसीएम द्वितीय अंजुम बी व एसीएमओ डा. महेंद्र माथुर के नेतृत्व में टीम भेजकर जांच कराई।
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आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल को सील करा दिया। अस्पताल संचालक डॉ चितरंजन सिंह ने कार्रवाई को गलत बताया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 6 मई को ही उनके अस्पताल की कोविड इलाज संबंधी मान्यता खत्म करते हुए इसे कोविड अस्पतालों की सूची से हटा दिया है। ऐसे में हम कोविड नियमों के हिसाब से चार्ज लेने के लिए बाध्य नहीं हैं।
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एसीएम अंजुम बी ने बताया कि ज्यादा फीस लेने की शिकायत सही मिली है। अस्पताल की ओपीडी व रजिस्टर को सील करने के साथ संचालक को निर्देश दिए है कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के अलावा कोई नया मरीज भर्ती नहीं किया जाए। सीएमओ डॉ बीपी कल्याणी ने कहा कि कोविड काल में इलाज के नाम पर निमोनिया के मरीज से एक दिन में 50 हजार फीस वसूलना कहां का न्याय है, जो भी अस्पताल जरूरत से ज्यादा फीस वसूली करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।