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लॉकडाउन : अलीगढ़ में सख्ती बढ़ी, घरों से न निकलें
Tue, 31 Mar 2020 12:39 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2020 12:39 AM IST
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लॉकडाउन में शहर के प्रमुख चौराहे पर लगाए गए बैरियर।
- फोटो : CITY OFFICE
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जनता कर्फ्यू और उसके बाद से जारी लॉकडाउन को और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन और सख्त हो गया है। हर हाल में लोगों को घरों पर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मजिस्ट्रेट, अधिकारी, पुलिस सभी सड़कों से लेकर गलियों तक घूम रहे हैं और लोगों को बाहर नहीं निकलने के लिए गुजारिश कर रहे हैं।
कहीं-कहीं जरूरत के हिसाब से सख्ती भी की जा रही है। अधिकतर लोग इस बात को गंभीरता से लेकर अब घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। अलीगढ़ में रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से लॉकडाउन चल रहा है। इस तरह से बंदी के आठ दिन सोमवार को पूरे हो गए हैं।
संदिग्ध मरीजों की जांच करने और उनको समय से उपचार देने के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर की तैयारियां की हैं। शहर से लेकर तहसील तक हर जगह अस्पतालों का इंतजाम किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज को मिलाकर जिले में 198 आइसोलेशन बेड और 58 क्वारंटीन बनाए हैं। सीएमओ वीपी सिंह कल्याणी ने बताया है कि सोमवार की दोपहर तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है।
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इधर, बाजारों में रोज की भांति ही सुबह खरीददारी हुई। लोगों को सब्जी, दूध, दवाएं, किराना मुहैया कराने के लिए होम डिलीवरी की प्रशासन की पहल भी रंग लाने लगी है। सैकड़ों लोग अब इसी माध्यम से इस्तेमाल कर रहे हैं।
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कहीं-कहीं जरूरत के हिसाब से सख्ती भी की जा रही है। अधिकतर लोग इस बात को गंभीरता से लेकर अब घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। अलीगढ़ में रविवार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से लॉकडाउन चल रहा है। इस तरह से बंदी के आठ दिन सोमवार को पूरे हो गए हैं।
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संदिग्ध मरीजों की जांच करने और उनको समय से उपचार देने के लिए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर की तैयारियां की हैं। शहर से लेकर तहसील तक हर जगह अस्पतालों का इंतजाम किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों और एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज को मिलाकर जिले में 198 आइसोलेशन बेड और 58 क्वारंटीन बनाए हैं। सीएमओ वीपी सिंह कल्याणी ने बताया है कि सोमवार की दोपहर तक एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है।
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इधर, बाजारों में रोज की भांति ही सुबह खरीददारी हुई। लोगों को सब्जी, दूध, दवाएं, किराना मुहैया कराने के लिए होम डिलीवरी की प्रशासन की पहल भी रंग लाने लगी है। सैकड़ों लोग अब इसी माध्यम से इस्तेमाल कर रहे हैं।
..और अब खाली होने लगा हाईवे
अलीगढ़। दिल्ली, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा से आने वाले हजारों मजदूरों से अब जीटी रोड बाईपास खाली होेने लगा है। पीएम मोदी के आदेश के बाद सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। जो मजदूर जहां हैं, उनको वहीं पर रोका जा रहा है।
इसलिए अलीगढ़ आने वाले मजदूरों की तादाद कम हो गई है। पैदल इक्का-दुक्का आने वालों को अब शिविर में रोका जा रहा है। लोधा के पास एक निजी स्कूल में एक अस्थायी शिविर बना दिया गया है। रविवार को तकरीबन 20 हजार लोगों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
तहसीलों में बनने लगे शिविर
अलीगढ़। जिले की सभी तहसीलों पर एक-एक शिविर बनाया गया है। जहां राहगीरों को 15 दिन तक ठहराने का इंतजाम किया गया है। इन शिविरों में नि:शुल्क खाना, रहना, दवा की व्यवस्था की गई है।
अलीगढ़। दिल्ली, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा से आने वाले हजारों मजदूरों से अब जीटी रोड बाईपास खाली होेने लगा है। पीएम मोदी के आदेश के बाद सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं। जो मजदूर जहां हैं, उनको वहीं पर रोका जा रहा है।
इसलिए अलीगढ़ आने वाले मजदूरों की तादाद कम हो गई है। पैदल इक्का-दुक्का आने वालों को अब शिविर में रोका जा रहा है। लोधा के पास एक निजी स्कूल में एक अस्थायी शिविर बना दिया गया है। रविवार को तकरीबन 20 हजार लोगों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।
तहसीलों में बनने लगे शिविर
अलीगढ़। जिले की सभी तहसीलों पर एक-एक शिविर बनाया गया है। जहां राहगीरों को 15 दिन तक ठहराने का इंतजाम किया गया है। इन शिविरों में नि:शुल्क खाना, रहना, दवा की व्यवस्था की गई है।
इस दौरान लगाए गए मजिस्ट्रेट और राजस्व टीमें अब रास्तों पर घूम रहे राहगीरों को इन शिविरों तक पहुंचाने में लग गए हैं। जिससे ऐसे लोगों को दूसरों के संपर्क में आने से बचाया जा सके। एडीएम प्रशासन कृष्णलाल तिवारी ने बताया कि सभी एसडीएम इस काम में जुटे हैं।
रात से अलीगढ़ में फंसे
गाजियाबाद में दैनिक मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले रामपाल इस बीच अलीगढ़ में फंस गए हैं। मूलरूप से भदोही के रहने वाले रामपाल अब यहां से जाने का साधन ढूंढ रहे हैं लेकिन कोई साधन नहीं मिल रहा है। फिलहाल वो मालवीय मार्केट रसलगंज में ठहरे हैं। अकेले रामपाल ही नहीं ऐसे कई परिवार जिले की सीमा में अलग अलग जगहों पर फंसे हैं जिनको शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
सुबह 10 बजे से पास बनना बंद
अलीगढ़। कलक्ट्रेट में सोमवार को भी कई लोग दूसरे शहरों को जाने का पास बनवाने पहुंचे थे, लेकिन यहां एक भी पास नहीं बनाया गया है। इस संबंध में शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। पीएम मोदी के द्वारा पूरी तरह से आवागमन बंद करने के निर्देश के बाद से पास बनना बंद हो गया है। यहां पहुंचे राहुल शर्मा घंटों के इंतजार के बाद लौट गए।
रात से अलीगढ़ में फंसे
गाजियाबाद में दैनिक मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले रामपाल इस बीच अलीगढ़ में फंस गए हैं। मूलरूप से भदोही के रहने वाले रामपाल अब यहां से जाने का साधन ढूंढ रहे हैं लेकिन कोई साधन नहीं मिल रहा है। फिलहाल वो मालवीय मार्केट रसलगंज में ठहरे हैं। अकेले रामपाल ही नहीं ऐसे कई परिवार जिले की सीमा में अलग अलग जगहों पर फंसे हैं जिनको शिविरों में पहुंचाया जा रहा है।
सुबह 10 बजे से पास बनना बंद
अलीगढ़। कलक्ट्रेट में सोमवार को भी कई लोग दूसरे शहरों को जाने का पास बनवाने पहुंचे थे, लेकिन यहां एक भी पास नहीं बनाया गया है। इस संबंध में शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। पीएम मोदी के द्वारा पूरी तरह से आवागमन बंद करने के निर्देश के बाद से पास बनना बंद हो गया है। यहां पहुंचे राहुल शर्मा घंटों के इंतजार के बाद लौट गए।