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ये कैसी पाठशाला: पढ़ें एक स्कूल की कहानी... क्लास रूम में भरा है पानी
Sun, 03 Aug 2025 05:38 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 03 Aug 2025 05:38 PM IST
सार
सारसौल प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां छोटे-छोटे कुल चार कमरे हैं। बाहर की ओर वाला कमरा ध्वस्त हो चुका है। इस कमरे में चलने वाली कक्षा आंगन में शिफ्ट हो चुकी है। यहां पर भी बारिश में पानी भर जाता है।
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सारसौल प्राथमिक विद्यालय में जलभराव में पड़ते बच्चे
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी अतरौली तहसील के गांव फजलपुर में स्थित प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थी रोजाना कीचड़ से होकर गुजरते हैं। कई बार गिरने से बच्चों के कपड़े खराब हो जाते हैं। वहीं, सारसौल प्राथमिक विद्यालय के छत से बारिश का पानी टपकता है। इससे क्लासरूम में पानी भर जाता है। बच्चों को इसी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। बिना बारिश के ही भरा रहता है पानी
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अतरौली के फजलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-1 से लेकर कक्षा 5 तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां 140 बच्चे पढ़ते हैं। छह शिक्षक और दो शिक्षा मित्र हैं। स्कूल में 8 कमरे हैं। स्कूल के प्रिंसिपल अजय सक्सेना कहते हैं कि स्कूल के रास्ते पर पूरी तरह कीचड़ हो गई है। बिना बारिश के ही यहां पर पानी भरा रहता है। अक्सर बच्चों के कपड़े और बस्ते खराब हो जाते हैं। सड़क की समस्या को गांव के प्रधान के सामने रखा। इसके बाद कहा गया कि यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है। गौर करने वाली बात यह है कि यह क्षेत्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है।
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विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण में शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर इस दिशा में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। जर्जर भवनों में चल रहे विद्यालयों के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि बच्चों के लिए वैकल्पिक सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए। विभाग इसकी निगरानी करेगा और स्पष्ट रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगा। - संजीव रंजन, डीएम
बेंच पर पैर रखकर बैठते हैं बच्चे
सारसौल प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां छोटे-छोटे कुल चार कमरे हैं। बाहर की ओर वाला कमरा ध्वस्त हो चुका है। इस कमरे में चलने वाली कक्षा आंगन में शिफ्ट हो चुकी है। यहां पर भी बारिश में पानी भर जाता है। बच्चे पानी से बचने के लिए बेंच के नीचे वाली रेलिंग पर पैर रखकर बैठते हैं। प्रिंसिपल के कमरे सहित अन्य कमरों में सीलन है। प्रिंसिपल के कमरे में पानी भी टपकता है। स्कूल में 125 बच्चे हैं और इनके लिए कुल 5 शिक्षक हैं। बच्चे कहते हैं कि बारिश उनके लिए परेशानी बनकर आती है।