फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   A little relief from Suryadev, then it rained

सूर्यदेव से मिली थोड़ी सी राहत, फिर बरसी आफत

Sat, 24 Sep 2022 12:49 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 12:49 AM IST
सार

पांच दिनों से हो रही बारिश के बीच सूरज बादलों में छिपे हुए हैं।इससे धान की कटी और पकी खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।इसके अलावा उप कृषि निदेशक, अलीगढ़ के कार्यालय में लिखित रूप में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

विज्ञापन
A little relief from Suryadev, then it rained
पिसावा में लगातार बारिश होने से खेत में बिछी धान की फसल। - फोटो : PISAWA

विस्तार

पांच दिनों से हो रही बारिश के बीच सूरज बादलों में छिपे हुए हैं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे सूर्य देव प्रकट हुए तो लोगों को कुछ देर के लिए राहत महसूस हुई। हालांकि थोड़ी देर बाद ही जितनी राहत मिली, उससे कहीं अधिक बारिश के रूप में फिर से आफत खड़ी हो गई। पहले दो बजे बारिश हुई तो एक घंटे बाद लगातार करीब दो घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर की फिर से हालत खस्ता हो गई। कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। मकानों और दुकानों में पानी घुस जाने से नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राहगीरों और वाहन चालकों को जलभराव से काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। जलभराव के चलते कीचड़ गंदगी सड़कों पर उफन आयी। कई सरकारी कार्यालय एवं अफसरों के आवास में पानी भर गया। मानसून की इस आखिरी बारिश से शहर का कोई भी इलाका अछूता नहीं रहा। जहां की सड़कें, नाली, नाले बारिश के पानी से लबालब न हो गए हों।
विज्ञापन

खेतों में गिरी फसल, धान, बाजरा और सब्जियों को भारी नुकसान
कई दिनों से हो रही झमाझम बारिश अब खरीफ फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। देहात क्षेत्र के गभाना, खैर, लोधा, जवां, अतरौली, हरदुआगंज, चंडौस, टप्पल, इगलास आदि क्षेत्रों में हवा के साथ हुई तेज बारिश से खेतों में लबालब पानी भर गया है। इससे धान की कटी और पकी खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। करीब 90 फीसदी धान किसानों की फसल पककर तैयार हो चुकी है। किसानों ने मौसम को देखते हुए धान की अगैती फसल को कटवाना शुरू कर दिया था। जिला कृषि अधि कारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि बारिश से धान और बाजारा की करीब 10-20 फीसद फसल गिर चुकी है अथवा पानी में डूबी हुई है। खेतों में खड़ी तोरई, लौकी, गोभी आदि सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है। धान का दाना काला पड़ने के साथ ही उसके सड़ जाने की भी संभावना पैदा हो गई है। ऐसा होने से किसानों को इस बार काफी घाटा उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन

फसल बीमा के लिए टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने कहा है कि किसान बारिश, तेज हवाओं के चलते अरहर, धान, बाजरा एवं मक्का की फसल को हुए नुकसान के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेन्स कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 1800-889-6868 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा उप कृषि निदेशक, अलीगढ़ के कार्यालय में लिखित रूप में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। किसान बीमा कंपनी द्वारा तहसील स्तर पर तैनात प्रतिनिधियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मदद को यहां मिलाएं फोन
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कंट्रोल रूम नंबर - 0571-2700128
टोल फ्री नंबर - 1077
प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा -9454417749
आपदा सहायक -7906853081
नगर निगम कंट्रोल रूम - 7500441344 ,
लैंडलाइन नंबर - 0571-2750250
टोल फ्री नंबर-1533
खास बातें -
पांच दिन में हुई बारिश = 144 मिमी
सोमवार = 21 मिमी
मंगलवार = 13 मिमी
बुधवार= 09 मिमी
बृहस्पतिवार= 44 मिमी
शुक्रवार = 57 मिमी
पांच साल में सितंबर माह में हुई बारिश
वर्ष , हुई बारिश
2018 =80.03 मिमी
2019 = 72.08 मिमी
2020 = 04.00 मिमी
2021= 118.28 मिमी
2022 = 300.02 मिमी
जिले में फसलों की स्थिति
धान का कुल रकवा = 85,580 हेक्टेयर
बाजरे का कुल रकबा = 81,000 हेक्टेयर
मक्का का कुल रकबा = 19,871 हेक्टेयर
अरहर का कुल रकबा = 10,380 हेक्टेयर
उड़द का कुल रकबा= 900 हेक्टेयर
मूंग का कुल रकबा = 451 हेक्टेयर
तिल का रकबा = 77 हेक्टेयर
मूंगफली का रकबा = 127 हेक्टेयर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed