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डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी ने दान की देह
Aligarh
Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
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अलीगढ़। डेरा सच्चा सौदा सिरसा हरियाणा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा के अनुयायी गिरधारी लाल की मृत्यु पर रविवार सुबह उनका शव मेडिकल कॉलेज मेरठ को दान कर दिया गया। यह घोषणा वे अपनी मृत्यु से पहले ही कर चुके थे। उनकी मौत की खबर पर साह सतनाम ग्रीनेश वेलफेयर फोर्स विंग के सदस्य उनका शव लेने यहां पहुंचे। इस दौरान बिना किसी शोक के उनकी अर्थी को कंधा बेटियों ने भी दिया। परिवार भी विंग के साथ मेरठ तक गया।
बौनेर निवासी 90 वर्षीय गिरधारी लाल पेशे से किसान और ड्राइवर थे। साथ में वे डेरा सच्चा सौदा सिरसा हरियाणा के भी सदस्य थे। परिजनों के अनुसार वे पूर्व में ही घोषणा कर चुके थे कि संत श्री की प्रेरणा से वे अपना शरीर दान करेंगे। उनकी इसी इच्छा के चलते शनिवार मध्य रात उनकी मृत्यु पर खबर संस्थान को भेजी गई। इस खबर पर वहां से साह सतनाम ग्रीनेश वेलफेयर फोर्स यहां पहुंची और मेडिकल कॉलेज मेरठ से वार्ता कर मेडिकल रिसर्च के लिए शव वहां पहुंचाना तय हुआ। इस पर रविवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें अर्थी को बेटियों ने भी कंधा दिया। इस दौरान तमाम लोगों की भीड़ मौजूद रही और गिरधारी लाल की जयजयकार होती रही। परिवार में कोई शोक या करुण क्रंदन नहीं हुआ। गिरधारी लाल के दो बेटों में बांकेलाल, रमेश के अलावा तीन बेटियां सत्यवती, गोरा देवी और विमलेश हैं। सभी परिवार वाले हैं और खेतीबाड़ी आदि करते हैं। बता दें अपने शहर में इससे पहले साहित्यकार केपी सिंह और हलवाईखाना की एक महिला भी इसी तरह अपना शरीर दान कर चुकी हैं।
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बौनेर निवासी 90 वर्षीय गिरधारी लाल पेशे से किसान और ड्राइवर थे। साथ में वे डेरा सच्चा सौदा सिरसा हरियाणा के भी सदस्य थे। परिजनों के अनुसार वे पूर्व में ही घोषणा कर चुके थे कि संत श्री की प्रेरणा से वे अपना शरीर दान करेंगे। उनकी इसी इच्छा के चलते शनिवार मध्य रात उनकी मृत्यु पर खबर संस्थान को भेजी गई। इस खबर पर वहां से साह सतनाम ग्रीनेश वेलफेयर फोर्स यहां पहुंची और मेडिकल कॉलेज मेरठ से वार्ता कर मेडिकल रिसर्च के लिए शव वहां पहुंचाना तय हुआ। इस पर रविवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इसमें अर्थी को बेटियों ने भी कंधा दिया। इस दौरान तमाम लोगों की भीड़ मौजूद रही और गिरधारी लाल की जयजयकार होती रही। परिवार में कोई शोक या करुण क्रंदन नहीं हुआ। गिरधारी लाल के दो बेटों में बांकेलाल, रमेश के अलावा तीन बेटियां सत्यवती, गोरा देवी और विमलेश हैं। सभी परिवार वाले हैं और खेतीबाड़ी आदि करते हैं। बता दें अपने शहर में इससे पहले साहित्यकार केपी सिंह और हलवाईखाना की एक महिला भी इसी तरह अपना शरीर दान कर चुकी हैं।
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