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14 को फैमिली प्लानिंग 2020 पर मंथन होगा
Aligarh
Updated Sun, 12 Oct 2014 05:30 AM IST
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अलीगढ़। और अब फैमिली प्लानिंग 2020 को लेकर रणनीति पर मंथन शुरू होगा। 14 अक्तूबर को प्रदेशभर के स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों को लखनऊ बुलाया गया है। मकसद है जनसंख्या विस्फोट से बचने के लिए प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या का जो आंकड़ा है, उसे वहीं थामे रखा जाए। जनसंख्या का स्थिरीकरण कैसे रखा जा सकता है, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के मंडलीय अपर निदेशक, सीएमओ, महिला अस्पताल की सीएमएस, एनआरएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक तथा यूएचआई के अफसरों को बुलाया गया है।
जनसंख्या नीति 2000 से 2016 तक के लिए बनी थी। जाहिर है कि अब नई जनसंख्या नीति भी बननी है। उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश है जिसकी जनसंख्या के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका है। जनसंख्या स्थिरीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश कामयाब हो जाता है तो यह देश की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। इसके लिए वर्ष 2020 तक फैमिली प्लानिंंग के लिए नई नीति निर्धारित होनी है। उस नीति के अनुसार वर्तमान परिवार कल्याण कार्यक्रम को लेकर विचार होगा। इसके प्रति लोगों में आकर्षण पैदा करने के लिए नया और क्या किया जा सकता है, सहित अन्य मसलों पर विचार होगा। प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य की अध्यक्षता में इसको लेकर विचार होगा। यह जानकारी एनआरएचएम के एसीएमओ डॉ. रूपेंद्र गोयल ने दी है।
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जनसंख्या नीति 2000 से 2016 तक के लिए बनी थी। जाहिर है कि अब नई जनसंख्या नीति भी बननी है। उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश है जिसकी जनसंख्या के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका है। जनसंख्या स्थिरीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश कामयाब हो जाता है तो यह देश की बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। इसके लिए वर्ष 2020 तक फैमिली प्लानिंंग के लिए नई नीति निर्धारित होनी है। उस नीति के अनुसार वर्तमान परिवार कल्याण कार्यक्रम को लेकर विचार होगा। इसके प्रति लोगों में आकर्षण पैदा करने के लिए नया और क्या किया जा सकता है, सहित अन्य मसलों पर विचार होगा। प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य की अध्यक्षता में इसको लेकर विचार होगा। यह जानकारी एनआरएचएम के एसीएमओ डॉ. रूपेंद्र गोयल ने दी है।
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