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सर्व सम्मति के बिना नहीं होगा यूपी का बंटवारा
Aligarh
Updated Mon, 24 Dec 2012 05:30 AM IST
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अलीगढ़। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा है कि मूल प्रदेश की स्वीकृति के बिना यूपी के चार राज्यों के बनाने पर विचार नहीं किया जा सकता। अलीगढ़ की सांसद श्रीमती राज कुमारी चौहान के अतारांकित सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने यह जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की निवर्तमान सरकार ने यूपी को चार छोटे राज्यों पश्चिमी उप्र, अवध प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में विभाजन के लिए 23 नवंबर 2011 को प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।उन्होंने कहा कि नये राज्यों का सृजन तभी किया जाता है जब मूल्य राज्य में सर्वसम्मती हो। सांसद राजकुमारी चौहान ने संसद में भारत सरकार के गृह मंत्री से प्रश्न किया कि क्या केंद्र सरकार को यूपी सहित नए राज्यों के सृजन और विभाजन के संबंध में विभिन्न राज्य सरकारें या संगठनों से प्रस्ताव मिले हैं। यदि हां तो उसका ब्योरा क्या है। गृह राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि समय-समय पर भारत सरकार को विभिन्न व्यक्तियों एवं संगठनों से नए राज्य के सृजन जैसे आंध्र प्रदेश में तेलगांना, महाराष्ट्र में विदर्भ, गुजरात में सौराष्ट्र, कर्नाटक में कुर्ग, पश्चिम उड़ीसा में, कौशलांचल, पं. बंगाल में गोरखालैंड, उत्तरी बिहार में मिथिलांचन है, नागालैंड में पूर्वी नागालैंड के सृजन के संबंध में प्रत्यावेदन प्राप्त हुए हैं।
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