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अमरनाथ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं को करना होगा योग व प्राणायाम का अभ्यास
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालु नियमित रूप से प्राणायाम व योग का अभ्यास कर लें। ताकि यात्रा के दौरान आने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात मिल सके। इस संबंध में अमरनाथ स्थापना बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार अमरनाथ यात्रा कठिन यात्रा है। दुर्ग पहाड़ी रास्ते, पवित्र गुभा हिमालय पर्वत के दक्षिणी कश्मीर में 13500 फीट की ऊंचाई पर है। यहां तक पहुंचने के लिए 14500 फीट तक के दर्रों को पार करना पड़ता है। इस कारण गुभा में आक्सीजन कम मात्रा में उपलब्ध होती है। यात्रा के दौरान साफ मौसम, अचानक वर्षा, हिमपात और तापमान अचानक पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्राणायाम काफी कारगर साबित होता है। इसी के साथ अन्य सलाह भी श्रद्धालुओं के लिए दी गई।
यात्रा संबंधी सलाह
1. योग, प्राणायाम अभ्यास नियमित करें।
2. यात्रा से एक महीने पहले सुबह व शाम को प्रतिदिन चार से पांच किलोमीटर की सैर।
3. चिकित्सा प्रमाण पत्र के बिना यात्रा न करें।
4. जलवायु के अनुरूप अभ्यस्त करने के लिए पर्याप्त समय दें।
5. हर अंतराल पर विश्राम तथा उचित चाल का प्रयोग।
6. अधिक से अधिक पानी पीने का अभ्यास।
7. यात्रा के दौरान आपातकालीन स्थिति में निचले इलाकों में जाएं।
8. स्वास्थ्य परेशानी होने पर हर दो किमी पर लगे चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा का लाभ लें।
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अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालु नियमित रूप से प्राणायाम व योग का अभ्यास कर लें। ताकि यात्रा के दौरान आने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात मिल सके। इस संबंध में अमरनाथ स्थापना बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार अमरनाथ यात्रा कठिन यात्रा है। दुर्ग पहाड़ी रास्ते, पवित्र गुभा हिमालय पर्वत के दक्षिणी कश्मीर में 13500 फीट की ऊंचाई पर है। यहां तक पहुंचने के लिए 14500 फीट तक के दर्रों को पार करना पड़ता है। इस कारण गुभा में आक्सीजन कम मात्रा में उपलब्ध होती है। यात्रा के दौरान साफ मौसम, अचानक वर्षा, हिमपात और तापमान अचानक पांच डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। यात्रियों को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्राणायाम काफी कारगर साबित होता है। इसी के साथ अन्य सलाह भी श्रद्धालुओं के लिए दी गई।
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यात्रा संबंधी सलाह
1. योग, प्राणायाम अभ्यास नियमित करें।
2. यात्रा से एक महीने पहले सुबह व शाम को प्रतिदिन चार से पांच किलोमीटर की सैर।
3. चिकित्सा प्रमाण पत्र के बिना यात्रा न करें।
4. जलवायु के अनुरूप अभ्यस्त करने के लिए पर्याप्त समय दें।
5. हर अंतराल पर विश्राम तथा उचित चाल का प्रयोग।
6. अधिक से अधिक पानी पीने का अभ्यास।
7. यात्रा के दौरान आपातकालीन स्थिति में निचले इलाकों में जाएं।
8. स्वास्थ्य परेशानी होने पर हर दो किमी पर लगे चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा का लाभ लें।