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आज से आयोजित होंगी किसान पाठशालाएं
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:14 AM IST
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आज से आयोजित होंगी किसान पाठशालाएं
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार आज से 5 दिवसीय किसान पाठशाला जनपद के प्रत्येक न्याय पंचायतों के 2-2 ग्रामों में शुरू होंगी। इन पाठशालाओं में प्रशिक्षकों द्वारा फसल चक्र के आशय एवं सिद्धांत, उन्नतशील बीजों की प्रजातियां, गेहूं की समय से बुवाई के साथ ही मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, जीरो बेस्ड एग्रीकल्चर एवं जैविक खेती की जानकारी प्रदान की जाएगी।
6 दिसंबर को कृषि निवेश, कृषि यांत्रिकीकरण, सोलर फोटो बोल्टेइक सिंचाई पंप, जल प्रबंधन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति की जानकारी के साथ ही दुग्ध उत्पादन के लिए उन्नत पशुपालन की जानकारी देते हुए मत्स्य पालन पर भी चर्चा की जाएगी। 7 दिसंबर को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, रबी बीजों पर अनुदान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, केंद्र्र एवं राज्य द्वारा पोषित योजनाओं के तहत सोलर पंप, फसलों में रोग नियंत्रण आदि की जानकारी दी जाएगी।
8 दिसंबर को कृषकों की आमदनी बढ़ाने के तरीकों के तहत कम लागत अधिक उत्पादन, एकीकृत बागवानी, विकास मिशन, कृषि यंत्रीकरण, रक्षा उपकरण, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, संरक्षित खेती आदि की जानकारी दी जाएगी।
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अंतिम दिन कृषि रक्षा कार्य एवं एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन के तहत बीज भूमि शोधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट रोग की रोकथाम, अन्न भंडारण, यांत्रिक, जैविक विधियों की जानकारी के साथ कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां तथा कृषि लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान पाठशाला का दूसरा चरण 11 दिसंबर से शुरू होगा जो 15 दिसंबर तक चलेगा।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
उप निदेशक कृषि अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार आज से 5 दिवसीय किसान पाठशाला जनपद के प्रत्येक न्याय पंचायतों के 2-2 ग्रामों में शुरू होंगी। इन पाठशालाओं में प्रशिक्षकों द्वारा फसल चक्र के आशय एवं सिद्धांत, उन्नतशील बीजों की प्रजातियां, गेहूं की समय से बुवाई के साथ ही मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, जीरो बेस्ड एग्रीकल्चर एवं जैविक खेती की जानकारी प्रदान की जाएगी।
6 दिसंबर को कृषि निवेश, कृषि यांत्रिकीकरण, सोलर फोटो बोल्टेइक सिंचाई पंप, जल प्रबंधन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति की जानकारी के साथ ही दुग्ध उत्पादन के लिए उन्नत पशुपालन की जानकारी देते हुए मत्स्य पालन पर भी चर्चा की जाएगी। 7 दिसंबर को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, रबी बीजों पर अनुदान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, केंद्र्र एवं राज्य द्वारा पोषित योजनाओं के तहत सोलर पंप, फसलों में रोग नियंत्रण आदि की जानकारी दी जाएगी।
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8 दिसंबर को कृषकों की आमदनी बढ़ाने के तरीकों के तहत कम लागत अधिक उत्पादन, एकीकृत बागवानी, विकास मिशन, कृषि यंत्रीकरण, रक्षा उपकरण, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, संरक्षित खेती आदि की जानकारी दी जाएगी।
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अंतिम दिन कृषि रक्षा कार्य एवं एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन के तहत बीज भूमि शोधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट रोग की रोकथाम, अन्न भंडारण, यांत्रिक, जैविक विधियों की जानकारी के साथ कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां तथा कृषि लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने आदि की जानकारी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान पाठशाला का दूसरा चरण 11 दिसंबर से शुरू होगा जो 15 दिसंबर तक चलेगा।