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एएमयू प्रशासन की कार्रवाई पर छात्र संघ की नजर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ पदाधिकारियों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर है। वह इंतजार कर रहे हैं कि प्रॉक्टोरियल टीम के खिलाफ इंतजामिया द्वारा जांच बैठाई जा रही है या नहीं। छात्र नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी अभी सलेक्शन कमेटी में व्यस्त हैं।
बुधवार को छात्र संघ पदाधिकारी एवं प्रॉक्टोरियल टीम के बीच झड़प हुई थी।
छात्र नेताओं ने प्रॉक्टोरियल टीम पर महिला कैबिनेट सदस्य सहित अन्य छात्र नेताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। महिला कैबिनेट सदस्य द्वारा इसकी शिकायत थाना सिविल लाइन में भी की गई थी। इसमें प्रॉक्टोरियल टीम को आरोपी बनाया गया है। दूसरी तरफ प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य भी छात्रों पर दबी जुबान दुर्व्यवहार एवं हाथापाई का आरोप लगा रहे हैं।
हालांकि लिखित में इसकी शिकायत नहीं किये हैं। कुछ लोग तो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय के अधिकारी हंगामा एवं तालेबंदी करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मूड में नहीं हैं। अभी सलेक्शन कमेटी एवं पीएचडी की प्रवेश परीक्षा चल रही है। छात्रों के खिलाफ एक्शन लेने की स्थिति में मामला तूल पकड़ सकता है।
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वहीं छात्रों ने गुरुवार को एएमयू रजिस्ट्रार को ज्ञापन देकर प्रॉक्टर एवं प्रॉक्टोरियल टीम के खिलाफ जांच कराने, एक डिप्टी प्रॉक्टर एवं एक असिस्टेंट प्रॉक्टर को निलंबित करने तथा उस दिन गेट पर हुए झड़प के दौरान मौजूद छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफयान ने बताया कि एएमयू प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है। वह दो दिन तक नहीं छेड़ेंगे। समय सीमा समाप्त होने के बाद जाकर सीधे मुलाकात करेंगे।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ पदाधिकारियों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर है। वह इंतजार कर रहे हैं कि प्रॉक्टोरियल टीम के खिलाफ इंतजामिया द्वारा जांच बैठाई जा रही है या नहीं। छात्र नेताओं का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी अभी सलेक्शन कमेटी में व्यस्त हैं।
बुधवार को छात्र संघ पदाधिकारी एवं प्रॉक्टोरियल टीम के बीच झड़प हुई थी।
छात्र नेताओं ने प्रॉक्टोरियल टीम पर महिला कैबिनेट सदस्य सहित अन्य छात्र नेताओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। महिला कैबिनेट सदस्य द्वारा इसकी शिकायत थाना सिविल लाइन में भी की गई थी। इसमें प्रॉक्टोरियल टीम को आरोपी बनाया गया है। दूसरी तरफ प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य भी छात्रों पर दबी जुबान दुर्व्यवहार एवं हाथापाई का आरोप लगा रहे हैं।
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हालांकि लिखित में इसकी शिकायत नहीं किये हैं। कुछ लोग तो छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय के अधिकारी हंगामा एवं तालेबंदी करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मूड में नहीं हैं। अभी सलेक्शन कमेटी एवं पीएचडी की प्रवेश परीक्षा चल रही है। छात्रों के खिलाफ एक्शन लेने की स्थिति में मामला तूल पकड़ सकता है।
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वहीं छात्रों ने गुरुवार को एएमयू रजिस्ट्रार को ज्ञापन देकर प्रॉक्टर एवं प्रॉक्टोरियल टीम के खिलाफ जांच कराने, एक डिप्टी प्रॉक्टर एवं एक असिस्टेंट प्रॉक्टर को निलंबित करने तथा उस दिन गेट पर हुए झड़प के दौरान मौजूद छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। छात्र संघ उपाध्यक्ष हमजा सुफयान ने बताया कि एएमयू प्रशासन को दो दिन का समय दिया गया है। वह दो दिन तक नहीं छेड़ेंगे। समय सीमा समाप्त होने के बाद जाकर सीधे मुलाकात करेंगे।
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