{"_id":"5ba40546867a557ec97f21e0","slug":"81537475910-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छर्रा अडडा जमीन पर विवाद गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छर्रा अडडा जमीन पर विवाद गहराया
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छर्रा अड्डा की जमीन पर हक को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यहां की खसरा नंबर 1996 वक्फ संख्या 137 कब्रिस्तान भटियारान की जमीन पर वहां के किराएदारों ने अपना पक्ष सामने रखा है।
बसपा नेता एवं पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह के साथ गुरुवार को स्थानीय लोग मंडलायुक्त अजयदीप सिंह से मिलने पहुंचे और उनके समक्ष अपने कागजात पेश किए। मंडलायुक्त ने कागज देखने के बाद कहा कि वो इसकी जांच कराएंगे और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
गौर हो कि कुछ दिन पूर्व ही एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने वहां की जमीन खाली करा कर उसे सरकारी की संपत्ति घोषित कराया हैै। वहीं किराएदारों का कहना है कि वह कई दशकों से रहे रहे हैं। ये संपत्ति वक्फ की है, वो नगर निगम और वक्फ को इसका किराया आदि दे रहे हैं।
विज्ञापन
ये लोग कह रहे हैं कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को घर देने पर जोर लगा रहे हैं वहीं कुछ सरकारी अफसर बसे बसाए घर उजाड़ रहे हैं। इस दौरान कमिश्नरी में सुबह तकरीबन 50 लोग एकत्र हो गए थे।
विज्ञापन
छर्रा अड्डा की जमीन पर हक को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यहां की खसरा नंबर 1996 वक्फ संख्या 137 कब्रिस्तान भटियारान की जमीन पर वहां के किराएदारों ने अपना पक्ष सामने रखा है।
बसपा नेता एवं पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह के साथ गुरुवार को स्थानीय लोग मंडलायुक्त अजयदीप सिंह से मिलने पहुंचे और उनके समक्ष अपने कागजात पेश किए। मंडलायुक्त ने कागज देखने के बाद कहा कि वो इसकी जांच कराएंगे और उसके बाद ही कोई कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
गौर हो कि कुछ दिन पूर्व ही एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने वहां की जमीन खाली करा कर उसे सरकारी की संपत्ति घोषित कराया हैै। वहीं किराएदारों का कहना है कि वह कई दशकों से रहे रहे हैं। ये संपत्ति वक्फ की है, वो नगर निगम और वक्फ को इसका किराया आदि दे रहे हैं।
विज्ञापन
ये लोग कह रहे हैं कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को घर देने पर जोर लगा रहे हैं वहीं कुछ सरकारी अफसर बसे बसाए घर उजाड़ रहे हैं। इस दौरान कमिश्नरी में सुबह तकरीबन 50 लोग एकत्र हो गए थे।