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सलोनी के सवालों में उलझे डीएमए एडीएम
Updated Wed, 24 Jan 2018 02:24 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
टीवी से पैदा हुए लॉफ्टर चैंपियन और उनकी प्रस्तुति ने मंगलवार को नुमाइश के कोहिनूर मंच पर दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। अली असगर यानी दाद्री, वीआईपी, जय विजय सचान, सलोनी यानी गंगूबाई और सिंगर अतुल पंडित की एक से बढ़कर एक हास्य प्रस्तुतियों ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
अली असगर और सलोनी यानी गंगूबाई ने मंच से उतरकर डीएम, एडीएम सहित दर्शकों के साथ सीधा संवाद भी किया और उसमें भी हंसी के मौके खोज लिए।
इससे पूर्व लाफ्टर शो का उद्घाटन डीएम, एडीएम, कोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल पाराशर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्रस्तुति देने आई सलोनी ने अपने सवालों में एडीएम सिटी और डीएम को भी उलझा दिया।
सलोनी ने एडीएम से पूछा हम पानी क्यों पीते हैं, इसी तरह डीएम से पूछा आटो वाला गलत साइड जा रहा था, पुलिस ने क्यों नहीं रोका, अधिकारियों ने भी इस हल्के फुल्के लम्हों का खूब आनंद लिया। इसके बाद प्रस्तुति देने आए जय विजय ने विभिन्न कलाकारों की आवाज और अंदाज की मिमिक्री करके समा बांध दिया।
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लाफ्टर का रोमांच उस समय चरम पर पहुंच गया जब कामेडी विद कपिल शर्मा शो में दादी का किरदार निभाने वाले अली असगर ने मंच से नहीं, बल्कि दर्शकों के पंडाल में से एंट्री ली। अली असगर ने दर्शक दीर्घा में खूब वक्त गुजारा और वहीं पर दर्शकों से मुखातिब होते हुए अपनी टिप्पणियों से खूब चुटकियां लीं।
अली असगर के दर्शकों से ज्यादा मुखातिब होने को लेकर इवेंट मैनेजर ने इस बात के लिए उन्हें संकेत भी किया, लेकिन उन्होंने भी आश्वस्त किया कि वह जनता की नब्ज पकड़ना जानते हैं।
अली असगर ने प्रस्तुति देते हुए अलीगढ़ी ताले का भी जिक्र किया और कहा कि यही ताला उन्होंने अपनी कमर के कपड़े में भी बांध रखा है। इस पर पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। लाफ्टर शो में वीआईपी यानी विजय ईश्वर प्रसाद और अतुल पंडित ने भी अपनी प्रस्तुति दी। देर रात तक दर्शक हंसी और ठहाकों की महफिल का लुत्फ उठाते रहे।
आज के हास्य में ठहराव नहीं है: वीआईपी
लाफ्टर चैंपियन वीआईपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देखने में आ रहा है कि हास्य के नाम पर फूहड़ता हावी होती जा रही है। जबकि हास्य में एक ठहराव होना चाहिए। वह अहसास जो दर्शक के मन में कहीं गुदगुदी करता रहता है। हालांकि लोगों को हंसाना बेहद कठिन काम है, लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं।
शाहरुख के नाम से रोजी रोटी है: जय विजय सचान
लाफ्टर जय विजय सचान ने कहा कि शाहरुख खान की मिमिक्री के चलते उन्हें जान की धमकी भी मिली। लेकिन उन्हें खुशी है कि वह शाहरुख के नाम से ही रोजी रोटी चला पा रहे हैं। अब लोग इस बात को पहचान भी रहे हैं कि वह सिर्फ एक सतही नकल भर नहीं थी, बल्कि एक कलाकार को अपने अंदर समा लेने का जज्बा था।
मोदी की स्वच्छता की पहल सराहनीय: अली असगर
दादी यानी अली असगर ने कहा कि हम तो कलाकार हैं, लेकिन हमारे भी सामाजिक सरोकर हैं। देश के प्रधानमंत्री ने जिस स्वच्छ भारत अभियान के लिए अपील की है वह जबरदस्त है। क्योंकि स्वच्छता न होने से बहुत सी समस्याएं पैदा होती हैं। स्वच्छता जहां है वहां कई समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। इसलिए इस अभियान के लिए हम जितना लोगों को जागरूक कर सकें अच्छा है।
गंगूबाई मेरी पहचान बन चुकी है: सलोनी
सलोनी यानी गंगूबाई ने कहा कि मैं बहुत कम उम्र से गंगूबाई का किरदार निभा रही हूं। अब यही मेरी पहचान भी बना है। इसने मुझे प्रसिद्धि दिलाई है। लोगों के जेहन में अब भी मेरी बहुत कम उम्र वाली छवि है जब मेरे दांत नहीं थे। मैं गंगूबाई के रूप में कुछ भी बोल सकती हूं, लेकिन मर्यादा में रहकर। जैसे ही मैं इस किरदार में आती हूं मेरा सब कुछ बदल चुका होता है।
रीमिक्स आ गया, लेकिन स्वर वही है: अतुल पंडित
लाफ्टर के साथ संगीत का तड़का लगाने आए अतुल पंडित ने कहा कि संगीत शाश्वत है। आजकल देखा जा रहा है कि रीमिक्स आ रहा है, लेकिन स्वर वहीं है। यानि उस समय जो संगीत रचा गया वह आज भी पसंद आ रहा है। पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन कर्णप्रियता नहीं। जो रीमिक्स हो रहा है वह वो संगीत है जिसका नशा वक्त भी कम नहीं कर सका। आज भी जब गानों की बात होती है तो वही गाने सामने आते हैं।
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टीवी से पैदा हुए लॉफ्टर चैंपियन और उनकी प्रस्तुति ने मंगलवार को नुमाइश के कोहिनूर मंच पर दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। अली असगर यानी दाद्री, वीआईपी, जय विजय सचान, सलोनी यानी गंगूबाई और सिंगर अतुल पंडित की एक से बढ़कर एक हास्य प्रस्तुतियों ने लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
अली असगर और सलोनी यानी गंगूबाई ने मंच से उतरकर डीएम, एडीएम सहित दर्शकों के साथ सीधा संवाद भी किया और उसमें भी हंसी के मौके खोज लिए।
इससे पूर्व लाफ्टर शो का उद्घाटन डीएम, एडीएम, कोल विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल पाराशर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। प्रस्तुति देने आई सलोनी ने अपने सवालों में एडीएम सिटी और डीएम को भी उलझा दिया।
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सलोनी ने एडीएम से पूछा हम पानी क्यों पीते हैं, इसी तरह डीएम से पूछा आटो वाला गलत साइड जा रहा था, पुलिस ने क्यों नहीं रोका, अधिकारियों ने भी इस हल्के फुल्के लम्हों का खूब आनंद लिया। इसके बाद प्रस्तुति देने आए जय विजय ने विभिन्न कलाकारों की आवाज और अंदाज की मिमिक्री करके समा बांध दिया।
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लाफ्टर का रोमांच उस समय चरम पर पहुंच गया जब कामेडी विद कपिल शर्मा शो में दादी का किरदार निभाने वाले अली असगर ने मंच से नहीं, बल्कि दर्शकों के पंडाल में से एंट्री ली। अली असगर ने दर्शक दीर्घा में खूब वक्त गुजारा और वहीं पर दर्शकों से मुखातिब होते हुए अपनी टिप्पणियों से खूब चुटकियां लीं।
अली असगर के दर्शकों से ज्यादा मुखातिब होने को लेकर इवेंट मैनेजर ने इस बात के लिए उन्हें संकेत भी किया, लेकिन उन्होंने भी आश्वस्त किया कि वह जनता की नब्ज पकड़ना जानते हैं।
अली असगर ने प्रस्तुति देते हुए अलीगढ़ी ताले का भी जिक्र किया और कहा कि यही ताला उन्होंने अपनी कमर के कपड़े में भी बांध रखा है। इस पर पंडाल ठहाकों से गूंज उठा। लाफ्टर शो में वीआईपी यानी विजय ईश्वर प्रसाद और अतुल पंडित ने भी अपनी प्रस्तुति दी। देर रात तक दर्शक हंसी और ठहाकों की महफिल का लुत्फ उठाते रहे।
आज के हास्य में ठहराव नहीं है: वीआईपी
लाफ्टर चैंपियन वीआईपी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देखने में आ रहा है कि हास्य के नाम पर फूहड़ता हावी होती जा रही है। जबकि हास्य में एक ठहराव होना चाहिए। वह अहसास जो दर्शक के मन में कहीं गुदगुदी करता रहता है। हालांकि लोगों को हंसाना बेहद कठिन काम है, लेकिन इतना मुश्किल भी नहीं।
शाहरुख के नाम से रोजी रोटी है: जय विजय सचान
लाफ्टर जय विजय सचान ने कहा कि शाहरुख खान की मिमिक्री के चलते उन्हें जान की धमकी भी मिली। लेकिन उन्हें खुशी है कि वह शाहरुख के नाम से ही रोजी रोटी चला पा रहे हैं। अब लोग इस बात को पहचान भी रहे हैं कि वह सिर्फ एक सतही नकल भर नहीं थी, बल्कि एक कलाकार को अपने अंदर समा लेने का जज्बा था।
मोदी की स्वच्छता की पहल सराहनीय: अली असगर
दादी यानी अली असगर ने कहा कि हम तो कलाकार हैं, लेकिन हमारे भी सामाजिक सरोकर हैं। देश के प्रधानमंत्री ने जिस स्वच्छ भारत अभियान के लिए अपील की है वह जबरदस्त है। क्योंकि स्वच्छता न होने से बहुत सी समस्याएं पैदा होती हैं। स्वच्छता जहां है वहां कई समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। इसलिए इस अभियान के लिए हम जितना लोगों को जागरूक कर सकें अच्छा है।
गंगूबाई मेरी पहचान बन चुकी है: सलोनी
सलोनी यानी गंगूबाई ने कहा कि मैं बहुत कम उम्र से गंगूबाई का किरदार निभा रही हूं। अब यही मेरी पहचान भी बना है। इसने मुझे प्रसिद्धि दिलाई है। लोगों के जेहन में अब भी मेरी बहुत कम उम्र वाली छवि है जब मेरे दांत नहीं थे। मैं गंगूबाई के रूप में कुछ भी बोल सकती हूं, लेकिन मर्यादा में रहकर। जैसे ही मैं इस किरदार में आती हूं मेरा सब कुछ बदल चुका होता है।
रीमिक्स आ गया, लेकिन स्वर वही है: अतुल पंडित
लाफ्टर के साथ संगीत का तड़का लगाने आए अतुल पंडित ने कहा कि संगीत शाश्वत है। आजकल देखा जा रहा है कि रीमिक्स आ रहा है, लेकिन स्वर वहीं है। यानि उस समय जो संगीत रचा गया वह आज भी पसंद आ रहा है। पीढ़ियां बदलती हैं, लेकिन कर्णप्रियता नहीं। जो रीमिक्स हो रहा है वह वो संगीत है जिसका नशा वक्त भी कम नहीं कर सका। आज भी जब गानों की बात होती है तो वही गाने सामने आते हैं।