{"_id":"596a6afe4f1c1b52598b4596","slug":"8-licenses-of-pump-owners-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ पंप स्वामियों के लाइसेंस निलंबित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ पंप स्वामियों के लाइसेंस निलंबित
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sun, 16 Jul 2017 01:35 AM IST
विज्ञापन
petrol pump
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के आठ पेट्रोल पंपों के स्वामियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इन सभी पर डिस्पेंसर यूनिट के पल्सर बोर्ड में छेड़छाड़, अलग से तार और टांके लगाने सहित अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जिसके खिलाफ संबंधित थानों में पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई के बाद सभी पंप स्वामियों को सुनवाई और अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई के बाद संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों को भी रिपोर्ट जाएगी। जहां से लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। जिन दो पंपों पर घटतौली मिली है उन पर कंपाउंडिंग की कार्रवाई हो रही है।
सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह ने कहा कि जिन पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज हुआ है। उनसे संबंधित पेट्रोलियम कंपनियां उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई 15 से 20 दिन में पूरी करेंगी। इनके लाइसेंस एक बार निरस्त होने के बाद दोबारा बनना बहुत मुश्किल है, क्योंकि ये डीलर्स कंपनियों के रिकार्ड में ब्लैक लिस्टेड हो जाएंगे। यही नहीं अगर इनके परिजन भी पंप संचालित करना चाहेंगे तो भी उनको कड़े इम्तिहान से गुजरना होगा। जो आसान नहीं है। इसलिए अब दोबारा लाइसेंस मिलना बहुत मुश्किल है।
विज्ञापन
दो में मिली थी घटतौली
17 जून को इगलास कृषि विकास केंद्र टीकापुर इगलास में घटतौली मिली, ये पंप वीपीसीएल कंपनी का है।
16 जून को कमलेश ऑयल कंपनी अलीगढ़ मथुरा रोड सासनीगेट में भी घटतौली मिली, ये पंप एस्सार का है।
इन आठ पंपों के लाइसेंस हुए निलंबित
06 मई को स्टैंडर्ड ऑटो मोबाइल एटा चुंगी चौराहा की चेकिंग में जेड लाइन मॉडल की मशीन के पल्सर कार्ड की आईसी पर सोल्डरिंग मिली। ये पंप एचपीसीएल कंपनी का है।
11 मई को नवभारत ऑटो मोबाइल जीटी रोड पर पल्सर बोर्ड की आईसी पर टैंपरिंग के निशान मिले। ये पंप भी एचपीसी कंपनी का है।
01 जून को गौतम गौतम इंडियन ऑयल टैंटी रोड बिरौला खैर में डिस्पेंसिंग मशीन के एन टू नाजिल के पल्सर में संदिग्ध छेड़छाड़ मिली। ये आईओसीएल कंपनी का पंप है।
03 जून को पंडित नेकराम शर्मा फ्यूल स्टेशन टप्पल पलवल रोड की डिस्पेंसरिंग मशीन में अतिरिक्त तार पाया गया। ये पंप एस्सार कंपनी का है।
07 जून को एमएस एस्सार फ्यूल प्वाइंट बरौली बाईपास रोड में चारों पल्सर में तारों के द्वारा सोल्डरिंग की गई मिली। ये पंप भी एस्सार कंपनी का है।
13 जून को शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन नरौना अकापुर में एचएसडी पल्सर को जाने वाली केबिल टैंपर मिली और अतिरिक्त तार की छेड़छाड़ मिली थी। ये पंप आईओसीएल कंपनी का है।
21 जून को महेश्वरी किसान सेवा केंद्र छर्रा रोड अतरौली में डिस्पेंसरिंग मशीन में संदिग्ध टैंपरिंग पाई गई। ये आईओसीएल कंपनी का पंप है।
23 जून को सार्थक फिलिंग स्टेशन अतरौली छर्रा रोड कल्यान नगर अतरौली में डिस्पेंसिंग यूनिट में संदिग्ध टैपरिंग पाई गई। ये पंप एस्सार कंपनी का है।
विज्ञापन
जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई के बाद सभी पंप स्वामियों को सुनवाई और अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का मौका दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई के बाद संबंधित पेट्रोलियम कंपनियों को भी रिपोर्ट जाएगी। जहां से लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी। जिन दो पंपों पर घटतौली मिली है उन पर कंपाउंडिंग की कार्रवाई हो रही है।
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह ने कहा कि जिन पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज हुआ है। उनसे संबंधित पेट्रोलियम कंपनियां उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई 15 से 20 दिन में पूरी करेंगी। इनके लाइसेंस एक बार निरस्त होने के बाद दोबारा बनना बहुत मुश्किल है, क्योंकि ये डीलर्स कंपनियों के रिकार्ड में ब्लैक लिस्टेड हो जाएंगे। यही नहीं अगर इनके परिजन भी पंप संचालित करना चाहेंगे तो भी उनको कड़े इम्तिहान से गुजरना होगा। जो आसान नहीं है। इसलिए अब दोबारा लाइसेंस मिलना बहुत मुश्किल है।
विज्ञापन
दो में मिली थी घटतौली
17 जून को इगलास कृषि विकास केंद्र टीकापुर इगलास में घटतौली मिली, ये पंप वीपीसीएल कंपनी का है।
16 जून को कमलेश ऑयल कंपनी अलीगढ़ मथुरा रोड सासनीगेट में भी घटतौली मिली, ये पंप एस्सार का है।
इन आठ पंपों के लाइसेंस हुए निलंबित
06 मई को स्टैंडर्ड ऑटो मोबाइल एटा चुंगी चौराहा की चेकिंग में जेड लाइन मॉडल की मशीन के पल्सर कार्ड की आईसी पर सोल्डरिंग मिली। ये पंप एचपीसीएल कंपनी का है।
11 मई को नवभारत ऑटो मोबाइल जीटी रोड पर पल्सर बोर्ड की आईसी पर टैंपरिंग के निशान मिले। ये पंप भी एचपीसी कंपनी का है।
01 जून को गौतम गौतम इंडियन ऑयल टैंटी रोड बिरौला खैर में डिस्पेंसिंग मशीन के एन टू नाजिल के पल्सर में संदिग्ध छेड़छाड़ मिली। ये आईओसीएल कंपनी का पंप है।
03 जून को पंडित नेकराम शर्मा फ्यूल स्टेशन टप्पल पलवल रोड की डिस्पेंसरिंग मशीन में अतिरिक्त तार पाया गया। ये पंप एस्सार कंपनी का है।
07 जून को एमएस एस्सार फ्यूल प्वाइंट बरौली बाईपास रोड में चारों पल्सर में तारों के द्वारा सोल्डरिंग की गई मिली। ये पंप भी एस्सार कंपनी का है।
13 जून को शहीद राजवीर सिंह फिलिंग स्टेशन नरौना अकापुर में एचएसडी पल्सर को जाने वाली केबिल टैंपर मिली और अतिरिक्त तार की छेड़छाड़ मिली थी। ये पंप आईओसीएल कंपनी का है।
21 जून को महेश्वरी किसान सेवा केंद्र छर्रा रोड अतरौली में डिस्पेंसरिंग मशीन में संदिग्ध टैंपरिंग पाई गई। ये आईओसीएल कंपनी का पंप है।
23 जून को सार्थक फिलिंग स्टेशन अतरौली छर्रा रोड कल्यान नगर अतरौली में डिस्पेंसिंग यूनिट में संदिग्ध टैपरिंग पाई गई। ये पंप एस्सार कंपनी का है।