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संक्रामक रोगों के प्रकोप के बीच जिला अस्पताल में डेंगू का एक और मरीज भर्ती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:45 AM IST
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शहर में संक्रामक रोगों के प्रकोप के बीच ही डेंगू के मामले भी प्रकाश में आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को डेंगू से पीड़ित पैथोलॉजी लैब कर्मी की मौत के बाद गुरुवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में डेंगू का एक मरीज भर्ती हुआ है। उसे वार्ड नंबर सात में भर्ती कराया गया है। गुरुवार को सलमानी एकता मंच के पदाधिकारी और बसपा नेता फरहान सलमानी पीड़ित से मिलने पहुंचे।
मालवीय पुस्तकालय के पास मालवीय मार्केट में रहने वाला आयूब टिर्री चलाता है। कुछ दिन पहले उसे बुखार हो गया। कई दिन तक जब बुखार नहीं उतरा तो उसे मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में दिखाया गया। जहां रक्त परीक्षण के बाद उसे डेंगू की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
दो दिन पहले ही डेंगू से पैथोलॉजी कर्मी योगेंद्र सिंह की मौत हुई थी। शहर में संक्रामक रोगों की स्थिति यह है कि एक बार पीड़ित हुए व्यक्ति भी इसके पीड़ित हो रहे हैं।
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जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि सामान्यत: यह देखा जाता है कि जैसे किसी को एक बार चिकनगुनिया हो जाए तो उसके दोबारा चिकनगुनिया होने की संभावना खत्म हो जाती है, क्योंकि उसके शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो जाती है, लेकिन उनके परिचय क्षेत्र में ही ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें एक बार चिकनगुनिया होने पर मरीज को अगले वर्ष फिर से चिकनगुनिया हो गया।
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मालवीय पुस्तकालय के पास मालवीय मार्केट में रहने वाला आयूब टिर्री चलाता है। कुछ दिन पहले उसे बुखार हो गया। कई दिन तक जब बुखार नहीं उतरा तो उसे मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में दिखाया गया। जहां रक्त परीक्षण के बाद उसे डेंगू की पुष्टि हुई। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
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दो दिन पहले ही डेंगू से पैथोलॉजी कर्मी योगेंद्र सिंह की मौत हुई थी। शहर में संक्रामक रोगों की स्थिति यह है कि एक बार पीड़ित हुए व्यक्ति भी इसके पीड़ित हो रहे हैं।
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जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान कहती हैं कि सामान्यत: यह देखा जाता है कि जैसे किसी को एक बार चिकनगुनिया हो जाए तो उसके दोबारा चिकनगुनिया होने की संभावना खत्म हो जाती है, क्योंकि उसके शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो जाती है, लेकिन उनके परिचय क्षेत्र में ही ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें एक बार चिकनगुनिया होने पर मरीज को अगले वर्ष फिर से चिकनगुनिया हो गया।