{"_id":"5bce354ebdec2269960bafb3","slug":"71540240718-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस
Updated Tue, 23 Oct 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
आवास विकास परिषद ने रेलवे रोड स्थित इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस थमा दिये हैं। हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहे बरामदा विवाद में पक्ष में निर्णय आने के बाद विभागीय अफसरों ने यह कार्रवाई की है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि या तो वे मार्केट के बरामदे से अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा उन्हें तोड़ दिया जाएगा
। इधर दुकानदारों ने इस मामले में न्यायालय में रीस्टोरेशन फाइल करने का दावा किया है। बताते चलें कि आवास विकास परिषद एवं इंद्रा मार्केट के दुकानदारों में लंबे समय से बरामदे पर अधिकार को लेकर रस्साकशी चल रही है। आवास विकास का कहना है कि दुकानदारों ने अवैध रूप से बरामदे पर कब्जा कर लिया है। जबकि दुकानदार शासन के नियमों का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि नियम में दुकानदारों को बरामदा व गैलरी का इस्तेमाल करने की छूट है।
हम इस बरामदे व गैलरी को अपने नाम आवंटित करा सकते हैं। हमारी मांग भी यही है कि विभाग इसे शुल्क लेकर हमारे नाम कर दे। यह मामला लंबे समय से उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। 31 जुलाई 2018 को न्यायालय ने इस मामले का डिस्पोजल करते हुए निर्णय आवास विकास के हक में दिया। एक्सईएन एसके फाजली ने स्वीकार किया कि अपने हक में निर्णय आने के बाद परिषद ने इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस जारी किये हैं। इधर इंद्रा मार्केट के दुकानदार प्रियांक गुप्ता ने दावा किया कि हमारे अधिवक्ताओं ने इस मामले में कोर्ट में रीस्टोरेशन फाइल किया है। जल्द ही इसकी कापी विभाग को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवास विकास परिषद ने रेलवे रोड स्थित इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस थमा दिये हैं। हाईकोर्ट में लंबे समय से चल रहे बरामदा विवाद में पक्ष में निर्णय आने के बाद विभागीय अफसरों ने यह कार्रवाई की है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि या तो वे मार्केट के बरामदे से अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा उन्हें तोड़ दिया जाएगा
। इधर दुकानदारों ने इस मामले में न्यायालय में रीस्टोरेशन फाइल करने का दावा किया है। बताते चलें कि आवास विकास परिषद एवं इंद्रा मार्केट के दुकानदारों में लंबे समय से बरामदे पर अधिकार को लेकर रस्साकशी चल रही है। आवास विकास का कहना है कि दुकानदारों ने अवैध रूप से बरामदे पर कब्जा कर लिया है। जबकि दुकानदार शासन के नियमों का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि नियम में दुकानदारों को बरामदा व गैलरी का इस्तेमाल करने की छूट है।
विज्ञापन
हम इस बरामदे व गैलरी को अपने नाम आवंटित करा सकते हैं। हमारी मांग भी यही है कि विभाग इसे शुल्क लेकर हमारे नाम कर दे। यह मामला लंबे समय से उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। 31 जुलाई 2018 को न्यायालय ने इस मामले का डिस्पोजल करते हुए निर्णय आवास विकास के हक में दिया। एक्सईएन एसके फाजली ने स्वीकार किया कि अपने हक में निर्णय आने के बाद परिषद ने इंद्रा मार्केट के 32 दुकानदारों को नोटिस जारी किये हैं। इधर इंद्रा मार्केट के दुकानदार प्रियांक गुप्ता ने दावा किया कि हमारे अधिवक्ताओं ने इस मामले में कोर्ट में रीस्टोरेशन फाइल किया है। जल्द ही इसकी कापी विभाग को भेज दी जाएगी।
विज्ञापन