{"_id":"5ab6b44e4f1c1b2c678b47cb","slug":"71521923150-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवालों से बचते नजर आए विधायक अब्दुल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवालों से बचते नजर आए विधायक अब्दुल्ला
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
कैनेडी हाल में छात्रों के सवालों को सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने नजरअंदाज किया। छात्रों ने सवालों की झड़ी लगा दी।
जैसे सपा ने 18 फीसदी वादा करके पूरा क्यों नहीं किया? सपा सरकार में मुजफ्फरनगर दंगों में शामली में रह रहे शरणार्थीयों पर मुकदमे क्यों कराये गए?, राष्ट्रपति चुनाव में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने भाजपा को वोट क्यों कराया? छात्र नेता इमरान खान, आमिर मिंटो ने बताया कि अब्दुल्ला से सवाल पूछने के लिए मंच की तरफ बढ़े, लेकिन सचिव मोहम्मद फहद ने कहा कि सवाल जवाब का सत्र अभी कुछ देर में होगा।
इसी बीच विधायक मंच से उठकर चल दिए। इस दौरान उनसे सवाल किए गए तो वह मुकर गए। छात्र नेता इमरान खान ने अपने फोन में घोषणा पत्र निकाल कर दिखाया तो विधायक उसे नजरअंदाज करके कार में बैठकर चले गए।
उधर, छात्र नेता हुजैफा आमिर रशीदी ने कहा कि विधायक अब्दुल्ला आजम ने एएमयू अल्पसंख्यक दर्जे की बात की, वह उस वक्त कहां थे, जब उनकी सरकार थी। 224 विधायक थे। वह चाहते थे, वह इस मुद्दे को मजबूती से उठा सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैनेडी हाल में छात्रों के सवालों को सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने नजरअंदाज किया। छात्रों ने सवालों की झड़ी लगा दी।
जैसे सपा ने 18 फीसदी वादा करके पूरा क्यों नहीं किया? सपा सरकार में मुजफ्फरनगर दंगों में शामली में रह रहे शरणार्थीयों पर मुकदमे क्यों कराये गए?, राष्ट्रपति चुनाव में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने भाजपा को वोट क्यों कराया? छात्र नेता इमरान खान, आमिर मिंटो ने बताया कि अब्दुल्ला से सवाल पूछने के लिए मंच की तरफ बढ़े, लेकिन सचिव मोहम्मद फहद ने कहा कि सवाल जवाब का सत्र अभी कुछ देर में होगा।
इसी बीच विधायक मंच से उठकर चल दिए। इस दौरान उनसे सवाल किए गए तो वह मुकर गए। छात्र नेता इमरान खान ने अपने फोन में घोषणा पत्र निकाल कर दिखाया तो विधायक उसे नजरअंदाज करके कार में बैठकर चले गए।
विज्ञापन
उधर, छात्र नेता हुजैफा आमिर रशीदी ने कहा कि विधायक अब्दुल्ला आजम ने एएमयू अल्पसंख्यक दर्जे की बात की, वह उस वक्त कहां थे, जब उनकी सरकार थी। 224 विधायक थे। वह चाहते थे, वह इस मुद्दे को मजबूती से उठा सकते थे।
विज्ञापन