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हादसे में बुझ गया अरविंद के घर का चिराग
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:47 AM IST
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हादसे में बुझ गया अरविंद के घर का चिराग
ब्यूरो,अमर उजाला,अलीगढ़।
तेजपुर पर हुए हादसे में बुलंदशहर के छतारी के गांव बहलोलपुर निवासी अरविंद शर्मा के घर का इकलौता चिराग बुझ गया। जब यह खबर परिवार तक पहुंची तो मानो पैरों तले जमीन खिसक गई।
अलीगढ़ के कारखाने में काम करने वाले पिता के अलावा मां व दो बहनों का हाल बेहाल हो गया। कमोबेश यही हालत श्याम व युग के घर की थी। कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर यह क्या हुआ।
यहां ट्रॉमा सेंटर आए व पोस्टमार्टम केंद्र आए परिजनों की मानें तो अरविंद के तीन बच्चों में शुभम इकलौता था। अरविंद खुद अलीगढ़ के एक कारखाने में काम करते हैं।
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सुबह रोजाना की तरह बेटा हंसी खुशी कॉलेज के लिए निकला था, मगर किसी को न पता था कि इस तरह की खबर आएगी। श्याम के परिवार की बात करें तो उसके पिता विनोद नोएडा की कंपनी में जॉब करते हैं।
वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। युग श्याम के ताऊ के बेटे रामू का बेटा है। युग को बाइक पर घूमने का शौक लग गया है। इसी शौक के चलते वह चाचा के संग बाइक पर घूमने के लिए निकला था। मगर किसी को न पता था कि कुछ ही देर में इस तरह की खबर मिलने वाली है।
कॉलेज प्रबंधन व छात्रों ने स्पीड ब्रेकर की मांग की
जैसे ही इस हादसे की खबर अमृता सिंह डिग्री कॉलेज में पहुंची, वैसे ही कॉलेज में भगदड़ की स्थिति बन गई। वहां पता चला कि मृत कॉलेज का ही छात्र है तो मौन धारण कराने के बाद शोकावकाश घोषित कर दिया गया।
इस दौरान छात्रों व प्रबंधन ने कहा कि इस रोड पर ट्रैफिक तेज गति से चलता है। जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। शासन से मांग की गई कि कॉलेज के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, जिससे कि वाहन धीमी गति से चलें और हादसे न हो सकें। इस मौके पर डायरेक्टर सोहनलाल अग्रवाल, ललित शर्मा, कपिल कुमार, डा. रुबीना नसीम, जितेंद्र प्रताप सिंह, लतिका सिंह, आशा वाडिया, उमाशंकर शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
पहले उड़ी बस में यात्रियों के जलने की खबर
शुरुआत में लोगों ने मौके से पुलिस को यह खबर दे दी कि बस में सवार यात्री भी जल गए हैं और कई की मौत हो गई है। इस सूचना पर पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। दमकलों व एंबुलेंसों के साथ पुलिस प्रशासनिक अमला मौके की ओर दौड़ पड़ा। मगर जब मौके पर पहुंचकर असलियत समझ में आई तो सभी ने राहत की सांस ली।
भगदड़ के साथ झटके से खाली हुई बस
जब राहगीरों ने हादसे के बाद बस के नीचे आग व चिंगारी का शोर मचाया तो बस चालक समझ गया और उसने बस के अंदर आग का शोर मचा दिया। इस पर जिसको जैसे जहां से जगह मिली, वह बस से उतरते हुए भाग छूटा। युवा उम्र के लोग तो बसों की खिड़कियों से ही कूद पड़े, जबकि बच्चे, बड़े व महिलाएं दरवाजे से चीखते चिल्लाते हुए निकल पड़े। बाद में बाहर आने पर उन्होंने राहत की सांस ली।
एहतियातन बस से दूर हटाया गया भीड़ को
चूंकि बस में आग लग चुकी थी, इसलिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को आग से काफी दूर पर रोक दिया। अंदेशा यह था कि आग के कारण कहीं बस का डीजल टैंक आदि न फट जाए।
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ब्यूरो,अमर उजाला,अलीगढ़।
तेजपुर पर हुए हादसे में बुलंदशहर के छतारी के गांव बहलोलपुर निवासी अरविंद शर्मा के घर का इकलौता चिराग बुझ गया। जब यह खबर परिवार तक पहुंची तो मानो पैरों तले जमीन खिसक गई।
अलीगढ़ के कारखाने में काम करने वाले पिता के अलावा मां व दो बहनों का हाल बेहाल हो गया। कमोबेश यही हालत श्याम व युग के घर की थी। कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर यह क्या हुआ।
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यहां ट्रॉमा सेंटर आए व पोस्टमार्टम केंद्र आए परिजनों की मानें तो अरविंद के तीन बच्चों में शुभम इकलौता था। अरविंद खुद अलीगढ़ के एक कारखाने में काम करते हैं।
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सुबह रोजाना की तरह बेटा हंसी खुशी कॉलेज के लिए निकला था, मगर किसी को न पता था कि इस तरह की खबर आएगी। श्याम के परिवार की बात करें तो उसके पिता विनोद नोएडा की कंपनी में जॉब करते हैं।
वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। युग श्याम के ताऊ के बेटे रामू का बेटा है। युग को बाइक पर घूमने का शौक लग गया है। इसी शौक के चलते वह चाचा के संग बाइक पर घूमने के लिए निकला था। मगर किसी को न पता था कि कुछ ही देर में इस तरह की खबर मिलने वाली है।
कॉलेज प्रबंधन व छात्रों ने स्पीड ब्रेकर की मांग की
जैसे ही इस हादसे की खबर अमृता सिंह डिग्री कॉलेज में पहुंची, वैसे ही कॉलेज में भगदड़ की स्थिति बन गई। वहां पता चला कि मृत कॉलेज का ही छात्र है तो मौन धारण कराने के बाद शोकावकाश घोषित कर दिया गया।
इस दौरान छात्रों व प्रबंधन ने कहा कि इस रोड पर ट्रैफिक तेज गति से चलता है। जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। शासन से मांग की गई कि कॉलेज के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, जिससे कि वाहन धीमी गति से चलें और हादसे न हो सकें। इस मौके पर डायरेक्टर सोहनलाल अग्रवाल, ललित शर्मा, कपिल कुमार, डा. रुबीना नसीम, जितेंद्र प्रताप सिंह, लतिका सिंह, आशा वाडिया, उमाशंकर शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।
पहले उड़ी बस में यात्रियों के जलने की खबर
शुरुआत में लोगों ने मौके से पुलिस को यह खबर दे दी कि बस में सवार यात्री भी जल गए हैं और कई की मौत हो गई है। इस सूचना पर पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। दमकलों व एंबुलेंसों के साथ पुलिस प्रशासनिक अमला मौके की ओर दौड़ पड़ा। मगर जब मौके पर पहुंचकर असलियत समझ में आई तो सभी ने राहत की सांस ली।
भगदड़ के साथ झटके से खाली हुई बस
जब राहगीरों ने हादसे के बाद बस के नीचे आग व चिंगारी का शोर मचाया तो बस चालक समझ गया और उसने बस के अंदर आग का शोर मचा दिया। इस पर जिसको जैसे जहां से जगह मिली, वह बस से उतरते हुए भाग छूटा। युवा उम्र के लोग तो बसों की खिड़कियों से ही कूद पड़े, जबकि बच्चे, बड़े व महिलाएं दरवाजे से चीखते चिल्लाते हुए निकल पड़े। बाद में बाहर आने पर उन्होंने राहत की सांस ली।
एहतियातन बस से दूर हटाया गया भीड़ को
चूंकि बस में आग लग चुकी थी, इसलिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को आग से काफी दूर पर रोक दिया। अंदेशा यह था कि आग के कारण कहीं बस का डीजल टैंक आदि न फट जाए।