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साबित किया जाएगा रूल ऑफ लॉ: आईजी
Updated Thu, 03 Aug 2017 01:54 AM IST
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साबित किया जाएगा रूल ऑफ लॉ: आईजी
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ रेंज के पहले पुलिस महानिरीक्षक के रूप में डॉ. संजीव गुप्ता ने मंगलवार रात यहां आकर कार्यभार ग्रहण करने के बाद बुधवार को काम शुरू कर दिया। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह साबित किया जाएगा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है। अपराध को शून्य पर करना उनकी प्राथमिकता होगी और पूरे अमले को उनके साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि वह तुलनात्मक आंकड़ोें में यकीन नहीं करेंगे कि पिछली साल दस हत्याएं थी तो इस साल आठ हो गई हैं। अपराध कम करना उनका लक्ष्य नहीं होगा, बल्कि अपराध को जीरो करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी को आगे आना होगा और पूरे सिस्टम को काम करना होगा। सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
रूल ऑफ लॉ यानि कानून का राज ही कायम रहेगा और उनके कार्यकाल में यही नजर आएगा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है। पेशेवर अपराधियों पर पैनी निगाह रखी जाएगी। क्योंकि पेशेवर अपराधी ही ज्यादातर अपराधों को अंजाम देते हैं। पुलिस उन्हें अच्छी तरह जानती है। नया आदमी अपराध करने से पहले डरता है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की और कहा कि लोग अपराधियों की खिलाफ आवाज उठाएं। किसी भी घटना को लेकर आंखें बंद न करें। उनकी शिकायतों व सूचनाओं पर कार्रवाई होगी। जनता और पुलिस के बीच संवादहीनता नहीं रहेगी और इसे समाप्त किया जाएगा।
यह भी कहा कि अलीगढ़ सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील है। इस पर भी विशेष निगाह रखी जाएगी। जनसंपर्क बढ़ाया जाएगा। कहा कि पुलिस अपना आचरण सुधारे और पब्लिक से अच्छे रिश्ते कायम करे। वर्ष 1999 बैंच के आईपीएस डॉ. संजीव गुप्ता मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। वह एमबीबीएस और एमडी भी हैं।
ब्यूरोक्रेसी में काम करने की इच्छा उन्हें सिविल सर्विस में ले आई। वह वर्ष 2001 में अलीगढ़ में ट्रेनी आईपीएस रह चुके हैं। पुलिस में उनकी तैनाती आगरा, मुज्जफरनगर, बरेली, रामपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद आदि स्थानों पर रही है। वह बनारस, लखनऊ, गोरखपुर में डीआईजी रहे है। यहां तैनाती से पहले वह आईजी पुलिस मुख्यालय (भवन निर्माण व कल्याण) के पद पर थे।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़ रेंज के पहले पुलिस महानिरीक्षक के रूप में डॉ. संजीव गुप्ता ने मंगलवार रात यहां आकर कार्यभार ग्रहण करने के बाद बुधवार को काम शुरू कर दिया। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह साबित किया जाएगा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है। अपराध को शून्य पर करना उनकी प्राथमिकता होगी और पूरे अमले को उनके साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि वह तुलनात्मक आंकड़ोें में यकीन नहीं करेंगे कि पिछली साल दस हत्याएं थी तो इस साल आठ हो गई हैं। अपराध कम करना उनका लक्ष्य नहीं होगा, बल्कि अपराध को जीरो करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए सभी को आगे आना होगा और पूरे सिस्टम को काम करना होगा। सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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रूल ऑफ लॉ यानि कानून का राज ही कायम रहेगा और उनके कार्यकाल में यही नजर आएगा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है। पेशेवर अपराधियों पर पैनी निगाह रखी जाएगी। क्योंकि पेशेवर अपराधी ही ज्यादातर अपराधों को अंजाम देते हैं। पुलिस उन्हें अच्छी तरह जानती है। नया आदमी अपराध करने से पहले डरता है।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की और कहा कि लोग अपराधियों की खिलाफ आवाज उठाएं। किसी भी घटना को लेकर आंखें बंद न करें। उनकी शिकायतों व सूचनाओं पर कार्रवाई होगी। जनता और पुलिस के बीच संवादहीनता नहीं रहेगी और इसे समाप्त किया जाएगा।
यह भी कहा कि अलीगढ़ सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील है। इस पर भी विशेष निगाह रखी जाएगी। जनसंपर्क बढ़ाया जाएगा। कहा कि पुलिस अपना आचरण सुधारे और पब्लिक से अच्छे रिश्ते कायम करे। वर्ष 1999 बैंच के आईपीएस डॉ. संजीव गुप्ता मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं। वह एमबीबीएस और एमडी भी हैं।
ब्यूरोक्रेसी में काम करने की इच्छा उन्हें सिविल सर्विस में ले आई। वह वर्ष 2001 में अलीगढ़ में ट्रेनी आईपीएस रह चुके हैं। पुलिस में उनकी तैनाती आगरा, मुज्जफरनगर, बरेली, रामपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद आदि स्थानों पर रही है। वह बनारस, लखनऊ, गोरखपुर में डीआईजी रहे है। यहां तैनाती से पहले वह आईजी पुलिस मुख्यालय (भवन निर्माण व कल्याण) के पद पर थे।